भारत के अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में वैभव की खेल को समझने की क्षमता और परिपक्वता में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे दौरे पर अपने शानदार प्रदर्शन से एक बार फिर सबका ध्यान खींचा है। महज 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार प्रभाव छोड़ रहे सूर्यवंशी को लेकर भारत के अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण ने बड़ा बयान दिया है। लक्ष्मण के मुताबिक, पिछले छह महीनों के दौरान वैभव के खेल को समझने के तरीके, मानसिक मजबूती और परिपक्वता में उल्लेखनीय बदलाव आया है। यही वजह है कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दबाव को बेहतर तरीके से संभाल पा रहे हैं।
जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में वैभव सूर्यवंशी ने कुल 151 रन बनाए और भारत की 3-0 की शानदार सीरीज जीत में अहम योगदान दिया। सीरीज के तीसरे और अंतिम मुकाबले में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत की जीत की नींव रखी। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के साथ-साथ पूरी सीरीज के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार भी मिला।
लक्ष्मण ने बताया सूर्यवंशी में आया सबसे बड़ा बदलाव
मैच के बाद मीडिया से बातचीत में वीवीएस लक्ष्मण ने सूर्यवंशी की मानसिकता और क्रिकेट की समझ की विशेष रूप से तारीफ की। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज में सबसे बड़ा परिवर्तन केवल तकनीकी स्तर पर नहीं, बल्कि एक खिलाड़ी और व्यक्ति के रूप में देखने को मिला है। लक्ष्मण के अनुसार, पिछले छह महीनों में सूर्यवंशी की मैच परिस्थितियों को समझने की क्षमता, जागरूकता और परिपक्वता में काफी सुधार हुआ है। यही बदलाव उन्हें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में शांत रहने और अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करने में मदद कर रहा है।
भारतीय कोच का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शुरुआती दौर किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में दबाव के बीच सही फैसले लेने की क्षमता सूर्यवंशी की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आई है।
इंग्लैंड दौरे की निराशा से लिया सबक

जिम्बाब्वे दौरे से पहले वैभव सूर्यवंशी का इंग्लैंड दौरा उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। वहां खेली गई तीन पारियों में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके और उनके स्कोर 13, 14 और 15 रन रहे। खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें सीरीज के पांचवें टी20 मैच में अंतिम एकादश से बाहर भी रहना पड़ा। उस सीरीज में भारतीय टीम को भी निराशाजनक परिणाम का सामना करना पड़ा था। हालांकि, वैभव ने इस असफलता को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। जिम्बाब्वे के खिलाफ अगले ही दौरे पर उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और आक्रामकता दिखाकर आलोचकों को जवाब दिया।
उनका प्रदर्शन यह बताता है कि वह असफलताओं से सीखने और अपनी गलतियों में सुधार करने की क्षमता रखते हैं। लक्ष्मण के अनुसार, यही मानसिकता किसी युवा खिलाड़ी को लंबे समय तक सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
अंडर-19 विश्व कप और IPL से मिला आत्मविश्वास
वीवीएस लक्ष्मण ने वैभव सूर्यवंशी के विकास में घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक, अंडर-19 विश्व कप जैसे बड़े मंच पर खेलने और उसके बाद आईपीएल में दुनिया के शीर्ष गेंदबाजों का सामना करने से वैभव के आत्मविश्वास में काफी इजाफा हुआ। आईपीएल जैसे कठिन टूर्नामेंट में कम उम्र में प्रदर्शन करना किसी भी युवा बल्लेबाज के लिए बड़ी चुनौती होती है। सूर्यवंशी ने इस मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए दिखाया कि वह उच्च स्तर के क्रिकेट के दबाव को संभालने की क्षमता रखते हैं।
लक्ष्मण का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आने से पहले ऐसे अनुभवों ने सूर्यवंशी को मानसिक रूप से तैयार किया और उन्हें अपनी क्षमताओं पर भरोसा करना सिखाया।
चोट के बावजूद टीम के लिए खेलना चाहते थे वैभव
लक्ष्मण ने सूर्यवंशी के समर्पण की भी प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि तीसरे टी20 मैच के दौरान चोट लगने के बावजूद युवा बल्लेबाज मैदान पर बने रहना चाहते थे। हालांकि, टीम के फिजियो की सलाह के बाद उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। लक्ष्मण ने कहा कि सिर्फ 15 साल की उम्र में सूर्यवंशी का खेल के हर पहलू में बेहतर बनने की इच्छा दिखाना सकारात्मक संकेत है। वह बल्लेबाजी के साथ-साथ फील्डिंग और टीम के लिए योगदान देने को भी समान महत्व देते हैं।











