ILS सिस्टम से हाई-टेक होगा नोएडा एयरपोर्ट, पायलटों के लिए आसान लैंडिंग

नोएडा एयरपोर्ट में एडवांस ILS सिस्टम से पायलटों को हर मौसम और रात में सुरक्षित लैंडिंग में मदद मिलेगी। शुरुआत में 12 मिलियन पैसेंजर क्षमता।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में एडवांस ILS सिस्टम लगाया गया है, जो पायलटों को रनवे पर सुरक्षित लैंडिंग में मदद करेगा। यह सिस्टम खराब मौसम, कोहरा या रात के समय भी एयरक्राफ्ट को साइड-टू-साइड और अप-डाउन गाइडेंस देता है। एयरपोर्ट की शुरुआत में 12 मिलियन पैसेंजर की क्षमता होगी और भविष्य में इसे 70 मिलियन तक बढ़ाया जा सकेगा।

ILS System: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पायलटों और एयरलाइन ऑपरेशन्स के लिए हाई-टेक सुविधा प्रदान करेगा, जिससे फ्लाइट लैंडिंग सुरक्षित और सटीक होगी। यह एयरपोर्ट गौतम बुद्ध नगर, नोएडा में 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित किया जाएगा। 3,900 मीटर के रनवे, एडवांस्ड एयरफील्ड लाइटिंग और ILS सिस्टम की मदद से हर मौसम और रात में 24x7 ऑपरेशन संभव होगा। शुरुआत में एयरपोर्ट 12 मिलियन पैसेंजर हैंडल कर सकेगा, जबकि पूरी तरह विकसित होने पर क्षमता 70 मिलियन तक बढ़ाई जाएगी।

ILS System पायलट की मदद कैसे करता है

ILS में चार मुख्य कंपोनेंट्स होते हैं। लोकलाइजर एयरक्राफ्ट को साइड-टू-साइड गाइड करता है, जबकि Glide Slope वर्टिकल गाइडेंस देता है। Marker Beacons या DME रनवे तक की दूरी बताते हैं। Approach Lighting System कम विजिबिलिटी में लैंडिंग आसान बनाता है। इन सभी तकनीकों के संयोजन से पायलट को कठिन मौसम में भी सुरक्षित उतरने में सहायता मिलती है।

ILS की मदद से नोएडा एयरपोर्ट हर मौसम और समय में 24x7 ऑपरेशन की सुविधा देगा। इससे दिल्ली-NCR में एविएशन क्षमता बढ़ेगी और इंडिगो, एयर इंडिया जैसे एयरलाइन ऑपरेशन्स और बेहतर होंगे। एयरपोर्ट की शुरुआत में पैसेंजर हैंडलिंग क्षमता 12 मिलियन प्रति साल होगी, जबकि पूरी तरह विकसित होने पर इसे 70 मिलियन तक बढ़ाया जा सकता है।

एयरपोर्ट की विशेषताएं और भविष्य

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को 11,200 करोड़ रुपए की लागत से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल में तैयार किया गया है। यह नेट-ज़ीरो एमिशन फैसिलिटी के साथ सस्टेनेबल और फ्यूचर-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करेगा। 3,900 मीटर का रनवे वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट के लिए सक्षम है, और मॉडर्न एयरफील्ड लाइटिंग सिस्टम हर मौसम में ऑपरेशन को सपोर्ट करता है।

ILS सिस्टम के साथ यह एयरपोर्ट पायलटों और एयरलाइन ऑपरेशन्स के लिए हाई-टेक सुविधा देगा, जिससे उड़ानों की सुरक्षा और दक्षता बढ़ेगी।

Leave a comment