IPS अधिकारी बनने के लिए उम्मीदवार को UPSC सिविल सेवा परीक्षा, निर्धारित आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता और शारीरिक मानकों को पूरा करना होता है। चयन के बाद एक साल की कड़ी ट्रेनिंग दी जाती है। तैनाती, सैलरी और करियर ग्रोथ इसे सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में शामिल करती है।
Eligibility To Become An IPS: भारत में IPS अधिकारी बनने का सपना हर साल लाखों युवा देखते हैं, लेकिन इसे हासिल करने का मौका कुछ ही लोगों को मिलता है। यह चयन प्रक्रिया UPSC सिविल सेवा परीक्षा के जरिये होती है, जो पूरे देश में आयोजित की जाती है। इसमें वही उम्मीदवार सफल होते हैं जो तय आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता और शारीरिक मानकों पर खरे उतरते हैं। चयन के बाद उन्हें मसूरी और हैदराबाद में सख्त ट्रेनिंग दी जाती है ताकि वे कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा सकें।
IPS बनने की बुनियादी योग्यता क्या है
IPS अधिकारी बनने के लिए उम्मीदवार का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है। उम्र सीमा आमतौर पर 21 से 32 साल के बीच तय की गई है, हालांकि आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट मिलती है। इसके अलावा किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन पास होना जरूरी है।
शारीरिक योग्यता भी IPS चयन का अहम हिस्सा है। पुरुष उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम लंबाई 165 सेमी और महिला उम्मीदवारों के लिए 150 सेमी तय है। कुछ श्रेणियों को इसमें 5 सेमी तक की छूट भी दी जाती है। नजर, छाती और फिटनेस से जुड़े मापदंड भी जांचे जाते हैं।

UPSC परीक्षा और सख्त ट्रेनिंग का सफर
IPS अधिकारी बनने का रास्ता UPSC की सिविल सेवा परीक्षा से होकर गुजरता है। फॉर्म भरते समय उम्मीदवार को अपनी पसंद की सेवाएं दर्ज करनी होती हैं। परीक्षा में मिली रैंक और प्राथमिकता के आधार पर IPS की अलॉटमेंट होती है।
चयन के बाद IAS और IPS दोनों अधिकारियों को पहले मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में संयुक्त रूप से प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके बाद IPS अधिकारियों को हैदराबाद की सरदार वल्लभभाई पटेल पुलिस अकादमी में लगभग एक साल की कड़ी ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है, जहां उन्हें फील्ड और ऑपरेशनल ट्रेनिंग दी जाती है।
तैनाती, सैलरी और पहली पोस्टिंग
IPS अधिकारियों की पहली पोस्टिंग आमतौर पर DSP के रूप में होती है। इसके बाद अनुभव और पदोन्नति के साथ वे SP, DIG, IG और राज्य में DGP जैसे शीर्ष पद तक पहुंच सकते हैं। केंद्र स्तर पर CBI, IB और RAW जैसी एजेंसियों की कमान भी अक्सर IPS अधिकारी ही संभालते हैं।
सैलरी की बात करें तो 7वें वेतन आयोग के अनुसार शुरुआती वेतन 56,100 रुपये से शुरू होता है, जो शीर्ष पदों पर 2,25,000 रुपये तक पहुंच जाता है। इसके साथ सरकारी आवास, वाहन, सुरक्षा, स्टाफ और अन्य कई सुविधाएं भी मिलती हैं, जो इस सेवा को और आकर्षक बनाती हैं।










