हिमाचल प्रदेश में बढ़ते तापमान के बीच जंगलों में आग की 232 घटनाएं सामने आई हैं। करीब 2900 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जबकि वन विभाग ने अब तक 67 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में गर्मी बढ़ने के साथ जंगलों में आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। वन विभाग के अनुसार राज्य में अब तक 232 फॉरेस्ट फायर के मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन घटनाओं से लगभग 2900 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है और लाखों रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है।
बढ़ते तापमान के साथ बढ़ीं जंगलों में आग की घटनाएं
हिमाचल Pradesh में लगातार बढ़ रहे तापमान का असर अब जंगलों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। राज्य के कई जिलों में जंगलों में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। वन विभाग के मुताबिक अब तक प्रदेश में 232 फॉरेस्ट फायर के मामले सामने आ चुके हैं, जिनसे बड़े पैमाने पर वन संपदा को नुकसान पहुंचा है।

वन विभाग प्रमुख संजय सूद ने बताया कि आग की इन घटनाओं से करीब 2900 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। विभाग ने अब तक लगभग 67 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। कई स्थानों पर आग बुझाने के लिए विभागीय टीमें लगातार काम कर रही हैं।
मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित
जंगलों में आग की घटनाओं में मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा है। यहां अब तक 85 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा धर्मशाला सर्किल में 56, शिमला में 10 और सोलन जिले में छह घटनाएं सामने आई हैं। कई इलाकों में सूखी घास और तेज गर्मी के कारण आग तेजी से फैल रही है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में आग पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण होता है। कई बार दुर्गम इलाकों तक पहुंचने में भी दिक्कत आती है, जिससे नुकसान बढ़ जाता है। विभाग ने स्थानीय लोगों से भी जंगलों के आसपास सतर्कता बरतने की अपील की है।
फॉरेस्ट फायर मैनेजमेंट योजना के तहत मिली मदद
वन विभाग ने बताया कि फॉरेस्ट फायर मैनेजमेंट योजना के तहत प्रदेश को करीब आठ करोड़ रुपये की राशि मिली है। फिलहाल यह सहायता मंडी, बिलासपुर और ऊना जिलों के लिए स्वीकृत की गई है।
विभाग ने केंद्र सरकार से मांग की है कि अन्य संवेदनशील जिलों को भी इस योजना में शामिल किया जाए, ताकि आग की घटनाओं से बेहतर तरीके से निपटा जा सके। विभाग के अनुसार इस साल करीब 3000 किलोमीटर लंबी फायर लाइन का रखरखाव किया गया है, जिससे आग को फैलने से रोकने में मदद मिल सके।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
वन विभाग ने लोगों से जंगलों के आसपास आग से जुड़ी लापरवाही न करने की अपील की है। विभाग का कहना है कि छोटी सी चिंगारी भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। गर्मियों के मौसम में सूखे पेड़-पौधे और तेज हवाएं आग फैलने का खतरा बढ़ा देती हैं।
अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है, इसलिए जंगलों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है।








