क्रिकेट वर्ल्ड कप के 14वें संस्करण यानी 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। ICC के बदले हुए फॉर्मेट से स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स नाखुश हैं। 2023 में भारत की मेजबानी में हुए वर्ल्ड कप में 10 टीमें शामिल थीं, जबकि 2027 में टीमों की संख्या बढ़ाकर 14 कर दी गई है।
ODI World Cup 2027 Format Controversy: आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 को लेकर नया विवाद सामने आया है। टूर्नामेंट में टीमों की संख्या बढ़ाकर 14 करने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने नया फॉर्मेट तैयार किया है। हालांकि, इस व्यवस्था पर एसोसिएट क्रिकेट देशों के बीच असंतोष देखने को मिल रहा है। नीदरलैंड क्रिकेट और क्रिकेट स्कॉटलैंड ने नए प्रारूप तथा इसे लागू करने के समय को लेकर आपत्ति जताई है।
2027 वनडे वर्ल्ड कप की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया संयुक्त रूप से करेंगे। यह पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप का 14वां संस्करण होगा। इससे पहले भारत की मेजबानी में 2023 में खेले गए टूर्नामेंट में 10 टीमें शामिल हुई थीं, जबकि 2027 संस्करण में 14 टीमें भाग लेंगी। टीमों की संख्या बढ़ने के कारण टूर्नामेंट की संरचना में बड़ा बदलाव किया गया है।
ICC ने क्यों बदला 2027 वर्ल्ड कप का फॉर्मेट?
ICC ने 2027 क्रिकेट वर्ल्ड कप के लिए नया फॉर्मेट 15 जुलाई को जारी किया था। नए प्रारूप का उद्देश्य अधिक टीमों को मौका देने के साथ टूर्नामेंट को प्रतिस्पर्धी और अपेक्षाकृत कम अवधि में आयोजित करना बताया गया है। नए फॉर्मेट में सेमीफाइनल से पहले प्रतियोगिता को तीन अलग-अलग चरणों में बांटा गया है। इसमें सबसे अधिक चर्चा शुरुआती ‘सुपर सीरीज’ चरण को लेकर हो रही है। इसी व्यवस्था पर नीदरलैंड और स्कॉटलैंड के क्रिकेट बोर्ड ने चिंता जताई है।
दोनों बोर्डों का मानना है कि नई प्रणाली एसोसिएट सदस्य देशों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। उनका तर्क है कि क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने के लक्ष्य के लिए छोटी और उभरती क्रिकेट टीमों को अधिक अवसर मिलना जरूरी है।
नीदरलैंड और स्कॉटलैंड की आपत्ति क्या है?
नीदरलैंड क्रिकेट एसोसिएशन और क्रिकेट स्कॉटलैंड ने नए फॉर्मेट और उसके ऐलान के समय पर सवाल उठाए हैं। दोनों बोर्डों ने साझा रूप से अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था एसोसिएट देशों की स्थिति को प्रभावित कर सकती है। विवाद की मुख्य वजह यह है कि रैंकिंग में नीचे रहने वाली तीन क्वालीफाई टीमें मुख्य ग्रुप चरण शुरू होने से पहले ही एक-दूसरे के खिलाफ खेलेंगी। इनमें से केवल एक टीम को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा, जबकि दो टीमें सिर्फ शुरुआती चरण के बाद ही टूर्नामेंट से बाहर हो जाएंगी।
आलोचकों का कहना है कि वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करने के बाद भी कुछ टीमों को मुख्य ग्रुप चरण में सभी बड़ी टीमों के खिलाफ खेलने का पूरा अवसर नहीं मिलेगा। इसी कारण एसोसिएट देशों को लगता है कि 14 टीमों वाला विस्तारित टूर्नामेंट व्यवहार में सभी टीमों को समान अवसर नहीं दे रहा है।
2027 ODI वर्ल्ड कप का नया फॉर्मेट कैसा होगा?

राउंड 1: सुपर सीरीज
पहले चरण में क्वालीफाई करने वाली 14 टीमों में रैंकिंग के आधार पर सबसे नीचे की तीन टीमों को शामिल किया जाएगा। इन टीमों के बीच तीन मैचों की सुपर सीरीज खेली जाएगी। इस चरण की केवल एक विजेता टीम अगले दौर में पहुंचेगी। बाकी दो टीमें वर्ल्ड कप से बाहर हो जाएंगी।
राउंड 2: 12 टीमों का ग्रुप चरण
सुपर सीरीज के बाद 12 टीमें मुख्य प्रतियोगिता में पहुंचेंगी। इन्हें दो ग्रुप में बांटा जाएगा और प्रत्येक ग्रुप में छह टीमें होंगी। हर ग्रुप में राउंड-रॉबिन आधार पर मुकाबले खेले जाएंगे। दोनों ग्रुप की शीर्ष तीन-तीन टीमें सीधे अगले चरण के लिए क्वालीफाई करेंगी। इसके अलावा दोनों ग्रुप की चौथे स्थान वाली टीमों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली एक टीम को भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। इस तरह तीसरे राउंड में कुल सात टीमें पहुंचेंगी।
राउंड 3: सात टीमों की राउंड-रॉबिन प्रतियोगिता
तीसरे चरण में पहुंचने वाली सातों टीमें एक-दूसरे के खिलाफ सिंगल राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेलेंगी। यानी हर टीम को अगले चरण में पहुंचने के लिए लगातार मजबूत प्रदर्शन करना होगा। इस राउंड के बाद अंक तालिका में शीर्ष चार स्थान हासिल करने वाली टीमें सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी, जबकि बाकी तीन टीमों का सफर समाप्त हो जाएगा।
नॉकआउट चरण में पहले स्थान पर रहने वाली टीम का मुकाबला चौथे स्थान की टीम से होगा। वहीं, दूसरे स्थान की टीम तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम के खिलाफ सेमीफाइनल खेलेगी। दोनों सेमीफाइनल की विजेता टीमें खिताबी मुकाबले में आमने-सामने होंगी।










