इंदौर ईदगाह में गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग, नमाजियों ने किया समर्थन

Indore ईदगाह में शहर काजी ने गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग उठाई। नमाजियों ने हाथ उठाकर समर्थन जताया।

इंदौर में ईद की नमाज से पहले शहर काजी ने गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग उठाई। हजारों नमाजियों ने हाथ उठाकर समर्थन किया, वहीं पानी बचाने और नशे से दूर रहने की अपील भी की गई।

इंदौर: ईद-उल-अजहा के मौके पर इंदौर के सदर बाजार ईदगाह में सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। नमाज से पहले शहर काजी डॉ. इशरत अली ने गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग रखी, जिसका वहां मौजूद नमाजियों ने समर्थन किया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण और नशे के खिलाफ भी संदेश दिया गया।

इंदौर ईदगाह में सामाजिक सौहार्द का संदेश

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में ईद-उल-अजहा के मौके पर सांप्रदायिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की तस्वीर देखने को मिली। सदर बाजार स्थित ईदगाह में बड़ी संख्या में लोगों ने ईद की नमाज अदा की। नमाज से पहले शहर काजी डॉ. इशरत अली ने समाज को भाईचारे, पर्यावरण संरक्षण और नशे से दूर रहने का संदेश दिया।

अपने संबोधन के दौरान शहर काजी ने गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि गाय को देश में सम्मान की नजर से देखा जाता है और गोवंश संरक्षण को लेकर मजबूत कदम उठाए जाने चाहिए। काजी की इस अपील पर वहां मौजूद हजारों नमाजियों ने हाथ उठाकर समर्थन जताया।

उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किए जाने से उसके संरक्षण को और मजबूती मिलेगी। साथ ही उन्होंने समाज में आपसी सम्मान और सौहार्द बनाए रखने की भी अपील की।

पानी बचाने और नशे से दूर रहने की अपील

शहर काजी ने लोगों से बारिश के पानी को बचाने और उसे जमीन में उतारने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि केवल सरकार या प्रशासन के भरोसे रहने के बजाय लोगों को खुद आगे आकर जल संरक्षण के लिए काम करना चाहिए।

इसके अलावा उन्होंने नशे को समाज के लिए गंभीर समस्या बताते हुए चिंता जताई। काजी ने कहा कि समाज के कुछ लोग नशे के कारोबार में शामिल हैं, जिसे रोकने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि इंदौर में नशे के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

50 साल पुरानी परंपरा बनी आकर्षण का केंद्र

इंदौर में ईद के मौके पर एक अनोखी परंपरा भी देखने को मिली। पिछले करीब 50 वर्षों से शहर काजी को उनके घर से ईदगाह तक लाने और वापस छोड़ने की जिम्मेदारी एक हिंदू परिवार निभा रहा है।

इस बार भी सत्यनारायण सलवाडिया और उनके परिवार ने शहर काजी का फूलों से स्वागत किया और उन्हें विशेष रूप से सजाई गई बग्घी में ईदगाह तक पहुंचाया। इस परंपरा को शहर में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल माना जाता है।

खंडवा में भी उठी समान मांग

खंडवा में भी ईद-उल-अजहा के मौके पर मुख्य ईदगाह समेत कई मस्जिदों में नमाज अदा की गई। यहां शहर काजी सैयद निसार अली ने केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गोवंश संरक्षण को लेकर पूरे देश में सख्त कानून लागू होना चाहिए।

इस दौरान पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ नमाजियों को पौधे भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में लोगों ने भाईचारे और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

धीरेंद्र शास्त्री ने भी उठाई मांग

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर Dhirendra Krishna Shastri ने भी गोमाता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर देशव्यापी अभियान चलाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि गाय संरक्षण को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है और इस मुद्दे पर सभी को साथ आना चाहिए।

Leave a comment