चीन की कंपनी Unitree का G1 ह्यूमनॉइड रोबोट –47°C की बर्फीली परिस्थितियों में 1.3 लाख से ज्यादा कदम चलने में सफल रहा। रोबोट ने चलते-चलते विंटर ओलंपिक्स का प्रतीक चिन्ह भी बनाया। इसमें एडाप्टिव पाथ प्लानिंग, UnifoLM मॉडल और 3D LiDAR जैसी तकनीकें इस्तेमाल की गई हैं, जो इसे बेहद ठंडे मौसम में विश्वसनीय बनाती हैं।
Humanoid Robot Performance in Extreme Cold: चीन की रोबोटिक्स कंपनी Unitree ने अपने G1 ह्यूमनॉइड रोबोट का परीक्षण –47°C तापमान वाले बर्फीले मैदान में किया, जहां यह 1 लाख 30 हजार से अधिक कदम चला। शिनजियांग प्रांत के अल्ताय क्षेत्र में मई 2024 में लॉन्च किए गए इस रोबोट ने चलते-चलते 186 मीटर लंबा और 100 मीटर चौड़ा विंटर ओलंपिक्स प्रतीक चिन्ह भी बनाया। एडाप्टिव पाथ प्लानिंग, Beidou सैटेलाइट नेविगेशन और UnifoLM मॉडल ने इसे संतुलन और सटीकता बनाए रखने में मदद की।
बर्फीले मैदान में 1.3 लाख से ज्यादा कदम
सरकारी प्रसारक CCTV की रिपोर्ट के मुताबिक, G1 रोबोट ने बर्फीले इलाके में चलते हुए 1 लाख 30 हजार से ज्यादा कदम पूरे किए। यह सिर्फ चलने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रोबोट ने चलते-चलते जमीन पर विंटर ओलंपिक्स का प्रतीक चिन्ह भी बनाया।
यह आकृति करीब 186 मीटर लंबी और लगभग 100 मीटर चौड़ी थी। इतने बड़े पैमाने पर सटीक मूवमेंट ने यह दिखा दिया कि रोबोट सिर्फ संतुलन ही नहीं, बल्कि जटिल पैटर्न बनाने में भी सक्षम है।

बेहद ठंड में पहली बार खुद से चला रोबोट
रिपोर्ट में दावा किया गया कि इतनी कम तापमान वाली स्थिति में किसी ह्यूमनॉइड रोबोट का अपने आप चलना पहली बार देखा गया है। इस चुनौती में चीन की Beidou सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम ने अहम भूमिका निभाई, जिसने सेंटीमीटर स्तर तक सटीक लोकेशन डेटा उपलब्ध कराया।
इसके साथ ही रोबोट की एडाप्टिव पाथ प्लानिंग तकनीक ने बर्फीले रास्ते पर संतुलन बनाए रखने में मदद की। फिसलन भरी सतह और तेज ठंड के बावजूद रोबोट का नियंत्रण नहीं बिगड़ा।
G1 रोबोट की तकनीक क्या बनाती है खास
Unitree का G1 ह्यूमनॉइड रोबोट मई 2024 में लॉन्च किया गया था। इसका वजन करीब 35 किलोग्राम और ऊंचाई लगभग 127 सेंटीमीटर है। इसमें 23 से 43 तक जॉइंट मोटर्स लगी हैं, जिनका अधिकतम टॉर्क 120 Nm तक जाता है।
रोबोट में कंपनी का इन-हाउस विकसित UnifoLM यानी Robot Unified Large Model दिया गया है, जो Reinforcement Learning को सपोर्ट करता है। साथ ही इसमें 3D LiDAR, डेप्थ कैमरे और करीब दो घंटे तक चलने वाली बैटरी भी मौजूद है।








