मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स ने शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की है। कंपनी का शेयर करीब 21.4% प्रीमियम पर लिस्ट हुआ। करीब 12.50 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ जियो देश की दूसरी सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी बन गई।
बिजनेस न्यूज़: रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को शेयर बाजार में कदम रखा। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई पर इश्यू प्राइस से काफी ऊपर लिस्ट हुए। इस लिस्टिंग के साथ मुकेश अंबानी के रिलायंस समूह को बड़ी उपलब्धि मिली है। जियो ने बाजार पूंजीकरण के मामले में भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक जैसी कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है।
1,119 रुपये का शेयर 1,359 रुपये के करीब लिस्ट
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर के भाव पर शेयर आवंटित किए गए थे। बुधवार को बीएसई पर शेयर 1,358 रुपये पर खुला, जो इश्यू प्राइस से 21.36 फीसदी अधिक है। एनएसई पर भी शेयर की लिस्टिंग करीब 1,359 रुपये के स्तर पर हुई। इस तरह जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर मिले थे, उन्हें शुरुआत में ही प्रति शेयर लगभग 239 से 240 रुपये का फायदा हुआ।
जियो की लिस्टिंग ऐसे समय हुई, जब घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट देखी जा रही थी। इसके बावजूद कंपनी के शेयरों को शुरुआती कारोबार में मजबूत कीमत मिली।
मार्केट कैप में एयरटेल और एचडीएफसी बैंक पीछे
शेयर बाजार में कदम रखते ही जियो प्लेटफॉर्म्स देश की दूसरी सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी बन गई। लिस्टिंग के समय इसका मार्केट कैप करीब 12.50 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इस सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर बनी हुई है। उसका बाजार पूंजीकरण करीब 16 लाख करोड़ रुपये के आसपास है। जियो की एंट्री के बाद भारती एयरटेल तीसरे स्थान पर पहुंच गई।
इसके बाद एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसी बड़ी कंपनियों का स्थान है।देश की प्रमुख लिस्टेड कंपनियों में भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो और एलआईसी भी शामिल हैं। हालांकि, कंपनियों का मार्केट कैप शेयरों की कीमतों के साथ बदलता रहता है। इसलिए बाजार में उनकी रैंकिंग भी समय के अनुसार बदल सकती है।
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100 मिनट में पूरा सब्सक्राइब हुआ था जियो का आईपीओ
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुला था और 23 अक्टूबर को बंद हुआ। कंपनी ने इसके जरिए 30,213 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था। इश्यू का प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये तय किया गया था। निवेशकों को कम से कम 12 शेयरों के लिए आवेदन करना था। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट की कीमत 13,428 रुपये थी।
आईपीओ को पहले दिन से ही अच्छी प्रतिक्रिया मिली। खुलने के करीब 100 मिनट के भीतर यह पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। तीन दिनों की बोली प्रक्रिया समाप्त होने तक इश्यू 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ। संस्थागत निवेशकों की कैटेगरी में 70.55 गुना आवेदन मिले, जबकि रिटेल निवेशकों का हिस्सा 2.72 गुना भरा।
देश का सबसे बड़ा आईपीओ बना जियो प्लेटफॉर्म्स
30,213 करोड़ रुपये के इश्यू के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स ने भारत के आईपीओ बाजार में नया रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड हुंडई मोटर इंडिया के नाम था। कंपनी ने अक्टूबर 2024 में करीब 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था। जियो के इश्यू में करीब 27 करोड़ नए शेयर जारी किए गए। इसमें मौजूदा निवेशकों की ओर से शेयर बिक्री का हिस्सा शामिल नहीं था।
कंपनी आईपीओ से जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा अपनी टेलीकॉम इकाई रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज चुकाने में इस्तेमाल करने की योजना बना रही है।








