ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कोच एंड्रयू मैक्डोनल्ड ने आईसीसी से मांग की है कि विश्व कप 2027 के लिए टीमों को बड़ा स्क्वाड रखने की अनुमति दी जाए। उनका मानना है कि खिलाड़ियों के लगातार व्यस्त कार्यक्रम और बढ़ती चोटों को देखते हुए मौजूदा स्क्वाड आकार पर्याप्त नहीं है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2027 से पहले मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया की तैयारियों के बीच एक अहम मुद्दा सामने आया है। टीम के मुख्य कोच एंड्रयू मैक्डोनल्ड ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) से अपील की है कि आगामी वनडे विश्व कप के लिए टीमों को 15 खिलाड़ियों के बजाय बड़ा स्क्वाड रखने की अनुमति दी जाए। उनका मानना है कि लगातार बढ़ते मैचों, व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर और खिलाड़ियों की चोटों को देखते हुए मौजूदा नियम अब व्यावहारिक नहीं रह गए हैं।
विश्व कप 2027 दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। इस बार टूर्नामेंट का प्रारूप भी पहले से अलग होगा, जिससे टीमों को अधिक मैच खेलने पड़ सकते हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन का मानना है कि खिलाड़ियों की फिटनेस बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
बड़े स्क्वाड की जरूरत क्यों महसूस कर रहा है ऑस्ट्रेलिया?
ऑस्ट्रेलिया पिछले कुछ वर्षों से चोटों की समस्या से लगातार जूझ रहा है। तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड सहित कई प्रमुख खिलाड़ी समय-समय पर चोटिल होते रहे हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का व्यस्त कार्यक्रम खिलाड़ियों पर अतिरिक्त शारीरिक दबाव डाल रहा है। एंड्रयू मैक्डोनल्ड का कहना है कि विश्व कप जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण टूर्नामेंट में यदि शुरुआती दौर में दो या तीन खिलाड़ी चोटिल हो जाएं, तो 15 सदस्यीय स्क्वाड के साथ टीम का संतुलन बिगड़ सकता है।
इससे चयन विकल्प सीमित हो जाते हैं और रणनीति पर भी असर पड़ता है। उनका मानना है कि बड़े स्क्वाड से टीमों को अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार खिलाड़ियों का बेहतर उपयोग करने का अवसर मिलेगा।
विश्व कप 2027 का नया फॉर्मेट क्या होगा?
आईसीसी ने 2027 विश्व कप के लिए 14 टीमों वाला नया प्रारूप अपनाया है। इस बार प्रतियोगिता पहले की तुलना में अधिक लंबी होगी और इसमें मैचों की संख्या भी बढ़ेगी। नए फॉर्मेट में शुरुआती ग्रुप चरण के बाद सुपर स्टेज खेला जाएगा, जिसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल होंगे। इसका मतलब है कि जो टीमें फाइनल तक पहुंचेंगी, उन्हें पहले की तुलना में कहीं अधिक मुकाबले खेलने पड़ सकते हैं।
2023 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया ने खिताब जीतने के लिए 11 मैच खेले थे, लेकिन 2027 में संभावित चैंपियन टीम को 13 से 15 मुकाबले खेलने पड़ सकते हैं। अधिक मैचों का सीधा असर खिलाड़ियों की फिटनेस और कार्यभार पर पड़ेगा।

एंड्रयू मैक्डोनल्ड ने क्या कहा?
मीडिया से बातचीत के दौरान एंड्रयू मैक्डोनल्ड ने कहा कि विश्व कप क्रिकेट का सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट है और ऐसे आयोजन के लिए स्क्वाड का आकार वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि प्रतियोगिता के शुरुआती चरण में किसी टीम के दो या तीन खिलाड़ी चोटिल हो जाते हैं, तो बाकी टूर्नामेंट के दौरान चयन के विकल्प काफी सीमित हो जाते हैं।
अलग-अलग देशों और पिचों की परिस्थितियों के अनुसार टीम संयोजन बदलना भी मुश्किल हो जाता है। मैक्डोनल्ड का मानना है कि आईसीसी को आधुनिक क्रिकेट के बढ़ते कार्यभार को ध्यान में रखते हुए नियमों की समीक्षा करनी चाहिए।
2023 विश्व कप का अनुभव बना उदाहरण
ऑस्ट्रेलिया ने 2023 वनडे विश्व कप जीतने के बावजूद चोटों की गंभीर चुनौती का सामना किया था। स्टार सलामी बल्लेबाज ट्रेविस हेड टूर्नामेंट शुरू होने से पहले चोटिल हो गए थे और शुरुआती मुकाबलों में उपलब्ध नहीं थे। उस समय ऑस्ट्रेलिया ने उनके स्थान पर किसी खिलाड़ी को शामिल नहीं किया था, जिससे टीम के पास सीमित विकल्प रह गए थे।
इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया ने शानदार वापसी करते हुए रिकॉर्ड छठी बार विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की थी। मैक्डोनल्ड का मानना है कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए स्क्वाड का विस्तार जरूरी हो सकता है।
अन्य टीमों को भी हो सकती है चुनौती
केवल ऑस्ट्रेलिया ही नहीं, बल्कि कई अन्य शीर्ष क्रिकेट राष्ट्र भी लगातार बढ़ते क्रिकेट कैलेंडर के कारण खिलाड़ियों की फिटनेस संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। 2023 विश्व कप के दौरान न्यूजीलैंड सहित कई टीमों को भी चोटिल खिलाड़ियों के कारण टीम संयोजन में बदलाव करना पड़ा था। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि टूर्नामेंट लंबा होगा, तो सभी देशों को अधिक खिलाड़ियों की आवश्यकता महसूस हो सकती है।












