हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) के कर्मचारियों ने वेतन और भत्तों के भुगतान में देरी को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि 25 जून तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो 26 जून से बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में सरकारी बस सेवाओं पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। एचआरटीसी कर्मचारियों ने समय पर वेतन, ओवरटाइम और अन्य लंबित वित्तीय लाभों के भुगतान की मांग को लेकर प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि 25 जून तक उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 26 जून से राज्यभर में बसों का संचालन प्रभावित हो सकता है।
वेतन और भत्तों के भुगतान को लेकर बढ़ा असंतोष
हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) के कर्मचारियों में लंबे समय से लंबित वित्तीय देनदारियों को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि वेतन, ओवरटाइम, रात्रि भत्ता और अन्य भुगतान समय पर नहीं किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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इसी मुद्दे को लेकर कर्मचारी संगठनों ने निगम प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। उनका कहना है कि यदि 25 जून तक बकाया राशि और अन्य वित्तीय लाभ जारी नहीं किए गए तो वे 26 जून से कार्य बहिष्कार और हड़ताल का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
निगम मुख्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
अपनी मांगों को लेकर कर्मचारियों ने आंदोलन तेज कर दिया है। बुधवार को कर्मचारी संगठनों ने निगम मुख्यालय के बाहर गेट मीटिंग आयोजित की और धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने प्रबंधन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों का कहना था कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद भुगतान में देरी की समस्या बनी हुई है।
प्रदेशभर में चल रही हैं बैठकें
एचआरटीसी चालक यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ठाकुर विभिन्न डिपो का दौरा कर कर्मचारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों में आगे की रणनीति और संभावित आंदोलन को लेकर चर्चा की जा रही है। यूनियन नेताओं का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो पूरे प्रदेश में एकजुट होकर आंदोलन किया जाएगा।
कर्मचारी संगठनों के अनुसार यह केवल वेतन का मुद्दा नहीं है, बल्कि कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मान से जुड़ा विषय भी है। इसलिए इस बार आंदोलन को लेकर कर्मचारी काफी गंभीर नजर आ रहे हैं।
हड़ताल हुई तो प्रभावित होगी परिवहन व्यवस्था
यदि कर्मचारियों की चेतावनी के अनुसार 26 जून से हड़ताल शुरू होती है तो इसका सीधा असर राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर पड़ सकता है। हिमाचल प्रदेश में बड़ी संख्या में लोग रोजाना एचआरटीसी बसों पर निर्भर रहते हैं। स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों, सरकारी कर्मचारियों, व्यापारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
प्रदेश के दूरदराज इलाकों में एचआरटीसी बसें ही आवागमन का प्रमुख साधन हैं। ऐसे में बस सेवाएं ठप होने की स्थिति में लोगों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार और निगम प्रबंधन को जल्द बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए ताकि परिवहन व्यवस्था पर संकट न आए।
समाधान की उम्मीद पर टिकी निगाहें
फिलहाल कर्मचारियों ने 25 जून तक का समय दिया है। इस दौरान सभी की निगाहें सरकार और निगम प्रबंधन की ओर लगी हैं। यदि कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो संभावित हड़ताल टल सकती है। वहीं समाधान नहीं निकलने की स्थिति में राज्यभर में बस सेवाओं पर व्यापक असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
कर्मचारी संगठनों ने साफ किया है कि वे अपने अधिकारों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। ऐसे में आने वाले कुछ दिन हिमाचल की परिवहन व्यवस्था के लिए काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।









