हिमाचल प्रदेश में 22 जून तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 18 और 19 जून के लिए कई जिलों में ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे बागवानी और कृषि को नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों में 22 जून तक बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। साथ ही 18 और 19 जून को कुछ जिलों में ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट भी घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने किसानों, बागवानों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
छह दिनों तक मौसम रहेगा सक्रिय
हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम के सक्रिय बने रहने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार 22 जून तक राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्के हिमपात की संभावना भी जताई गई है।
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बुधवार को शिमला, मनाली और आसपास के कई क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई। वहीं शिंकुला समेत कुछ ऊंचे दर्रों में हल्का हिमपात भी देखने को मिला। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और अन्य स्थानीय मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से यह बदलाव देखने को मिल रहा है।
18 और 19 जून को ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने 18 और 19 जून के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। इन दिनों चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
19 जून को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में भी इसी तरह की स्थिति बने रहने की संभावना है। विभाग के अनुसार कई स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। बिजली गिरने और अचानक मौसम खराब होने की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बागवानों और किसानों की बढ़ी चिंता
ओलावृष्टि की चेतावनी ने प्रदेश के बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। हिमाचल में इस समय सेब, आड़ू, प्लम और खुमानी जैसे गुठलीदार फलों का मौसम चल रहा है। यदि ओलावृष्टि होती है तो फलों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और उत्पादन को नुकसान पहुंच सकता है।
पिछले कुछ समय में भी कई इलाकों में हुई ओलावृष्टि से बागवानों को नुकसान उठाना पड़ा था। फलों पर दाग पड़ने के कारण बाजार में उनके दाम कम मिलते हैं। इसके अलावा मौसमी सब्जियों की फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।
कई क्षेत्रों में दर्ज हुई अच्छी बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक 60.1 मिलीमीटर वर्षा कटौला में दर्ज की गई। इसके अलावा मंडी, जोगिंद्रनगर, पंडोह, बग्गी और भुंतर सहित कई क्षेत्रों में भी बारिश हुई।
शिमला, जुब्बड़हट्टी, कांगड़ा, सुंदरनगर और कुफरी में गरज-चमक की गतिविधियां दर्ज की गईं। वहीं नेरी क्षेत्र में 37 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक ऐसे ही मौसम बने रहने की संभावना है।
25 जून के आसपास दस्तक दे सकता है मानसून
मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा लगातार आगे बढ़ रही है। यदि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहती हैं तो मानसून 25 जून के आसपास हिमाचल प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।
सामान्य तौर पर राज्य में मानसून जून के अंतिम सप्ताह में पहुंचता है। ऐसे में आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने किसानों, बागवानों और यात्रियों को नियमित रूप से मौसम अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।










