मानव तस्करी के खिलाफ इंटरपोल का वैश्विक अभियान, 59 देशों में 1,000 से ज्यादा गिरफ्तार

इंटरपोल के नेतृत्व में 59 देशों में चले वैश्विक अभियान में 1,000 से अधिक गिरफ्तारियां, और 2,070 पीड़ितों की पहचान की गई। कई अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी गिरोह पकड़ा

इंटरपोल के नेतृत्व में 59 देशों में चलाए गए वैश्विक अभियान में 1,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया और 2,070 संभावित पीड़ितों की पहचान हुई। अभियान के दौरान मानव तस्करी, यौन शोषण, जबरन मजदूरी और ऑनलाइन धोखाधड़ी से जुड़े कई अंतरराष्ट्रीय गिरोहों का भंडाफोड़ किया गया।

पेरिस: दुनियाभर में मानव तस्करी के बढ़ते नेटवर्क पर बड़ा प्रहार करते हुए इंटरपोल (Interpol) के नेतृत्व में 59 देशों में संयुक्त अभियान चलाया गया, जिसमें 1,000 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। "ऑपरेशन ग्लोबल चेन" (Operation Global Chain) नामक इस अभियान का उद्देश्य यौन शोषण, जबरन मजदूरी, अपराध करवाने के लिए मजबूर करना और भीख मंगवाने जैसी मानव तस्करी से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगाना था।

यह अभियान इंटरपोल, यूरोपोल (Europol) और यूरोपीय सीमा सुरक्षा एजेंसी फ्रॉनटेक्स (Frontex) के समन्वय से 8 से 12 जून के बीच चलाया गया। इसमें अफ्रीका, एशिया, यूरोप और अमेरिका के 40,000 से अधिक कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

2,070 पीड़ितों की पहचान, महिलाओं की संख्या सबसे अधिक

अभियान के दौरान 2,070 पीड़ितों या संभावित पीड़ितों की पहचान की गई। अधिकारियों के अनुसार इनमें अधिकांश महिलाएं थीं, जबकि कई नाबालिग भी मानव तस्करी का शिकार पाए गए। कुल गिरफ्तारियों में 334 लोग सीधे मानव तस्करी के आरोप में पकड़े गए, जबकि 690 अन्य व्यक्तियों को संबंधित आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में हिरासत में लिया गया।

इंटरपोल के अनुसार अभियान के दौरान पहचाने गए सभी पीड़ितों को उनके-अपने देशों की सुरक्षा और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ा गया ताकि उन्हें कानूनी सहायता, चिकित्सा सुविधा और सामाजिक संरक्षण उपलब्ध कराया जा सके।

कंबोडिया और यूरोप में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय गिरोहों का हुआ भंडाफोड़

ऑपरेशन के दौरान कई बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच एजेंसियों ने ऐसे गिरोह को ध्वस्त किया जो लोगों को झूठे रोजगार के बहाने कंबोडिया ले जाकर ऑनलाइन स्कैम सेंटरों में जबरन काम करवाता था। पीड़ितों को डिजिटल धोखाधड़ी और साइबर अपराध से जुड़े कार्यों में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता था।

इसके अलावा यूरोप में सक्रिय एक अन्य नेटवर्क का भी पर्दाफाश किया गया, जो सोशल मीडिया के जरिए नाबालिग लड़कियों को फंसाकर उन्हें बेल्जियम और फ्रांस में देह व्यापार के लिए मजबूर करता था। इस मामले में बेल्जियम पुलिस ने 17 संदिग्धों को गिरफ्तार किया।

लैटिन अमेरिका से यूरोप तक बदले मानव तस्करी के तरीके

इंटरपोल ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि मानव तस्करी के तरीकों और मार्गों में तेजी से बदलाव आ रहा है। जांच के दौरान यह नया रुझान सामने आया कि लैटिन अमेरिकी देशों के लोगों को यूरोप में जबरन मजदूरी के लिए तस्करी कर ले जाया जा रहा है।

पहचाने गए पीड़ितों में लगभग 10 प्रतिशत नाबालिग ऐसे थे जिन्हें अमेरिका महाद्वीप से लाकर यौन शोषण का शिकार बनाया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया और फर्जी नौकरी के विज्ञापनों का इस्तेमाल मानव तस्कर तेजी से कर रहे हैं, जिससे युवाओं और बेरोजगार लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।

ब्राजील, अर्जेंटीना और कोलंबिया में भी बड़ी कार्रवाई

ब्राजील की संघीय पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए 406 पीड़ितों की पहचान की। इनमें 83 ब्राजीलियाई नागरिक और 323 विदेशी नागरिक शामिल थे। जांच में पता चला कि इन लोगों को कंबोडिया भेजकर ऑनलाइन धोखाधड़ी वाले केंद्रों में काम करने के लिए मजबूर किया गया था।

वहीं अर्जेंटीना में पुलिस ने दो बोलिवियाई बच्चों को एक किराना दुकान में जबरन मजदूरी से मुक्त कराया। इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। दूसरी ओर कोलंबिया में अधिकारियों ने हवाई अड्डों पर जागरूकता अभियान शुरू किया, जिसमें लोगों को विदेश में नौकरी के फर्जी प्रस्तावों से सावधान रहने की सलाह दी गई।

465 नई जांच शुरू, 201 और संदिग्धों की पहचान

इंटरपोल ने बताया कि इस वैश्विक अभियान के बाद 465 नए आपराधिक मामलों की जांच शुरू की गई है। इसके अलावा 201 अन्य संदिग्धों की पहचान की गई है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल नोटिस जारी किए गए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन मामलों में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं क्योंकि कई देशों में मानव तस्करी के नेटवर्क की गहन जांच जारी है।

किन देशों ने लिया अभियान में हिस्सा

ऑपरेशन ग्लोबल चेन में दुनिया के कई देशों ने भाग लिया। इनमें ब्रिटेन, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, नाइजीरिया, थाईलैंड, वियतनाम सहित कुल 59 देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियां शामिल थीं। इस अभियान का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाकर सीमापार सक्रिय संगठित अपराध नेटवर्क को कमजोर करना था।

मानव तस्करी अब भी संगठित अपराध का बड़ा स्रोत

इंटरपोल के महासचिव वाल्डेसी उरकिजा ने कहा कि मानव तस्करी आज भी दुनिया के सबसे लाभदायक और व्यापक संगठित अपराधों में से एक है। इससे हर वर्ष अरबों डॉलर की अवैध कमाई होती है, जबकि लाखों लोगों का जीवन गंभीर रूप से प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि यह अभियान दिखाता है कि जब विभिन्न देश मिलकर काम करते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क को प्रभावी ढंग से तोड़ा जा सकता है और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।

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