Instagram ने रिपोस्ट कंटेंट पर सख्ती बढ़ाई है। अब ऐसे अकाउंट्स की पोस्ट न फीड में रिकमंड होगी न एक्सप्लोर में, जिससे ओरिजिनल कंटेंट को बढ़ावा मिलेगा और डुप्लीकेट कंटेंट कम होगा।
Tech News: Instagram ने यूजर्स की शिकायतों के बाद अपने एल्गोरिदम में बड़ा बदलाव किया है, जिसके तहत अब रिपोस्ट किए गए कंटेंट की रीच सीमित की जाएगी। कंपनी का उद्देश्य ओरिजिनल क्रिएटर्स को बेहतर विजिबिलिटी देना और प्लेटफॉर्म पर कंटेंट क्वालिटी सुधारना है। नए नियमों के लागू होने के बाद ऐसे पोस्ट एक्सप्लोर और रिकमंडेशन सेक्शन में कम दिखाई देंगे, जिससे यूजर्स को अधिक प्रासंगिक कंटेंट मिल सके।
रिपोस्ट कंटेंट पर सख्ती, ऐसे अकाउंट्स होंगे प्रभावित
Instagram ने अपने एल्गोरिदम में बदलाव करते हुए उन अकाउंट्स की रीच सीमित करने का फैसला किया है, जो नियमित रूप से दूसरे क्रिएटर्स का कंटेंट रिपोस्ट करते हैं। ऐसे अकाउंट्स की पोस्ट अब नए यूजर्स तक नहीं पहुंचेगी और उन्हें एक्सप्लोर या रिकमेंडेशन सेक्शन में जगह नहीं मिलेगी।
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इसका असर खास तौर पर उन पेजों पर पड़ेगा जो क्यूरेशन या रीशेयरिंग पर आधारित हैं। उनकी पोस्ट केवल उनके मौजूदा फॉलोवर्स तक सीमित रह जाएगी, जिससे ऑर्गेनिक ग्रोथ पर सीधा असर पड़ेगा।
क्या माना जाएगा ओरिजिनल कंटेंट
इंस्टाग्राम के अनुसार, किसी मौजूदा टेम्पलेट या क्लिप में रचनात्मक बदलाव करने पर उसे ओरिजिनल कंटेंट माना जाएगा। केवल मामूली बदलाव, जैसे वॉटरमार्क जोड़ना या वीडियो की स्पीड बदलना, ओरिजिनल श्रेणी में नहीं आएंगे।
इसके अलावा, दूसरे क्रिएटर्स के कंटेंट के स्क्रीनशॉट या बिना किसी नए तत्व के रीपोस्ट किए गए पोस्ट को भी गैर-मौलिक माना जाएगा और ऐसे कंटेंट को नए दर्शकों तक नहीं दिखाया जाएगा।
यूजर्स और क्रिएटर्स पर क्या होगा असर
कंपनी का कहना है कि यूजर्स को उनके फॉलो किए गए अकाउंट्स का कंटेंट पहले की तरह फीड में मिलता रहेगा। बदलाव मुख्य रूप से उन अकाउंट्स को प्रभावित करेगा, जो केवल रिपोस्टिंग पर निर्भर हैं।
Meta Platforms के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य कंटेंट की गुणवत्ता में सुधार करना और मौलिक क्रिएटर्स को बेहतर रीच व एंगेजमेंट प्रदान करना है। इससे प्लेटफॉर्म पर डुप्लीकेट कंटेंट में कमी आने की उम्मीद है।
घटते यूजर्स के बीच उठाया गया कदम
हाल के आंकड़ों के अनुसार, फेसबुक और इंस्टाग्राम सहित मेटा के प्लेटफॉर्म पर डेली एक्टिव यूजर्स की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। कई रिपोर्ट्स में यूजर्स ने फीड में अप्रासंगिक और कम गुणवत्ता वाले कंटेंट की शिकायत की है।
इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने एल्गोरिदम में बदलाव किया है, ताकि यूजर्स को अधिक प्रासंगिक और बेहतर गुणवत्ता वाला कंटेंट दिखाया जा सके।









