India–Brazil Agreement: राष्ट्रपति लूला की भारत यात्रा से फार्मा, क्रिटिकल मिनरल्स और एविएशन सेक्टर में खुलेंगे नए अवसर

India–Brazil Agreement के तहत राष्ट्रपति लूला की भारत यात्रा से फार्मा, क्रिटिकल मिनरल्स और एविएशन सेक्टर में सहयोग बढ़ने की उम्मीद। जानिए इस रणनीतिक साझेदारी

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इंसियो लूला दा सिल्वा 18 से 22 फरवरी तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। वे नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने आ रहे हैं, लेकिन उनकी यह यात्रा केवल एक सम्मेलन तक सीमित नहीं है।

नई दिल्ली: ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इंसियो लूला दा सिल्वा 18 से 22 फरवरी तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। वे नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेंगे, लेकिन इस दौरे का महत्व इससे कहीं व्यापक है। मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में भारत और ब्राजील की बढ़ती रणनीतिक भूमिका ने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई गति दी है। 

इस यात्रा के दौरान कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है, जिनसे फार्मा, क्रिटिकल मिनरल्स और एविएशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूती मिलेगी।

भारत–ब्राजील रिश्तों को नई दिशा

भारत और ब्राजील लंबे समय से ग्लोबल साउथ की आवाज को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से उठाते रहे हैं। बदलती जियो-पॉलिटिक्स, आपूर्ति श्रृंखलाओं के पुनर्गठन और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की बढ़ती भूमिका ने दोनों देशों को रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने का अवसर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति लूला की यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग से जुड़े कई समझौते अंतिम चरण में हैं। 

ब्राजील भारतीय नागरिकों के लिए 10 वर्ष का मल्टीपल एंट्री टूरिस्ट वीजा देने की घोषणा कर सकता है, जिससे लोगों के बीच संपर्क और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, भारतीय पेशेवरों के लिए बिजनेस वीजा प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।

फार्मा सेक्टर में बड़ा अवसर

भारत दुनिया के प्रमुख जेनेरिक दवा उत्पादकों में से एक है। ब्राजील की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को बड़े पैमाने पर किफायती दवाओं की आवश्यकता है। ऐसे में भारतीय दवा कंपनियों के लिए ब्राजील एक आकर्षक बाजार बन सकता है। स्वास्थ्य क्षेत्र में संभावित समझौते दवा निर्यात, संयुक्त अनुसंधान और उत्पादन सहयोग को बढ़ावा दे सकते हैं। इससे ब्राजील को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं मिलेंगी, जबकि भारतीय फार्मा कंपनियों को लैटिन अमेरिकी बाजार में विस्तार का अवसर मिलेगा।

ब्राजील के पास लिथियम, निकेल और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों का विशाल भंडार है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरी निर्माण और हरित ऊर्जा संक्रमण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में क्रिटिकल मिनरल्स आपूर्ति को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। भारत, जो इन खनिजों की आपूर्ति में विविधता लाने की कोशिश कर रहा है, ब्राजील के साथ साझेदारी से दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है। इससे दोनों देशों के बीच खनन, प्रोसेसिंग और तकनीकी सहयोग के नए अवसर खुल सकते हैं।

एविएशन सेक्टर में सहयोग

एविएशन क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति की उम्मीद है। भारतीय समूह Adani Group और ब्राजील की एयरोनॉटिक्स कंपनी Embraer के बीच दूसरे समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। दोनों कंपनियां भारत में मैन्युफैक्चरिंग सुविधा स्थापित करने पर काम कर रही हैं। भारत का क्षेत्रीय एविएशन बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। यदि एम्ब्रेयर भारत में सिविल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का निर्माण शुरू करती है, तो इससे ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बल मिलेगा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई दिशा मिलेगी।

Leave a comment