चीन के किंगदाओ स्थित बेइहाई शिपयार्ड में मरम्मत के दौरान लाइबेरिया के झंडे वाले मालवाहक जहाज में आग लग गई। हादसे में 25 लोगों की मौत हुई, जबकि 12 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। आग के कारणों की जांच जारी है।
किंगदाओ: चीन के किंगदाओ शहर में मरम्मत के लिए खड़े लाइबेरिया के झंडे वाले एक मालवाहक जहाज में गुरुवार को भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई। हादसे के समय जहाज पर मरम्मत का काम चल रहा था। शुरुआती जानकारी में 20 लोगों की मौत और पांच लोगों के लापता होने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 25 हो गई। जहाज पर कुल 42 लोग मौजूद थे। इनमें से 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हादसे में घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है।
बेइहाई शिपयार्ड में लगी आग
चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, आग किंगदाओ स्थित बेइहाई शिपयार्ड में सुबह करीब 11 बजे लगी। जिस समय आग लगी, उस समय लाइबेरिया के झंडे वाले मालवाहक जहाज पर मरम्मत का काम किया जा रहा था।
आग लगने के बाद शिपयार्ड में अफरा-तफरी मच गई और बचाव दलों को तुरंत मौके पर भेजा गया। दमकल और बचाव कर्मियों ने आग पर नियंत्रण पाने के लिए अभियान शुरू किया। करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर 2:30 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया।
आग बुझाए जाने के बाद बचाव और तलाशी अभियान जारी रखा गया। हादसे में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार घायलों की हालत स्थिर बताई गई है। हालांकि, जहाज में आग किस वजह से लगी, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
शी जिनपिंग ने दिए जांच और बचाव के निर्देश
हादसे के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अधिकारियों को बचाव अभियान तेज करने और लापता लोगों की तलाश के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और घटना के कारणों की जांच करने को भी कहा।
शी जिनपिंग ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए उन्होंने संबंधित सुरक्षा व्यवस्थाओं की दोबारा समीक्षा करने पर जोर दिया। चीनी प्रधानमंत्री ली च्यांग ने भी राहत और बचाव अभियान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
सरकारी कंपनी CSSC के अधीन है शिपयार्ड
जिस बेइहाई शिपयार्ड में हादसा हुआ, वह चाइना स्टेट शिपबिल्डिंग कॉरपोरेशन यानी CSSC के अधीन है। CSSC चीन की सबसे बड़ी जहाज निर्माण कंपनियों में से एक है और वैश्विक स्तर पर भी प्रमुख शिपबिल्डिंग कंपनियों में शामिल है।
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किंगदाओ स्थित बेइहाई शिपबिल्डिंग शिपयार्ड में नए जहाजों के निर्माण के साथ पुराने और इस्तेमाल किए जा रहे जहाजों की मरम्मत भी की जाती है। यहां बड़े मालवाहक जहाजों के अलावा विभिन्न प्रकार के समुद्री जहाजों के निर्माण और रखरखाव की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
शिपयार्ड में 30 हजार और 20 हजार टन क्षमता वाले जहाजों के निर्माण के लिए बर्थ मौजूद हैं। इसके अलावा 20 हजार टन तक के जहाजों के निर्माण और मरम्मत की सुविधा भी यहां उपलब्ध है।
कई तरह के समुद्री जहाज बनाए जाते हैं
बेइहाई शिपयार्ड में विभिन्न श्रेणियों के समुद्री जहाज बनाए जाते हैं। इनमें मल्टी-पर्पज वर्क वेसल, तेल टैंकर और 40 हजार टन तक की क्षमता वाले ड्राई बल्क कैरियर शामिल हैं।
इस तरह के जहाज निर्माण और मरम्मत केंद्रों में बड़े पैमाने पर औद्योगिक गतिविधियां होती हैं। इसलिए सुरक्षा मानकों और कार्यस्थल की निगरानी को लेकर किसी भी घटना की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।
CSSC का मौजूदा स्वरूप 2019 में अस्तित्व में आया था। इसे चीन की दो बड़ी सरकारी जहाज निर्माण कंपनियों के विलय के बाद बनाया गया था। इसके बाद यह चीन के प्रमुख राज्य-नियंत्रित जहाज निर्माण समूहों में शामिल हो गया।
एक महीने में दूसरा गंभीर जहाज हादसा
किंगदाओ के बेइहाई शिपयार्ड में हुआ हादसा चीन के किसी शिपयार्ड में हाल के दिनों में हुआ पहला गंभीर हादसा नहीं है। करीब एक महीने के भीतर चीन में जहाज से जुड़ी दूसरी बड़ी दुर्घटना की जानकारी सामने आई है।
13 अगस्त को फुजियान प्रांत के फुआन में एक जहाज में आग लग गई थी। आग लगने के बाद उसे बुझाने के लिए रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया गया।
हालांकि, बचाव अभियान शुरू होने के करीब 45 मिनट बाद अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। इस विस्फोट में एक बचावकर्मी की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हुए थे।
दोनों घटनाओं के बीच परिस्थितियां अलग हैं, लेकिन लगातार सामने आए इन हादसों ने जहाज निर्माण और मरम्मत से जुड़े औद्योगिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था के महत्व को रेखांकित किया है।
हादसे की जांच पर नजर
किंगदाओ की घटना में फिलहाल सबसे बड़ा सवाल आग लगने के कारण को लेकर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जहाज पर उस समय मरम्मत का काम चल रहा था, लेकिन आग किस गतिविधि या तकनीकी कारण से शुरू हुई, यह स्पष्ट नहीं किया गया है। चीनी अधिकारियों ने घटना की जांच के साथ-साथ बचाव और राहत कार्य जारी रखने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करने पर भी जोर दिया है।
हादसे में 25 लोगों की मौत, तीन दर्जन से अधिक लोगों के सुरक्षित बचाए जाने या अस्पताल पहुंचने और आग पर साढ़े तीन घंटे बाद नियंत्रण पाने की जानकारी सामने आई है। अब जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि जहाज पर आग किस कारण लगी और क्या सुरक्षा व्यवस्था में किसी स्तर पर चूक हुई थी।
फिलहाल अधिकारियों का ध्यान पीड़ितों के परिवारों को सहायता देने, घायलों के उपचार और घटना के कारणों का पता लगाने पर है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह और संभावित जिम्मेदारी को लेकर तस्वीर स्पष्ट होगी।











