इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी के बीच ICC वारंट और गाजा युद्ध को लेकर विवाद बढ़ गया है। नेतन्याहू ने ममदानी पर नफरत फैलाने का आरोप लगाया, जबकि ममदानी ने उनके न्यूयॉर्क दौरे का विरोध जताया।
वॉशिंगटन: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी के बीच राजनीतिक विवाद गहरा गया है। नेतन्याहू ने आरोप लगाया है कि ममदानी अपने बयानों से समाज में नफरत को बढ़ावा दे रहे हैं। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब ममदानी ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) के गिरफ्तारी वारंट को लागू करने की बात कही थी, जिसमें नेतन्याहू पर कथित युद्ध अपराधों के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि बाद में ममदानी ने स्पष्ट किया कि न्यूयॉर्क शहर के मेयर के रूप में उनके पास ऐसे किसी अंतरराष्ट्रीय वारंट को सीधे लागू करने का कानूनी अधिकार नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि वह नेतन्याहू की नीतियों का विरोध करते रहेंगे और उन्हें न्यूयॉर्क आने का स्वागत योग्य अतिथि नहीं मानते।
नेतन्याहू बोले- मैं न्यूयॉर्क जाने से नहीं डरता
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि वह इस साल शरद ऋतु में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क जाएंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें मेयर ममदानी के पहले दिए गए गिरफ्तारी संबंधी बयान से कोई चिंता नहीं है। एक अमेरिकी समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में नेतन्याहू ने ममदानी पर आरोप लगाया कि वह समाज के अलग-अलग समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
नेतन्याहू ने कहा कि न्यूयॉर्क के मेयर की जिम्मेदारी शहर के सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, चाहे वे यहूदी हों, ईसाई हों या मुस्लिम। उन्होंने आरोप लगाया कि ममदानी एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं।
न्यूयॉर्क में चाकूबाजी की घटनाओं का दिया हवाला
नेतन्याहू ने अपने बयान में न्यूयॉर्क में हुई हालिया चाकूबाजी की घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं के बाद शहर में रहने वाले यहूदी समुदाय के लोगों में डर का माहौल है।
पुलिस के अनुसार, एक संदिग्ध ने गुरुवार को न्यूयॉर्क में दो अलग-अलग स्थानों पर दो लोगों पर चाकू से हमला किया था। हमले में एक यहूदी व्यक्ति और एक एशियाई व्यक्ति घायल हुए थे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ घृणा अपराध (Hate Crime) से जुड़े आरोप लगाए हैं। दोनों घायल व्यक्ति हमले के बाद बच गए। इस घटना की यहूदी और एशियाई-अमेरिकी समुदाय के नेताओं ने कड़ी निंदा की थी।
ममदानी का रुख फिलिस्तीन समर्थक रहा है
जोहरान ममदानी फिलिस्तीनी अधिकारों के समर्थक नेताओं में शामिल रहे हैं। उन्होंने अपने चुनाव अभियान के दौरान गाजा में इजरायली सैन्य अभियान की आलोचना को प्रमुख मुद्दा बनाया था।
ममदानी ने पिछले सप्ताह एक भाषण में नेतन्याहू को "युद्ध अपराधी" बताया था। उनका यह बयान अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के उस वारंट के संदर्भ में था, जिसमें नेतन्याहू पर गाजा में कथित युद्ध अपराधों के आरोप लगाए गए हैं। इजरायल ने इन आरोपों को खारिज किया है और नेतन्याहू ने ICC के आरोपों को निराधार बताया है।
ICC वारंट को लेकर विवाद
ममदानी ने अपने चुनाव अभियान के दौरान कहा था कि यदि नेतन्याहू न्यूयॉर्क आए तो वह 2024 में जारी ICC वारंट को लागू करने की कोशिश करेंगे। इस वारंट में नेतन्याहू पर गाजा युद्ध से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए थे। लेकिन बाद में कानूनी समीक्षा के बाद ममदानी ने स्वीकार किया कि न्यूयॉर्क प्रशासन के पास स्वतंत्र रूप से इस वारंट को लागू करने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संघीय सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ममदानी ने अमेरिकी संघीय सरकार से कार्रवाई की अपील की और दोहराया कि नेतन्याहू का न्यूयॉर्क शहर में स्वागत नहीं है।
गाजा युद्ध की पृष्ठभूमि
इजरायल और फिलिस्तीन के बीच जारी संघर्ष की शुरुआत 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद हुई थी। उस हमले में इजरायल के लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बनाया गया था। इसके बाद इजरायली सेना ने गाजा में सैन्य अभियान शुरू किया। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस संघर्ष में बड़ी संख्या में फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हुई है। संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने गाजा में मानवीय संकट पर चिंता जताई है।
इजरायल का कहना है कि उसका सैन्य अभियान हमास के खिलाफ है और वह अपनी सुरक्षा के लिए कार्रवाई कर रहा है। वहीं आलोचकों ने नागरिकों की मौत और मानवीय स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं।
राजनीतिक और कानूनी टकराव बढ़ा
नेतन्याहू और ममदानी के बीच विवाद केवल व्यक्तिगत बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून, अमेरिका की विदेश नीति और इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष को लेकर जारी वैश्विक बहस का हिस्सा बन गया है।
एक ओर नेतन्याहू समर्थक इसे इजरायल के खिलाफ राजनीतिक अभियान बताते हैं, वहीं ममदानी और उनके समर्थक इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों के समर्थन के रूप में देखते हैं।
न्यूयॉर्क प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
ममदानी के कार्यालय ने नेतन्याहू के आरोपों पर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया जारी नहीं की। हालांकि इससे पहले मेयर ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा था कि वह कानूनी सीमाओं को समझते हैं और शहर के अधिकारों के अनुसार ही कदम उठाएंगे।
आने वाले महीनों में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान नेतन्याहू की संभावित न्यूयॉर्क यात्रा पर सभी की नजर रहेगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस दौरान सुरक्षा, राजनीतिक विरोध और कानूनी मुद्दों को लेकर क्या स्थिति बनती है।












