हरियाणा में जमीन विवादों के निपटारे के लिए सभी जिलों में लगेंगी राजस्व लोक अदालतें

हरियाणा सरकार सभी जिलों में राजस्व लोक अदालतें शुरू करेगी। जमीन विवादों के त्वरित समाधान के साथ डिजिटल कोर्ट सिस्टम और ई-स्टांप सेवाओं पर जोर दिया जाएगा।

हरियाणा सरकार जमीन विवादों के तेजी से समाधान के लिए सभी जिलों में राजस्व लोक अदालतें शुरू करेगी। राज्य में डिजिटल कोर्ट सिस्टम, ई-स्टांप और राजस्व रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है।

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने जमीन संबंधी विवादों के त्वरित समाधान के लिए सभी जिलों में राजस्व लोक अदालतें लगाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में डिजिटल कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने और राजस्व सेवाओं को पूरी तरह तकनीक आधारित बनाने के निर्देश दिए हैं।

जमीन विवादों के समाधान के लिए लगेगी राजस्व लोक अदालत

हरियाणा सरकार राज्यभर में जमीन संबंधी विवादों को जल्दी सुलझाने के लिए राजस्व लोक अदालतें आयोजित करेगी। इन अदालतों में उपायुक्त, एसडीएम और तहसीलदार आपसी सहमति के आधार पर मामलों का समयबद्ध समाधान कराने का प्रयास करेंगे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की पांच वर्षीय कार्य योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इस दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए। सरकार का लक्ष्य लंबित मामलों को कम करना और लोगों को आसान राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना है।

डिजिटल कोर्ट सिस्टम और ऑनलाइन सेवाओं पर जोर

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राजस्व मामलों के तेज निपटारे के लिए डिजिटल कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विभाग में नई ऑनलाइन सेवाएं शुरू करने और राजस्व प्रक्रियाओं को अधिक डिजिटल बनाने पर जोर दिया।

नव-नियुक्त पटवारियों को लैपटॉप और टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही उन्हें नई तकनीक और राजस्व कार्यों का प्रशिक्षण देने के लिए राज्य स्तरीय ट्रेनिंग सेंटर भी खोला जाएगा। हाई-स्पीड इंटरनेट सेवाओं के जरिए पटवारियों को डिजिटल माध्यम से काम करने में मदद मिलेगी।

ई-स्टांप और फेसलेस रजिस्ट्रेशन की सुविधा

राज्य में सभी प्रकार के स्टांप की बिक्री ई-स्टांप के जरिए की जाएगी। सरकार फेसलेस रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी शुरू करेगी, जिससे दूसरे राज्यों या विदेश में रहने वाले लोग बिना व्यक्तिगत उपस्थिति के रजिस्ट्री करा सकेंगे।

अधिकारियों के मुताबिक अब तक चार लाख पेपरलेस रजिस्ट्रेशन किए जा चुके हैं और किसी भी तहसील में 15 दिन से ज्यादा पुराना आवेदन लंबित नहीं है।

सरकारी जमीन का रिकॉर्ड होगा ऑनलाइन

सरकार भूमि अभिलेखों के 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण और जियो-टैगिंग पर भी काम कर रही है। सभी जमीन के टुकड़ों को यूनिक नंबर दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी विभागों की सरकारी जमीन का रिकॉर्ड पोर्टल पर अपडेट किया जाए।

इसके अलावा आपदा प्रबंधन और अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने की तैयारी भी चल रही है। राज्य में AI आधारित कमांड और कंट्रोल सेंटर स्थापित करने की योजना है। अग्निशमन कार्यों में रोबोट के इस्तेमाल की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है।

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