Diwali Shopping Cyber Fraud: दिवाली पर ऑनलाइन खरीदारी करते समय इन 5 ठगी से बचें, नहीं तो हो सकता है नुकसान

दिवाली की ऑनलाइन शॉपिंग में फर्जी वेबसाइट, QR कोड, UPI स्कैम और नकली कैशबैक से ठगी हो सकती है। जानें 5 साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके और शिकायत कहां करें।

दिवाली पर ऑनलाइन खरीदारी बढ़ने के साथ ठगी का खतरा भी रहता है। साइबर अपराधी सस्ते सामान, भारी डिस्काउंट, फर्जी QR कोड और डिलीवरी मैसेज का सहारा लेकर लोगों से पैसे ऐंठ सकते हैं। जानिए खरीदारी के दौरान किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

Tech: दिवाली की खरीदारी के लिए इन दिनों लोग ऑनलाइन स्टोर पर खूब ऑर्डर कर रहे हैं। कोई नया मोबाइल खरीद रहा है तो कोई कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान और घर सजाने की चीजें मंगा रहा है। कंपनियां भी ग्राहकों को लुभाने के लिए तरह-तरह के ऑफर दे रही हैं। इसी बीच साइबर ठग भी सक्रिय हो जाते हैं। वे कभी सस्ते सामान का विज्ञापन दिखाते हैं तो कभी गिफ्ट मिलने का मैसेज भेजकर लोगों को फंसाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में ऑनलाइन पेमेंट करते समय थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।

सस्ते मोबाइल और टीवी के नाम पर फर्जी शॉपिंग वेबसाइट

दिवाली के समय कई बार ऐसी वेबसाइटों के लिंक सामने आते हैं, जहां महंगे मोबाइल, लैपटॉप और टीवी बेहद कम दाम पर मिलने का दावा किया जाता है। इन वेबसाइटों का डिजाइन भी बड़ी शॉपिंग कंपनियों जैसा रखा जाता है, ताकि ग्राहक को शक न हो।

Diwali Shopping Cyber Fraud: दिवाली पर ऑनलाइन खरीदारी करते समय इन 5 ठगी से बचें, नहीं तो हो सकता है नुकसान

लोग सस्ता सामान देखकर ऑर्डर कर देते हैं और ऑनलाइन पैसे भी चुका देते हैं। लेकिन बाद में न तो सामान पहुंचता है और न ही पैसे वापस मिलते हैं। कुछ मामलों में ग्राहक को ऑर्डर किए गए सामान की जगह कोई दूसरी या खराब चीज भेज दी जाती है।

इस तरह की ठगी से बचने के लिए अनजान वेबसाइट पर तुरंत पेमेंट न करें। पहले उसका नाम और वेबसाइट का पता ठीक से जांच लें। बेहतर होगा कि खरीदारी कंपनी के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से ही करें। वेबसाइट पर ताले का निशान होने का मतलब यह नहीं है कि वह पूरी तरह सुरक्षित है।

सोशल मीडिया पर 80 प्रतिशत छूट देखकर न करें जल्दबाजी

फेसबुक और इंस्टाग्राम पर दिवाली सेल के नाम से कई विज्ञापन दिखाई देते हैं। इनमें ब्रांडेड जूते, कपड़े, घड़ियां और दूसरे महंगे सामान पर 70 से 80 प्रतिशत तक छूट देने की बात कही जाती है।

कई बार ऐसे विज्ञापन लोगों को फर्जी ऑनलाइन स्टोर तक पहुंचा देते हैं। ग्राहक को लगता है कि वह किसी बड़ी कंपनी की वेबसाइट से सामान खरीद रहा है। वह अपना पता, मोबाइल नंबर और पेमेंट की जानकारी भर देता है। भुगतान हो जाने के बाद सामान मिलने की कोई गारंटी नहीं रहती।

इसलिए सोशल मीडिया पर कोई बड़ा ऑफर दिखे तो पहले संबंधित ब्रांड की असली वेबसाइट खोलकर कीमत देख लें। उस स्टोर के बारे में दूसरे ग्राहकों की शिकायतें भी जांच सकते हैं। केवल विज्ञापन देखकर किसी अनजान विक्रेता को पैसे भेजना ठीक नहीं है।

QR कोड स्कैन करके गिफ्ट लेना पड़ सकता है महंगा

दिवाली पर कैशबैक और मुफ्त गिफ्ट के नाम से QR कोड भेजकर भी लोगों को ठगने की कोशिश होती है। मैसेज में लिखा होता है कि आपने इनाम जीता है और उसे पाने के लिए QR कोड स्कैन करना होगा।

इसके बाद UPI PIN डालने को कहा जा सकता है। कई लोग समझते हैं कि PIN डालने से उनके खाते में इनाम की रकम आ जाएगी। जबकि UPI में पैसे प्राप्त करने के लिए PIN डालने की जरूरत नहीं होती। PIN डालकर आमतौर पर खाते से भुगतान की मंजूरी दी जाती है।

ऐसे में कोई अनजान व्यक्ति QR कोड भेजकर पैसे मिलने का दावा करे, तो सावधान रहें। अगर UPI ऐप में भुगतान की स्क्रीन खुलती है, तो PIN डालने से पहले रकम और सामने वाले का नाम जरूर देख लें। बिना पूरी जानकारी के किसी को पेमेंट न करें।

पार्सल अटकने और रिफंड के मैसेज से भी हो सकती है ठगी

दिवाली की खरीदारी में कई लोग एक साथ कई सामान ऑर्डर करते हैं। ऐसे में हर पार्सल की डिलीवरी तारीख याद रखना आसान नहीं होता। साइबर ठग इसी बात का फायदा उठा सकते हैं।

वे किसी डिलीवरी कंपनी के नाम से मैसेज भेजते हैं कि आपका पार्सल अटक गया है या घर का पता सही नहीं है। मैसेज में एक लिंक दिया जाता है और कहा जाता है कि डिलीवरी पूरी कराने के लिए कुछ रुपये जमा करने होंगे।

कई बार ऑर्डर कैंसिल होने या रिफंड मिलने की बात कहकर भी बैंक की जानकारी मांगी जाती है। ग्राहक लिंक खोलकर कार्ड नंबर और OTP जैसी जानकारी भर देता है, जिसका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा सकता है।

अगर आपके पास ऐसा कोई मैसेज आए, तो सीधे शॉपिंग ऐप में जाकर अपना ऑर्डर चेक करें। पार्सल की जानकारी उसी ऐप पर देखें, जिससे सामान मंगाया था। किसी अनजान लिंक पर बैंक या कार्ड की जानकारी न भरें।

फ्री गिफ्ट और कैशबैक के चक्कर में न गंवाएं पैसे

त्योहार के समय मोबाइल पर लकी ड्रॉ, फ्री गिफ्ट और कैशबैक के मैसेज भी आने लगते हैं। इनमें कहा जाता है कि आपने महंगा फोन, शॉपिंग वाउचर या नकद इनाम जीता है।

इनाम लेने के लिए कभी फॉर्म भरने को कहा जाता है तो कभी रजिस्ट्रेशन या प्रोसेसिंग फीस मांगी जाती है। कुछ लोग गिफ्ट मिलने की उम्मीद में पैसे भेज देते हैं। इसके बाद ठग उनसे संपर्क बंद कर सकते हैं।

ऐसे मैसेज पर बिना जांच किए भरोसा न करें। जिस प्रतियोगिता में आपने हिस्सा ही नहीं लिया, उसका इनाम मिलने का दावा अपने आप में शक पैदा करता है। किसी भी ऑफर के लिए बैंक का OTP, कार्ड का CVV या UPI PIN किसी को न बताएं।

Leave a comment