फिलीपींस में फेरी में भीषण आग, 5 लोगों की मौत और 86 लापता; 43 यात्रियों को बचाया गया

फिलीपींस में MV June Aster फेरी में भीषण आग लगने से 5 लोगों की मौत हो गई, और 86 लोग लापता हैं। 43 लोगों को बचाया गया, आग का कारण जांच के घेरे में है।

फिलीपींस में मनीला से कोरोन जा रही MV June Aster फेरी में भीषण आग लगने से पांच लोगों की मौत हो गई और 86 लोग लापता हैं। तटरक्षक बल ने 43 लोगों को बचाया है, जबकि आग लगने का कारण जांचाधीन है।

मनीला: फिलीपींस में एक यात्री फेरी में भीषण आग लगने के बाद कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 86 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। देश के तटरक्षक बल के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब MV June Aster पर्यटकों के बीच लोकप्रिय कोरोन पहुंचने वाली थी। फेरी मनीला से रवाना हुई थी और इसमें 117 यात्री तथा 17 चालक दल के सदस्य, यानी कुल 134 लोग सवार थे। बुधवार शाम करीब 18:45 बजे स्थानीय समय (10:45 GMT) जहाज में आग लग गई। तटरक्षक बल के मुताबिक, गुरुवार सुबह 11 बजे तक आग पूरी तरह बुझाई नहीं जा सकी थी।

हादसे के बाद बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया गया। तटरक्षक बल द्वारा साझा किए गए वीडियो में फेरी आग की लपटों से घिरी दिखाई दे रही है, जबकि बचाव दल लोगों को समुद्र से निकालकर रेस्क्यू नौकाओं तक पहुंचाते नजर आए।

कोरोन पहुंचने से पहले लगी आग

MV June Aster मनीला से यात्रा शुरू करने के बाद पलावन प्रांत के लोकप्रिय पर्यटन स्थल कोरोन की ओर बढ़ रही थी। जहाज अपने गंतव्य के करीब था, तभी उसमें आग लग गई।

एक प्रथम प्रतिक्रिया दल के सदस्य ने इस हादसे को कोरोन में देखी गई बेहद भयावह घटनाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दिल तोड़ने वाली थी और वे खुद घायलों को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया में शामिल थे।

उनके अनुसार, जब आग लगी तब फेरी अपने गंतव्य से करीब एक घंटे की दूरी पर थी।

आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं

फिलीपींस तटरक्षक बल ने कहा है कि आग लगने के वास्तविक कारण की जांच जारी है। हालांकि, बचे हुए यात्रियों से प्रारंभिक पूछताछ में संकेत मिला है कि आग संभवतः जहाज के कार्गो होल्ड से शुरू हुई थी।

कार्गो होल्ड वह हिस्सा होता है जहां कंटेनर या अन्य सामान रखा जाता है। यदि आग की शुरुआत इसी हिस्से से हुई थी, तो वहां मौजूद सामान ने आग के तेजी से फैलने में भूमिका निभाई या नहीं, इसकी जांच की जाएगी।

तटरक्षक बल ने यह भी बताया कि कुछ यात्री आग लगने के समय लाइफ जैकेट पहने हुए नहीं थे। समुद्र में बचाव अभियान के दौरान यह स्थिति एक अतिरिक्त चुनौती बन सकती है।

अब तक 43 लोगों को बचाया गया

तटरक्षक बल के अनुसार, बचाव अभियान के दौरान अब तक 43 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि बचाए गए लोगों में कितने लोग घायल हैं।

इनमें से सात लोगों को पड़ोसी बड़े द्वीप Culion के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस अस्पताल में अधिक बेड और अपेक्षाकृत व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।

अन्य बचे लोगों को Barangay Turda स्थित एक निकासी केंद्र में ले जाया गया। यह स्थान Marcilla के उत्तर में स्थित है। बचाए गए लोगों की चोटों की गंभीरता और कुल घायलों की संख्या के बारे में अभी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

समुद्र में दो घंटे तक तैरता रहा यात्री

हादसे से बचने वाले एक यात्री ने बताया कि उसे बचाए जाने से पहले करीब दो घंटे तक समुद्र में तैरते रहना पड़ा।

रोलैंड लेर्मा ने बताया कि पानी बेहद ठंडा था और अगर बचाव अभियान में और देरी होती, तो उनकी जान जा सकती थी। उनका अनुभव हादसे के दौरान यात्रियों के सामने आई कठिन परिस्थितियों को दर्शाता है।

आग की लपटों से बचने के लिए कई लोगों को समुद्र में उतरना पड़ा। इसके बाद बचाव दल ने उन्हें रेस्क्यू नौकाओं की मदद से पानी से बाहर निकाला।

तेज धार और धुएं ने बढ़ाई मुश्किल

फिलीपींस तटरक्षक बल के अनुसार, बचाव और आग बुझाने के अभियान में तेज समुद्री धाराओं और घने धुएं के कारण काफी मुश्किलें आईं।

जहाज में लगी आग गुरुवार सुबह तक जारी रहने के कारण बचाव दल के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रही। समुद्र में मौजूद लोगों की तलाश के साथ-साथ जलते हुए जहाज पर आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास भी जारी था।

तटरक्षक बल और अन्य बचाव एजेंसियां समुद्री क्षेत्र में लापता लोगों की तलाश कर रही हैं।

फिलीपींस में फेरी में भीषण आग, 5 लोगों की मौत और 86 लापता; 43 यात्रियों को बचाया गया

कोरोन में पहली प्रतिक्रिया देने वालों में शोक

हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर भी गहरा दुख देखा गया। एक प्रथम प्रतिक्रिया दल के सदस्य ने बताया कि उन्होंने कोरोन में इस तरह की भयावह घटना पहले नहीं देखी थी।

उन्होंने कहा कि वह बुधवार रात घायलों और अन्य प्रभावित लोगों को अस्पताल पहुंचाने में शामिल थे। उनके मुताबिक, राहत एवं बचाव कार्य के दौरान स्थानीय टीमों को गंभीर परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।

घटना के बाद बचाए गए यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उन्हें चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

लापता लोगों की तलाश जारी

फेरी में कुल 134 लोग सवार थे। तटरक्षक बल के अनुसार, 43 लोगों को बचाया गया है और पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। ऐसे में 86 लोग लापता बताए जा रहे हैं।

बचाव दल समुद्र में लापता यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की तलाश कर रहे हैं। हालांकि, तेज धाराओं, धुएं और हादसे की परिस्थितियों के कारण तलाशी अभियान जटिल बना हुआ है।

लापता लोगों की सही स्थिति का पता लगाने के लिए समुद्री क्षेत्र में खोज अभियान जारी है।

हादसे की जांच भी होगी

बचाव अभियान के साथ-साथ आग लगने के कारणों की जांच भी महत्वपूर्ण होगी। तटरक्षक बल ने कहा है कि आग के कारण की अभी पुष्टि नहीं हुई है।

प्रारंभिक तौर पर बचे लोगों के बयानों के आधार पर कार्गो होल्ड से आग शुरू होने की संभावना सामने आई है। हालांकि, इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं माना गया है।

जांच में जहाज की तकनीकी स्थिति, कार्गो में रखे सामान और आग लगने से पहले की परिस्थितियों की जांच की जा सकती है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए जहाज पर निर्धारित व्यवस्थाएं किस स्थिति में थीं।

यात्रियों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

कुछ यात्रियों के लाइफ जैकेट नहीं पहनने की जानकारी सामने आने के बाद समुद्री सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि कितने यात्री बिना लाइफ जैकेट के थे और इसकी वजह क्या थी।

समुद्री यात्रा में आग लगने जैसी आपात स्थिति में यात्रियों को तेजी से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस हादसे में कई लोगों के समुद्र में उतरने के कारण बचाव अभियान और चुनौतीपूर्ण हो गया।

फिलहाल राहत और बचाव अभियान प्राथमिकता

MV June Aster हादसे के बाद फिलीपींस में राहत और बचाव अभियान जारी है। तटरक्षक बल और अन्य बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।

अब तक 43 लोगों को बचाया गया है, जबकि पांच मौतों की पुष्टि हुई है। 86 लोगों की तलाश जारी है। आग के कारण और जहाज में मौजूद परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है।

यह हादसा कोरोन पहुंचने से ठीक पहले हुआ, जिससे स्थानीय प्रशासन और बचाव एजेंसियों के सामने एक साथ राहत, चिकित्सा और खोज अभियान की चुनौती खड़ी हो गई है। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता समुद्र में लापता यात्रियों और चालक दल के सदस्यों का पता लगाना है।

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