टी20 वर्ल्ड कप 2026 विवाद में शाहिद अफरीदी का बयान चर्चा का विषय बन गया है। बांग्लादेश के बाहर होने पर उन्होंने ICC की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और भारत का उदाहरण देकर फैसलों में असमानता का आरोप लगाया।
स्पोर्ट्स न्यूज़: टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर चल रहा विवाद अब सिर्फ बोर्ड स्तर तक सीमित नहीं रहा है। बांग्लादेश के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद पाकिस्तान के पूर्व ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी ने खुलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी ICC पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अफरीदी के बयान में भारत का जिक्र भी आया है, जिसके बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और क्रिकेट फैंस के बीच नई बहस को जन्म दे रहा है।
बांग्लादेश विवाद में पाकिस्तान का खुला समर्थन
टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बांग्लादेश के बाहर होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़े कई बड़े नाम ICC और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI की आलोचना कर चुके हैं। पहले राशिद लतीफ और नजम सेठी जैसे दिग्गज इस मुद्दे पर बयान दे चुके थे। अब शाहिद अफरीदी का नाम भी इस सूची में जुड़ गया है। अफरीदी ने साफ तौर पर कहा है कि ICC ने इस पूरे मामले में निष्पक्षता नहीं दिखाई और बांग्लादेश के साथ अलग व्यवहार किया गया।
अफरीदी ने क्यों घसीटा भारत का नाम
शाहिद अफरीदी ने अपने बयान में भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि ICC के फैसलों में निरंतरता की कमी दिखाई देती है। उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का जिक्र किया, जब भारतीय टीम ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया था। उस समय ICC ने भारत की मांग को मान लिया था और टूर्नामेंट के आयोजन में बदलाव किए गए थे। अफरीदी का कहना है कि बांग्लादेश के मामले में ICC ने वही लचीलापन नहीं दिखाया।
ICC की निष्पक्षता पर उठे सवाल
पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि वह ICC के फैसले से बेहद निराश हैं। अफरीदी के मुताबिक ICC की नींव निष्पक्षता और निरंतरता पर टिकी होनी चाहिए, लेकिन बांग्लादेश के मामले में यह सिद्धांत नजर नहीं आए। उन्होंने कहा कि जब भारत को सुरक्षा के नाम पर राहत दी जा सकती है, तो बांग्लादेश की मांग को उसी नजरिए से क्यों नहीं देखा गया।
बांग्लादेशी खिलाड़ियों और फैंस का सम्मान जरूरी
शाहिद अफरीदी ने अपने बयान में यह भी कहा कि बांग्लादेशी क्रिकेटर और वहां के फैंस भी उतने ही सम्मान के हकदार हैं जितने अन्य देशों के खिलाड़ी और समर्थक। उनके अनुसार ICC को फैसले लेते समय सभी सदस्य देशों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। अफरीदी का मानना है कि इस तरह के फैसले छोटे क्रिकेट बोर्ड्स के आत्मविश्वास को ठेस पहुंचाते हैं।

ICC का सख्त फैसला
ICC ने लंबी चर्चा के बाद बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर करने का फैसला लिया था। इस फैसले के लिए हुई बोर्ड मीटिंग में 14-2 से बांग्लादेश की वेन्यू चेंज की मांग के खिलाफ वोटिंग हुई थी। इसके बाद बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को ग्रुप C में शामिल कर लिया गया। ICC ने साफ किया कि टूर्नामेंट के शेड्यूल और लॉजिस्टिक्स में बड़े बदलाव संभव नहीं थे।
डिसप्यूट रेजोल्यूशन कमिटी से भी नहीं मिली राहत
ICC के फैसले के बाद बांग्लादेश ने Dispute Resolution Committee यानी DRC का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए DRC ने इस अपील पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही बांग्लादेश का टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने का सपना पूरी तरह टूट गया।
पाकिस्तान में क्यों भड़का गुस्सा
बांग्लादेश के बाहर होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट जगत में नाराजगी इसलिए भी ज्यादा दिखी क्योंकि पाकिस्तान पहले ही इस टूर्नामेंट के बहिष्कार की धमकी दे चुका था। पाकिस्तान का मानना है कि ICC बड़े क्रिकेट बोर्ड्स के दबाव में फैसले ले रहा है। शाहिद अफरीदी का बयान इसी नाराजगी का विस्तार माना जा रहा है।
भारत बनाम पाकिस्तान बहस फिर तेज
अफरीदी के बयान के बाद एक बार फिर India vs Pakistan क्रिकेट राजनीति पर चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर फैंस दो गुटों में बंटे नजर आ रहे हैं। कुछ लोग अफरीदी के बयान को बेवजह भारत को घसीटने वाला बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि ICC को अपने फैसलों में पारदर्शिता दिखानी चाहिए।
आगे क्या बदलेगा समीकरण
अब सवाल यह है कि शाहिद अफरीदी के बयान से ICC या BCCI की प्रतिक्रिया सामने आएगी या नहीं। फिलहाल ICC अपने फैसले पर कायम है और टूर्नामेंट की तैयारियां तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रही हैं। लेकिन यह विवाद आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की राजनीति को और ज्यादा गर्म कर सकता है।









