जयपुर के खानिया बंधा इलाके में मंगलवार रात फर्नीचर गोदाम में भीषण आग लग गई। दमकलकर्मियों ने करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गोदाम मालिक ने 40 लाख रुपये से अधिक नुकसान का अनुमान जताया है।
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के खोह नागोरियान थाना क्षेत्र में मंगलवार रात फर्नीचर गोदाम में आग लगने से आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। खानिया बंधा स्थित चंद्रमहल गार्डन के पीछे बने गोदाम से अचानक आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग की रोशनी कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रही थी। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग फैलने का खतरा देखते हुए आसपास की बिजली आपूर्ति भी बंद कराई गई।
रात करीब 10:30 बजे पुलिस को मिली सूचना
खोह नागोरियान थानाधिकारी सुनील कुमार के अनुसार, मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे फर्नीचर गोदाम में आग लगने की सूचना मिली थी। पुलिस ने तुरंत दमकल विभाग को जानकारी दी और टीम को मौके पर भेजा गया।
जब दमकलकर्मी पहुंचे, तब तक आग गोदाम के बड़े हिस्से में फैल चुकी थी। लकड़ी और फर्नीचर बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के कारण लपटें तेजी से बढ़ रही थीं।
आग को देखते हुए अतिरिक्त दमकल वाहन बुलाए गए। घटनास्थल के आसपास लोगों की भीड़ भी जमा हो गई थी। पुलिस ने स्थिति संभालते हुए राहत कार्य के लिए रास्ता साफ कराया।
दमकल की गाड़ियों ने लगाए 22 फेरे
आग बुझाने के लिए दमकल विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ी। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, एक दर्जन से अधिक दमकल गाड़ियों ने पानी के 22 फेरे लगाए।
दमकलकर्मी लगातार पानी डालकर आग को दूसरे हिस्सों में फैलने से रोकने का प्रयास करते रहे। गोदाम में बड़ी मात्रा में लकड़ी और दूसरे ज्वलनशील सामान होने के कारण आग बुझाने में समय लगा।
करीब छह घंटे के अभियान के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल पर मौजूद रहीं।
अंकिता फर्नीचर के गोदाम में रखा था कच्चा माल
गोदाम मालिक राजेश अग्रवाल के भाई अनिल अग्रवाल ने बताया कि जयपुर के राजापार्क इलाके में उनकी अंकिता फर्नीचर नाम से दुकान है। खानिया बंधा में फर्नीचर तैयार करने से जुड़ी सामग्री रखने के लिए गोदाम बनाया गया था।
यहां लकड़ी सहित फर्नीचर निर्माण में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल रखा हुआ था। आग लगने से गोदाम का अधिकतर सामान जल गया। अनिल अग्रवाल के मुताबिक, घटना में करीब 40 लाख रुपये से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हुआ है। हालांकि, नुकसान की वास्तविक राशि का पता पूरी जांच और सामान के आकलन के बाद ही चल सकेगा।
गोदाम में नहीं था कोई कर्मचारी
गोदाम मालिक के परिवार ने बताया कि यहां मजदूर दिन के समय काम करते हैं। काम खत्म होने के बाद सभी कर्मचारी अपने घर चले जाते हैं।
मंगलवार देर रात जब आग लगी, उस समय गोदाम के भीतर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। इसी वजह से कोई व्यक्ति आग की चपेट में नहीं आया।
आग की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने गोदाम में रखे सामान के जलने की जानकारी दी।
पास के होटल को खाली कराया गया
आग लगने के दौरान गोदाम के पास स्थित एक होटल में भी खतरा बढ़ गया था। होटल में करीब छह से सात कर्मचारी और आठ से दस अन्य लोग मौजूद थे।
सुरक्षा को देखते हुए होटल खाली करा लिया गया। इससे आग फैलने की स्थिति में लोगों के फंसने का खतरा कम हुआ।
गोदाम के पिछले हिस्से तक भी लपटें पहुंच गई थीं। इसी तरफ होटल के पीछे बिजली का ट्रांसफार्मर लगा था। आग के ट्रांसफार्मर तक पहुंचने की आशंका को देखते हुए विशेष सावधानी बरती गई।
अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर इलाके की बिजली आपूर्ति भी बंद कराई, ताकि राहत कार्य के दौरान किसी दूसरी दुर्घटना का खतरा न रहे।
आग कैसे लगी, पुलिस कर रही जांच
फिलहाल गोदाम में आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस और संबंधित विभाग घटनास्थल की जांच कर रहे हैं।
आग शॉर्ट सर्किट से लगी या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
घटना के बाद गोदाम में रखे सामान और आग से प्रभावित हिस्सों की स्थिति का भी आकलन किया जा रहा है। नुकसान का अंतिम आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।
खानिया बंधा की इस घटना में किसी के हताहत नहीं होने से बड़ी जनहानि टल गई। हालांकि, गोदाम में रखा कीमती सामान जलने से कारोबारियों को भारी नुकसान हुआ है।









