इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे से पंढरीनाथ थाने में करीब पांच घंटे तक पूछताछ की गई। बाहर आने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि NEET छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन करने के कारण उन्हें नोटिस भेजा गया और राजनीतिक दबाव में कार्रवाई की गई।
इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे से गुरुवार को पंढरीनाथ थाने में कई घंटों तक पूछताछ की गई। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और समर्थकों की भीड़ थाने पहुंच गई। पूछताछ के बाद बाहर आए चौकसे ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें NEET छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन करने की वजह से निशाना बनाया गया।
पांच घंटे तक थाने में चली पूछताछ

शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे को पुलिस द्वारा नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने के लिए पंढरीनाथ थाने बुलाया गया था। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, उनसे करीब पांच घंटे तक पूछताछ की गई। लंबे समय तक थाने में रोके जाने की सूचना मिलते ही पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा समेत कई कांग्रेस नेता और समर्थक थाने पहुंच गए। इस दौरान थाने के बाहर नारेबाजी भी हुई। बाद में पुलिस ने चौकसे को जाने की अनुमति दे दी।
चौकसे का आरोप- NEET छात्रों का समर्थन करना पड़ा भारी
थाने से बाहर आने के बाद चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि हाल ही में टंट्याभील चौराहे पर NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कांग्रेस ने समर्थन किया था। उनका दावा है कि इसके बाद ही उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा गया।
चौकसे ने कहा कि पूछताछ के दौरान उन्हें बार-बार बयान बदलने के लिए कहा गया और कई घंटे तक थाने में बैठाकर रखा गया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय पुलिसकर्मी केवल अपने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन कर रहे थे।
'10 बार बयान में संशोधन कराया गया'
चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि उनके बयान में कई बार संशोधन कराया गया। उनके अनुसार, पुलिस ने अलग-अलग बिंदुओं पर आपत्ति जताते हुए करीब दस बार बयान में काट-छांट करवाई।
उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस कारण के किसी राजनीतिक दल के अध्यक्ष को कई घंटे तक थाने में बैठाकर रखना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। चौकसे ने इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताते हुए कहा कि कांग्रेस इस मामले को गंभीरता से उठाएगी।
कांग्रेस ने आंदोलन की दी चेतावनी
चौकसे ने कहा कि कांग्रेस छात्रों, किसानों और अन्य जन आंदोलनों के साथ खड़ी है और इसी वजह से पार्टी नेताओं को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छह महीने पुराने मामले में अचानक नोटिस जारी करना राजनीतिक मंशा को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले कांग्रेस कार्यालय पर हुए हमले के मामले में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई, जबकि कांग्रेस नेताओं पर नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी। चौकसे के अनुसार, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में इंदौर पुलिस के खिलाफ जल्द ही बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
नोट: पुलिस की ओर से इस मामले में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक प्रताड़ना बताया है, जबकि पुलिस ने सार्वजनिक रूप से इन आरोपों पर विस्तृत टिप्पणी नहीं की है।












