हिमाचल प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार, 21 मार्च को 54,928 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद चौथा बजट है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार, 21 मार्च को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹54,928 करोड़ का बजट पेश किया। यह उनका मुख्यमंत्री बनने के बाद चौथा बजट है। बजट भाषण की शुरुआत में सीएम सुक्खू ने कहा कि केंद्र से मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने के कारण राज्य की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ा है।
इस मुद्दे पर भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कठिन समय में पार्टी ने राज्य के हितों का समर्थन नहीं किया। साथ ही सीएम सुक्खू ने यह भी कहा कि इतिहास इस बात को याद रखेगा।
बजट पेश करते समय CM ने उठाया मुद्दा
सुक्खू ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि केंद्र द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद होने से राज्य की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में राज्य हितों के समर्थन में कमी रही। उनके इस बयान पर बीजेपी विधायकों ने सदन में आपत्ति जताई और नारेबाजी की। हालांकि, कुछ समय बाद हंगामा शांत हुआ और मुख्यमंत्री ने बजट पेश करना जारी रखा।
सीएम ने अंतरराष्ट्रीय हालात पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच संघर्षों का असर राज्यों की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। खासकर एलपीजी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी आम लोगों पर वित्तीय दबाव डाल रही है।
किसानों के लिए प्रमुख घोषणाएं
फसलों का MSP बढ़ाया गया:
- जौ: 60 रुपये/किलो से बढ़ाकर 80 रुपये/किलो
- गेहूं (प्राकृतिक): 60 रुपये/किलो से 80 रुपये/किलो
- मक्की (प्राकृतिक): 40 रुपये/किलो से 50 रुपये/किलो
- हल्दी (प्राकृतिक): 90 रुपये/किलो से 150 रुपये/किलो
इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। पहली बार राज्य में मछुआरा समुदाय के लिए जलाशयों की मछली 100 रुपये/किलो की MSP पर खरीदी जाएगी। इस पहल से मछुआरों को स्थिर आय और बेहतर आजीविका सुनिश्चित होगी।

गरीब परिवारों और महिलाओं के लिए योजनाएं
इंदिरा गांधी सुख सम्मान निधि के तहत अति गरीब परिवारों की एक लाख महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जाएगी। अति गरीब परिवारों को 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी, जिससे उनके घरेलू खर्च में राहत मिलेगी और बचत बढ़ेगी। सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले वर्ष दूध प्रोत्साहन योजना शुरू की थी।
इसके तहत पंजीकृत सहकारी संस्थाओं के दूध उत्पादकों को DBT के माध्यम से 3 रुपये प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है। यह योजना डेयरी किसानों की आय बढ़ाने और पशुपालन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
बजट का कुल परिदृश्य
- बजट राशि: ₹54,928 करोड़
- मुख्य क्षेत्रों में निवेश: किसानों, गरीब परिवारों, महिलाओं, पशुपालकों, शिक्षा और स्वास्थ्य
- केंद्र-राज्य वित्तीय सहयोग का महत्व: RDG बंद होने से राज्य पर वित्तीय दबाव
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि बजट का मुख्य उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्ग की वित्तीय सुरक्षा, किसानों की आय में सुधार और महिलाओं को सशक्त बनाना है।










