एफएमसीजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। जून तिमाही में कंपनी के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
बिजनेस न्यूज़: देश की प्रमुख एफएमसीजी कंपनियों में शामिल हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में पिछले 13 तिमाहियों की सबसे मजबूत अंडरलाइंग सेल्स ग्रोथ दर्ज की, लेकिन उम्मीद से कमजोर मुनाफे और मार्जिन में गिरावट के कारण निवेशकों की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही। नतीजे जारी होने के बाद HUL के शेयरों में करीब 5 फीसदी तक गिरावट देखने को मिली।
कंपनी के अनुसार, जून 2026 तिमाही में उसकी बिक्री में अच्छी तेजी रही, लेकिन पिछले साल मिले एकमुश्त टैक्स लाभ (One-off Tax Credit) के कारण तुलना में नेट प्रॉफिट में गिरावट दर्ज की गई।
HUL का मुनाफा 3% घटा
HUL का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट अप्रैल-जून तिमाही में 3 फीसदी घटकर ₹2,673 करोड़ रह गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में कंपनी का मुनाफा ₹2,756 करोड़ था। कंपनी ने बताया कि पिछले साल की जून तिमाही में उसे एक विशेष टैक्स क्रेडिट का लाभ मिला था, जिसके कारण उस अवधि का मुनाफा ज्यादा दिखाई दे रहा था। इस वजह से इस साल की तिमाही के आंकड़ों में गिरावट नजर आई। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों के अनुमान की तुलना में कंपनी का मुनाफा कमजोर रहा, जिससे निवेशकों का भरोसा प्रभावित हुआ।

रेवेन्यू में मजबूत बढ़ोतरी
कमजोर मुनाफे के बावजूद HUL के कारोबार में अच्छी वृद्धि देखने को मिली। जून तिमाही में कंपनी का ऑपरेशन्स से रेवेन्यू सालाना आधार पर 10.2 फीसदी बढ़कर ₹17,149 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का रेवेन्यू ₹15,552 करोड़ था। कंपनी ने इस तिमाही में 10 फीसदी अंडरलाइंग सेल्स ग्रोथ (USG) दर्ज की, जो पिछले 13 तिमाहियों में सबसे मजबूत प्रदर्शन है। इस ग्रोथ में वॉल्यूम और कीमत दोनों का योगदान बराबर रहा।
कंपनी का EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) जून तिमाही में सालाना आधार पर 8 फीसदी बढ़कर ₹3,947 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में EBITDA ₹3,640 करोड़ था। हालांकि, कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव देखने को मिला। HUL की इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन के अनुसार, EBITDA मार्जिन 23.4 फीसदी से घटकर 23 फीसदी रह गया। इसमें करीब 40 बेसिस प्वाइंट की कमी आई।
नतीजों के बाद HUL के शेयरों में गिरावट
बेहतर बिक्री ग्रोथ के बावजूद निवेशकों ने कंपनी के नतीजों को सकारात्मक तरीके से नहीं लिया। रिजल्ट घोषित होने के बाद HUL के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। बीएसई पर कंपनी का शेयर गिरकर ₹2,060.55 के स्तर तक पहुंच गया, जो इसके 52 हफ्तों के निचले स्तर के करीब है। इससे पहले HUL का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में ₹2,174.75 पर बंद हुआ था।
शुरुआती कारोबार में शेयर ने मजबूती दिखाई और यह ₹2,212 तक पहुंच गया था, लेकिन तिमाही नतीजे आने के बाद बिकवाली बढ़ गई। दोपहर 12 बजे के करीब HUL का शेयर करीब 4.73 फीसदी गिरकर ₹2,071.90 पर कारोबार कर रहा था। कंपनी के शेयर का 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर ₹2,682.41 और न्यूनतम स्तर ₹2,023.05 रहा है।













