हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू में पब्बर नदी में नहाने गए दो किशोर गहरे पानी में डूब गए। दोनों की उम्र करीब 16 साल बताई जा रही है। हादसे की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल दोनों की तलाश शुरू कर दी गई। स्थानीय स्तर पर चलाए गए सर्च ऑपरेशन के बाद अब शिमला से NDRF की टीम को भी बुलाया गया है, जो नदी में दोनों किशोरों की तलाश कर रही है। बुधवार को भी सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।
जानकारी के अनुसार, दोनों किशोर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बॉयज रोहड़ू में पढ़ते थे। उनकी पहचान शिवेन रोशन निवासी करासा और सक्षम निवासी बनोटी के रूप में हुई है। मंगलवार को दोनों पब्बर नदी में नहाने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान वे नदी के गहरे हिस्से में चले गए और देखते ही देखते पानी में डूब गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना दी।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर दोनों किशोरों को तलाशने की कोशिश की, लेकिन नदी में पानी का बहाव और गहराई अधिक होने के कारण उन्हें ढूंढने में मुश्किल आई। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया गया। देर रात तक दोनों किशोरों का कोई सुराग नहीं मिल सका।
अंधेरा होने के कारण रात में सर्च ऑपरेशन में भी काफी परेशानी आई। इसके बाद बुधवार सुबह दोबारा अभियान शुरू किया गया। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिमला से NDRF की टीम को रोहड़ू बुलाया। NDRF के जवान विशेष उपकरणों के साथ नदी में उतरकर दोनों किशोरों की तलाश कर रहे हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन के जवान भी अभियान में सहयोग कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण सर्च ऑपरेशन आसान नहीं है। नदी का गहरा पानी और लगातार बहता करंट बचाव दल के लिए चुनौती बना हुआ है। NDRF की टीम नदी के संभावित हिस्सों में तलाश कर रही है और अलग-अलग स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
घटना की खबर जब दोनों किशोरों के परिवारों तक पहुंची तो घर में कोहराम मच गया। परिजन अपने बच्चों की तलाश में नदी किनारे पहुंचे। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं स्कूल के छात्रों और शिक्षकों में भी इस हादसे को लेकर दुख और चिंता का माहौल है। दोनों किशोरों के जल्द मिलने की उम्मीद में परिवार लगातार राहत एवं बचाव दल की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।
पुलिस प्रशासन की ओर से नदी के आसपास मौजूद लोगों को भी घटनास्थल से दूर रहने की हिदायत दी जा रही है। सर्च ऑपरेशन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने से बचाव कार्य में परेशानी हो सकती है। इसलिए पुलिस ने लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने को कहा है।
पब्बर नदी शिमला जिले के पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरती है और मानसून के दौरान इसका जलस्तर तथा बहाव बढ़ जाता है। ऐसे में नदी में नहाना जोखिम भरा हो सकता है। पहाड़ी नदियों में कई जगह ऊपर से पानी शांत दिखाई देता है, लेकिन नीचे गहराई और तेज बहाव हो सकता है। इसी वजह से स्थानीय प्रशासन आम लोगों को बरसात के दौरान नदियों और नालों के नजदीक जाने से बचने की सलाह देता है।
इस घटना ने एक बार फिर बरसात के मौसम में नदी और खड्डों में नहाने को लेकर सुरक्षा का सवाल खड़ा कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में अचानक पानी का बहाव बढ़ने और गहरे गड्ढों का पता नहीं चलने के कारण हादसे का खतरा ज्यादा रहता है। खासकर बच्चों और किशोरों के लिए नदी में उतरना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।
प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल दोनों किशोरों का पता लगाना है। NDRF की टीम तकनीकी संसाधनों के साथ नदी के अलग-अलग हिस्सों में सर्च कर रही है। स्थानीय बचाव दल और पुलिस भी अभियान में सहयोग कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, दोनों किशोरों को जल्द से जल्द खोजने का प्रयास किया जा रहा है।
पब्बर नदी में पहले भी डूबने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2023 में भी रोहड़ू क्षेत्र में पब्बर नदी में नहाते समय एक युवक के डूबने के बाद NDRF ने सर्च ऑपरेशन चलाया था। ऐसे पुराने हादसों के कारण नदी के संवेदनशील हिस्सों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
फिलहाल दोनों किशोरों के परिवारों की निगाहें सर्च ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं। पुलिस, प्रशासन और NDRF की टीम लगातार नदी में तलाश कर रही है। दोनों के मिलने तक अभियान जारी रखने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील है कि वे बरसात के दौरान नदियों के तेज बहाव और गहरे पानी से दूरी बनाए रखें और बच्चों को भी ऐसे जोखिम वाले स्थानों पर जाने से रोकें।
फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता दोनों लापता किशोरों को सुरक्षित तलाशना है। NDRF के पहुंचने के बाद सर्च ऑपरेशन को और व्यापक किया गया है और नदी के संभावित हिस्सों में लगातार तलाशी अभियान चल रहा है।