गाम्बिया में बिजली संकट पर हिंसक प्रदर्शन, राष्ट्रपति ने शांति की अपील की; अक्टूबर तक सुधार का वादा

गाम्बिया में 48 घंटे तक बिजली कटौती से विरोध प्रदर्शन हुए। राष्ट्रपति अदामा बैरो ने शांति की अपील करते हुए अक्टूबर तक बिजली आपूर्ति सुधारने का भरोसा दिया।

गाम्बिया में लंबे बिजली संकट के खिलाफ बंजुल और आसपास के क्षेत्रों में प्रदर्शन हुए। लोगों ने 48 घंटे तक बिजली कटौती की शिकायत की। राष्ट्रपति अदामा बैरो ने शांति की अपील करते हुए अक्टूबर तक बिजली आपूर्ति में सुधार का वादा किया।

बंजुल: पश्चिम अफ्रीकी देश गाम्बिया में लंबे समय से जारी बिजली कटौती को लेकर राजधानी बंजुल और आसपास के इलाकों में विरोध प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति अदामा बैरो ने नागरिकों से शांत रहने की अपील की है। राष्ट्रपति ने बिजली संकट से पैदा हुई परेशानियों को स्वीकार करते हुए कहा कि सरकार बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए कदम उठा रही है और अगले महीने तक स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है। सोमवार रात बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में सड़कों पर उतरकर विरोध जताया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, कई इलाकों में बिजली कटौती कभी-कभी 48 घंटे तक जारी रही है। प्रदर्शन के दौरान टायर जलाए गए और सड़कों को बाधित किया गया।

राष्ट्रपति बोले- अंधेरे में आप अकेले नहीं हैं

मंगलवार रात टेलीविजन पर दिए गए संबोधन में राष्ट्रपति अदामा बैरो ने बिजली संकट के कारण लोगों को हो रही मुश्किलों का उल्लेख किया। उन्होंने नागरिकों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि जब लोग गर्मी और अंधेरे में सोते हैं, तो उन्हें यह समझना चाहिए कि वे उस स्थिति में अकेले नहीं हैं।

बैरो ने बिजली आपूर्ति में सुधार का भरोसा दिलाया और कहा कि सरकार अगले महीने तक बिजली व्यवस्था को बेहतर करने के लिए काम कर रही है।

उन्होंने माना कि बिजली उत्पादन, योजना और रखरखाव की सरकारी व्यवस्थाओं में कमियां रही हैं। राष्ट्रपति ने मौजूदा बिजली कटौती को केवल सामान्य प्रशासनिक समस्या नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा और आपात स्थिति बताया।

48 घंटे तक बिजली कटौती से बढ़ा गुस्सा

गाम्बिया में जून से लगातार बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है। मौजूदा गर्म मौसम में स्थिति और गंभीर हो गई है। बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग बढ़ी है, जबकि बिजली आपूर्ति की क्षमता और उपलब्धता पर दबाव बना हुआ है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में बिजली की कटौती 48 घंटे तक चलने लगी है। लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से घरों, कारोबार और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है।

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में बिजली संकट से जुड़ी कई परेशानियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गर्मी और अंधेरे के कारण पंखे बंद हो जाते हैं, बच्चों को अंधेरे में पढ़ना पड़ता है और परिवारों को खराब हो चुके भोजन को फेंकना पड़ता है।

बंजुल में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी

बिजली कटौती को लेकर सोमवार रात बंजुल और आसपास के इलाकों में प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए और कई जगह सड़कों को बाधित किया।

वेस्टफील्ड इलाके में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय बिजली कंपनी Nawec के मुख्यालय की ओर बढ़ रहे थे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति बैरो के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे भी लगाए।

फाराटो में उपराष्ट्रपति के आवास के बाहर भी लोग जमा हुए। वहां राष्ट्रपति बैरो की सत्तारूढ़ National People's Party के कार्यालय पर लगे कुछ बैनरों को नुकसान पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई।

सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाने की अपील

राष्ट्रपति बैरो ने प्रदर्शनकारियों से सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारी संपत्ति या बिजली व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने से मौजूदा संकट और गंभीर हो सकता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि गुस्से के एक क्षण में उन चीजों को नष्ट नहीं किया जाना चाहिए, जिन्हें हासिल करने में लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा है। उनके मुताबिक, बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने से सरकार को मरम्मत पर अतिरिक्त धन खर्च करना पड़ेगा और इससे बिजली संकट दूर करने के बजाय संसाधन मरम्मत की ओर चले जाएंगे।

नई 24 मेगावाट यूनिट से बढ़ेगी बिजली क्षमता

बैरो ने बिजली आपूर्ति सुधारने के लिए सरकार की योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि Brikama power station में एक नई 24 मेगावाट उत्पादन इकाई स्थापित की जा रही है।

राष्ट्रपति के अनुसार, इस नई इकाई को अगले महीने के अंत तक चालू किए जाने की योजना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे देश की बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार होगा।

बैरो ने यह भी बताया कि Soma में 50 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र के निर्माण के लिए एक अनुबंध दिया जा चुका है। हालांकि, इस परियोजना के पूरा होने की तारीख के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

गाम्बिया करता है बिजली का आयात

गाम्बिया अपनी घरेलू बिजली उत्पादन क्षमता के अलावा आयातित बिजली पर भी निर्भर है। देश को क्षेत्रीय नेटवर्क के माध्यम से गिनी और पड़ोसी सेनेगल से बिजली की आपूर्ति मिलती है।

राष्ट्रीय ऊर्जा कंपनी Nawec के प्रमुख गैलो सैडी ने बिजली संकट के लिए क्षेत्रीय ग्रिड से बिजली आयात में आई कमी को भी एक कारण बताया।

उनके अनुसार, इस साल कम बारिश के कारण क्षेत्रीय नेटवर्क के जरिए उपलब्ध बिजली में कमी आई है। इससे गाम्बिया की बिजली आपूर्ति पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।

Nawec ने लोगों से धैर्य रखने को कहा

Nawec प्रमुख गैलो सैडी ने बिजली संकट से पैदा हुई लोगों की नाराजगी और परेशानियों को स्वीकार किया। उन्होंने नागरिकों से कुछ समय और धैर्य रखने की अपील की।

Nawec ने इससे पहले अगस्त में चेतावनी दी थी कि असामान्य रूप से अधिक तापमान के कारण बिजली की मांग में तेज वृद्धि हुई है। इसके अलावा आयातित बिजली की आपूर्ति करने वाली एक प्रमुख उत्पादन इकाई में तकनीकी समस्या ने भी बिजली व्यवस्था को प्रभावित किया।

इस तरह बढ़ी मांग, घरेलू उत्पादन की सीमाएं, आयातित बिजली में कमी और तकनीकी समस्या ने मिलकर संकट को और गंभीर बना दिया।

राष्ट्रपति ने ऊर्जा सुविधाओं का किया दौरा

राष्ट्रपति अदामा बैरो ने मंगलवार सुबह राष्ट्रीय ऊर्जा उपयोगिता से जुड़ी सुविधाओं का दौरा किया। उन्होंने बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए सरकार की तैयारियों का जायजा लिया और कहा कि गाम्बिया को इस सप्ताह नए जनरेटर मिलने वाले हैं।

सरकार की ओर से नई उत्पादन क्षमता जोड़ने और मौजूदा बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के कदमों के बीच नागरिकों की तत्काल मांग बिजली कटौती से राहत की है।

राष्ट्रपति चुनाव से पहले बढ़ा राजनीतिक दबाव

गाम्बिया में बिजली संकट का मुद्दा ऐसे समय सामने आया है, जब देश में राष्ट्रपति चुनाव होने में कुछ ही महीने बचे हैं। चुनाव दिसंबर में होने की उम्मीद है और राष्ट्रपति अदामा बैरो विवादित तीसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

ऐसे में लंबे समय से चल रहा बिजली संकट सरकार के लिए राजनीतिक चुनौती भी बन सकता है। सोमवार रात हुए प्रदर्शनों में राष्ट्रपति के खिलाफ नारे लगाए जाने से यह स्पष्ट है कि बिजली आपूर्ति का मुद्दा अब राजनीतिक असंतोष से भी जुड़ रहा है।

हालांकि, राष्ट्रपति ने संकट को स्वीकार करते हुए बिजली उत्पादन और आपूर्ति बढ़ाने की समयसीमा बताई है। सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि घोषित परियोजनाओं और नए जनरेटर के जरिए बिजली आपूर्ति में वास्तविक सुधार कितनी जल्दी आता है।

अक्टूबर तक सुधार का भरोसा

राष्ट्रपति बैरो ने कहा है कि बिजली आपूर्ति में सुधार अक्टूबर के अंत तक दिखाई देना चाहिए। Brikama पावर स्टेशन की नई 24 मेगावाट इकाई को अगले महीने के अंत तक शुरू करने की योजना इसी लक्ष्य का हिस्सा है।

वहीं, Soma में 50 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए अनुबंध दिया जा चुका है। हालांकि, परियोजना की पूर्णता की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

गाम्बिया सरकार के लिए अब बिजली संकट को तत्काल नियंत्रित करना और दीर्घकालिक ऊर्जा क्षमता बढ़ाना दोनों प्राथमिकताएं हैं। नागरिकों के बढ़ते असंतोष और आगामी राष्ट्रपति चुनाव को देखते हुए बिजली आपूर्ति में सुधार सरकार के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक परीक्षा भी बन गया है।

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