भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमों के बीच तीसरा वनडे आज, बुधवार को वडोदरा में खेला जाएगा। भारतीय टीम सीरीज में 2-0 से आगे है और क्लीन स्वीप करना चाहेगी। कप्तान स्मृति मंधाना की बल्लेबाजी पर खास नजर रहेगी।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय महिला क्रिकेट टीम बुधवार, 28 अक्टूबर को जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरा और आखिरी वनडे खेलने उतरेगी। स्मृति मंधाना की कप्तानी में भारत ने शुरुआती दोनों मुकाबले आसानी से जीते हैं। अब टीम के पास वनडे सीरीज 3-0 से अपने नाम करने का मौका है। इससे पहले भारत ने टी20 सीरीज में भी जिम्बाब्वे को 3-0 से हराया था। आखिरी मुकाबला वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में भारतीय समयानुसार दोपहर दो बजे शुरू होगा।
तीसरे वनडे में मंधाना के बल्ले से बड़ी पारी का इंतजार
भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन कप्तान स्मृति मंधाना अभी तक बल्ले से बड़ी पारी नहीं खेल पाई हैं। पहले मुकाबले में उन्होंने 32 रन बनाए थे, जबकि दूसरे वनडे में बिना खाता खोले आउट हो गई थीं। मंधाना को हाल ही में भारतीय महिला टीम की पूर्णकालिक कप्तानी सौंपी गई है।
उनकी अगुआई में टीम ने लगातार मुकाबले जीते हैं। हालांकि, बतौर बल्लेबाज वह अपनी लय हासिल करना चाहेंगी। सीरीज का फैसला पहले ही हो चुका है। ऐसे में तीसरे मैच में मंधाना के पास बिना किसी अतिरिक्त दबाव के बल्लेबाजी करने का अवसर होगा।
प्रतिका रावल ने दोनों मैचों में दिखाया शानदार खेल
भारतीय टीम के लिए सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। पहले वनडे में उन्होंने नाबाद 100 रन बनाकर भारत को नौ विकेट से जीत दिलाई थी। इसके बाद दूसरे मुकाबले में भी प्रतिका ने 61 रन की पारी खेली। उनकी लगातार अच्छी बल्लेबाजी से भारतीय टीम को मजबूत शुरुआत मिल रही है।
प्रतिका के ओपनिंग करने के कारण शेफाली वर्मा को तीसरे नंबर पर खेलने का मौका मिला है। पहले वनडे में शेफाली ने सिर्फ 33 गेंदों में नाबाद 64 रन बनाकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया था। तीसरे मुकाबले में भी भारतीय टीम को शीर्ष क्रम से अच्छी बल्लेबाजी की उम्मीद रहेगी।
हरमनप्रीत और दीप्ति के शतकों से जीता था दूसरा वनडे
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सीरीज के दूसरे मैच में पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार शतक लगाया था। उन्होंने 121 गेंदों में 126 रन बनाए। उनकी पारी में 15 चौके शामिल थे।दीप्ति शर्मा ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 86 गेंदों पर नाबाद 106 रन बनाए थे। दोनों की पारियों की बदौलत भारत ने निर्धारित 50 ओवर में छह विकेट पर 328 रन बनाए।
जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 48.5 ओवर में 207 रन बनाकर आउट हो गई। भारत ने यह मुकाबला 121 रन से जीता और सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। हरमनप्रीत को उनकी शतकीय पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था।
भारतीय स्पिनरों के सामने जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी कमजोर
दोनों वनडे मुकाबलों में भारतीय गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। पहले वनडे में श्री चरणी ने 23 रन देकर चार विकेट लिए थे। यह उनके वनडे करियर का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन था। तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने भी तीन विकेट हासिल किए थे। दूसरे मैच में वैष्णवी शर्मा ने 39 रन देकर चार बल्लेबाजों को आउट किया। दीप्ति शर्मा ने तीन विकेट लेकर जिम्बाब्वे की पारी समेटने में मदद की।
जिम्बाब्वे के बल्लेबाज शुरुआत मिलने के बावजूद बड़ी साझेदारियां नहीं बना पाए हैं। तीसरे वनडे में मेहमान टीम के सामने भारतीय गेंदबाजों से निपटने की चुनौती रहेगी।
जिम्बाब्वे के लिए आखिरी मैच में सम्मान बचाने की चुनौती
जोसेफिन नकोमो की कप्तानी वाली जिम्बाब्वे की टीम अब तक भारतीय परिस्थितियों में खास प्रदर्शन नहीं कर सकी है। पहले वनडे में टीम 197 रन पर आउट हुई थी। दूसरे मैच में उसके बल्लेबाज 329 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 207 रन ही बना सके। जिम्बाब्वे के गेंदबाज भी भारतीय बल्लेबाजों पर लगातार दबाव नहीं बना पाए हैं। हालांकि, सीरीज का आखिरी मुकाबला जीतकर मेहमान टीम अपने दौरे का अंत बेहतर तरीके से करना चाहेगी।
भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीसरा वनडे बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में खेला जाएगा। मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजे शुरू होगा।
दोनों टीमें
भारत: स्मृति मंधाना (कप्तान), दीप्ति शर्मा (उपकप्तान), हरमनप्रीत कौर, यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), ऋचा घोष (विकेटकीपर), हरलीन देओल, तेजल हसब्निस, प्रतिका रावल, सयाली सतघरे, शेफाली वर्मा, क्रांति गौड़, जिन्तिमणि कलिता, नंदनी शर्मा, श्री चरणी, वैष्णवी शर्मा।
जिम्बाब्वे: जोसेफिन नकोमो (कप्तान), चिएद्ज़ा धुरुरू (विकेटकीपर), शार्ने मेयर्स, मोडेस्टर मुपाचिक्वा, बिलव्ड बिजा, न्याशा ग्वानज़ुरा, मिशेल मावुंगा, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, केलिस नधलोवु, ओलिन्दर चारे, कुदज़ई चिगोरा, फ्रांसिस्का चिपारे, तेंडाई मकुशा, लोरिन फिरी, नोमवेलो सिबांडा।









