Haryana Board Result 2025: जिले में आधे से ज्यादा छात्र फेल, फिर भी परिजन क्यों हैं खुश?

Haryana Board Result 2025 में जिले के 50% से ज्यादा छात्र हुए फेल, लेकिन हैरानी की बात ये कि कई परिजन फिर भी खुश नजर आए। जानिए इसके पीछे की वजह और अभिभावकों

हरियाणा बोर्ड ने 12वीं का रिजल्ट 2025 जारी किया है, जिसमें नूंह जिले का पास पर्सेंटेज 50 प्रतिशत से भी कम रहा। हालांकि, इस गिरावट के बावजूद जिले के छात्रों के अभिभावक खुश हैं। तो क्या है इस खुशहाल माहौल का कारण? आइए जानते हैं।

HBSE Result 2025 Nuh Pass Percentage

आमतौर पर हम यह सुनते आए हैं कि जब छात्र बोर्ड परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते, तो उन्हें सबसे ज्यादा अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य की नाराजगी का सामना करना पड़ता है। लेकिन आज हम आपके लिए एक ऐसी कहानी लेकर आए हैं, जिसे जानकर न केवल आपको हैरानी होगी, बल्कि अभिभावकों की सकारात्मक सोच को देखकर आपका भी दिन बन जाएगा।

पास प्रतिशत में गिरावट

हाल ही में हरियाणा बोर्ड ने 12वीं रिजल्ट 2025 जारी किए हैं, जिसके बाद एचबीएसई 12वीं टॉपर्स 2025 की चर्चा पूरे राज्य में हो रही है। वहीं, हरियाणा बोर्ड के इस रिजल्ट में नूंह जिले ने सुर्खियां बटोरी हैं, लेकिन एक अनोखी वजह से। जिले का पास पर्सेंटेज गिरने के बावजूद यहां के अभिभावक खुश हैं। दरअसल, हरियाणा बोर्ड कक्षा 12 की परीक्षा 2025 में जिला प्रशासन द्वारा नकल पर कड़ी रोक लगाने के बाद नूंह जिले में पास पर्सेंटेज में गिरावट आई है। इसके बावजूद, अभिभावकों का सकारात्मक नजरिया इस स्थिति को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।

पुलिस ने पकड़ी थी नकल गैंग

Haryana Board Result 2025: जिले में आधे से ज्यादा छात्र फेल, फिर भी परिजन क्यों हैं खुश?

इंडियन एक्सप्रेस से हुई बातचीत में पिपरोली गांव के सरपंच हनीफ खान ने नकल पर जिला प्रशासन के कड़े कदमों का स्वागत किया। उन्होंने कहा, "इस बार बच्चों और उनके माता-पिता को एक झटका जरूर लगेगा, लेकिन अब बच्चे पूरी तरह से ध्यान लगाकर पढ़ाई करेंगे।" सरपंच ने बताया कि नूंह जिले में सामूहिक नकल एक आम बात बन चुकी थी, और पिछले साल राज्य बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था। उन्होंने कहा, "अगर छात्र केवल नकल पर भरोसा करेंगे और कड़ी मेहनत नहीं करेंगे, तो यह उनके भविष्य पर बड़ा असर डालेगा।"

वहीं, सरपंच के गांव के एक अभिभावक, जिनका बेटा इस बार परीक्षा में असफल हो गया है, ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "हमें पहले से ही इस बात का अंदाजा था कि वह इस बार फेल होगा, क्योंकि पुलिस ने परीक्षा के दौरान नकल करने वाले छात्रों को गिरफ्तार किया था। हम सिर्फ उसे सही दिशा में सलाह दे सकते थे, लेकिन नकल की आदत इतनी जल्दी खत्म नहीं हो सकती।"

कड़ी निगरानी के बावजूद नतीजे कमजोर

इस साल नूंह जिले का बोर्ड परीक्षा परिणाम एक बड़े बदलाव को दर्शाता है। हरियाणा बोर्ड परीक्षा 2025 में जिले का पास पर्सेंटेज पिछले साल के 56.83 प्रतिशत से गिरकर 45.76 प्रतिशत रह गया। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल यह आंकड़ा 63.38 प्रतिशत था। इस साल एचबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में जिले से कुल 7,588 छात्रों ने भाग लिया, जिनमें से सिर्फ 3,472 छात्रों ने सफलता प्राप्त की।

यह परिणाम, खासकर नकल पर सख्त निगरानी और प्रशासन के कड़े कदमों के बावजूद, शिक्षा क्षेत्र में एक नई चुनौती की ओर इशारा करता है। इस साल 1,758 छात्रों को कम्पार्टमेंट परीक्षा देने के लिए कहा गया है, जबकि 2,358 छात्र परीक्षा में असफल हो गए हैं।

जिला स्तर पर किया जाएगा और सुधार

Haryana Board Result 2025: जिले में आधे से ज्यादा छात्र फेल, फिर भी परिजन क्यों हैं खुश?

नूंह जिले के डिप्टी कमिशनर, विश्राम कुमार मीना ने हाल ही में बोर्ड परीक्षा के परिणामों को लेकर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने माना कि पिछले कुछ वर्षों से परिणाम काफी असंतोषजनक रहे हैं, और यह समस्या केवल नकल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यवस्थागत मुद्दा है। मीना ने कहा, "हम इस समस्या का समाधान निकालने के लिए सक्रिय कदम उठा रहे हैं। 

जिला प्रशासन द्वारा लगातार मीटिंग्स की जा रही हैं, ताकि परीक्षाओं के आयोजन में सुधार लाया जा सके।" उन्होंने यह भी बताया कि प्राइमरी स्कूलों में छात्रों के इनरोलमेंट और खाली पदों के मुद्दे पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि शिक्षा प्रणाली में सुधार हो और भविष्य में छात्रों के परिणाम बेहतर हो सकें।

Leave a comment