हैदराबाद के हयातनगर में एक्साइज STF ने ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए तीन आईटी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 7.44 ग्राम MDMA बरामद हुई। आरोपी बेंगलुरु से सस्ती कीमत में ड्रग लाकर हैदराबाद में महंगे दामों पर बेच रहे थे।
हैदराबाद: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पुलिस और एक्साइज विभाग ने एक बड़े ड्रग रैकेट का पर्दाफाश करते हुए तीन आईटी प्रोफेशनल्स को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 7.44 ग्राम MDMA ड्रग बरामद की गई है। यह कार्रवाई हयातनगर इलाके के समन नगर में एक्साइज स्टेट टास्क फोर्स (STF) की टीम द्वारा की गई। अधिकारियों के मुताबिक आरोपी बेंगलुरु से ड्रग्स मंगाकर हैदराबाद में ऊंचे दामों पर बेच रहे थे।
इस मामले ने आईटी सेक्टर में काम करने वाले युवाओं के बीच बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और संगठित ड्रग नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के अन्य संभावित लिंक और सप्लाई चैन की भी पड़ताल कर रही हैं।
STF की कार्रवाई में पकड़ा गया पूरा नेटवर्क
एक्साइज STF की टीम, जिसका नेतृत्व सर्किल इंस्पेक्टर भिक्षा रेड्डी और सब-इंस्पेक्टर बालाराजू कर रहे थे, को गुप्त सूचना मिली थी कि हयातनगर क्षेत्र में कुछ लोग सिंथेटिक ड्रग्स की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। सूचना के आधार पर टीम ने समन नगर इलाके में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से 7.44 ग्राम MDMA बरामद हुई। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से ड्रग्स के अवैध कारोबार में शामिल थे और शहर के चुनिंदा ग्राहकों को सप्लाई कर रहे थे।
नौकरी छूटने के बाद शुरू किया ड्रग कारोबार
जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी अमजद पहले एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता था। नौकरी जाने के बाद उसने जल्दी पैसा कमाने के लिए ड्रग्स तस्करी का रास्ता चुना। अमजद ने अपने परिचित हेमंत के साथ मिलकर बेंगलुरु से MDMA मंगवाने की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार हेमंत ने इस कारोबार में निवेश किया था। दोनों ने मिलकर लगभग 10 ग्राम MDMA बेंगलुरु से खरीदी और उसे हैदराबाद में बेचने की तैयारी की। वहीं तीसरा आरोपी हरीश, जो खुद भी एक आईटी कर्मचारी है, इन ड्रग्स को खरीदने की प्रक्रिया में शामिल था।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने आईटी प्रोफेशनल होने का फायदा उठाकर अपने नेटवर्क को छिपाने की कोशिश की, ताकि उन पर किसी को शक न हो।
बेंगलुरु से सस्ती खरीद, हैदराबाद में महंगी बिक्री
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी बेंगलुरु में MDMA करीब 2,000 रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से खरीदते थे। इसके बाद वही ड्रग्स हैदराबाद में 8,000 से 10,000 रुपये प्रति ग्राम तक बेची जाती थी। इस अवैध कारोबार से आरोपी बेहद कम समय में बड़ा मुनाफा कमा रहे थे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सिंथेटिक ड्रग्स का यह नेटवर्क मुख्य रूप से युवाओं और पार्टी सर्किल को निशाना बनाता था। खासतौर पर आईटी कर्मचारियों, कॉलेज छात्रों और नाइट पार्टी कल्चर से जुड़े लोगों के बीच इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है।
MDMA क्या है और क्यों खतरनाक है?
MDMA, जिसे आमतौर पर “एक्स्टेसी” या “मॉली” के नाम से जाना जाता है, एक सिंथेटिक साइकोएक्टिव ड्रग है। यह व्यक्ति के दिमाग और शरीर पर गहरा असर डालती है। इसके सेवन से अस्थायी रूप से उत्साह, ऊर्जा और भावनात्मक उत्तेजना महसूस होती है, लेकिन लंबे समय तक उपयोग गंभीर मानसिक और शारीरिक समस्याएं पैदा कर सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार MDMA का सेवन करने वालों में डिप्रेशन, चिंता, अनिद्रा, दिल की बीमारी और मानसिक असंतुलन जैसी समस्याएं देखी जाती हैं। अधिक मात्रा में सेवन करने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।
भारत में NDPS एक्ट के तहत MDMA की खरीद, बिक्री और तस्करी गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है।
बढ़ता ड्रग नेटवर्क बना चिंता का विषय
हैदराबाद, बेंगलुरु और अन्य बड़े शहरों में सिंथेटिक ड्रग्स की बढ़ती तस्करी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में कई मामलों में आईटी कर्मचारियों, छात्रों और हाई-प्रोफाइल युवाओं के नाम सामने आए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि महानगरों में तेजी से बदलती जीवनशैली, तनाव और पार्टी कल्चर के कारण युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है। यही कारण है कि ड्रग तस्कर शिक्षित और नौकरीपेशा युवाओं को आसान निशाना बना रहे हैं।
पुलिस ने शुरू की आगे की जांच
गिरफ्तार तीनों आरोपियों को हयातनगर एक्साइज स्टेशन के हवाले कर दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों का संबंध किसी बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क से तो नहीं है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उन्होंने इससे पहले कितनी बार ड्रग्स की सप्लाई की थी और उनके ग्राहक कौन-कौन थे।
अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस बेंगलुरु से जुड़े सप्लायरों की जानकारी जुटाने के लिए अन्य एजेंसियों के साथ भी संपर्क में है।
युवाओं के लिए चेतावनी
इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि ड्रग्स का जाल अब केवल अपराधियों तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि शिक्षित और पेशेवर वर्ग भी इसकी गिरफ्त में आ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि परिवार, शैक्षणिक संस्थानों और कंपनियों को मिलकर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि युवा नशे के खतरों को समझ सकें।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित एजेंसियों को सूचित करें। कानून प्रवर्तन एजेंसियों का कहना है कि शहर को ड्रग मुक्त बनाने के लिए सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।










