ईरान में सरकार के बुलावे पर लाखों लोग सड़कों पर उतरे, 6 लाख से ज्यादा ने सैन्य प्रशिक्षण के लिए कराया रजिस्ट्रेशन

तेहरान: ईरान में सरकार समर्थित बड़ी रैली में लाखों लोग जुटे। अधिकारियों के मुताबिक 6 लाख से ज्यादा लोगों ने सैन्य प्रशिक्षण के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।

ईरान के तेहरान में शुक्रवार को सरकार के आह्वान पर बड़ी रैली हुई। अधिकारियों के अनुसार, 6 लाख से अधिक लोगों ने सैन्य प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण कराया है। रैली में ड्रोन और सैन्य उपकरण प्रदर्शित किए गए तथा अमेरिका-इजराइल विरोधी नारे भी लगे।

तेहरान: ईरान में शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को सरकार के आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। राजधानी तेहरान में आयोजित यह सरकार समर्थित रैली फरवरी में अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक रही। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, ‘जांफदाए ईरान’ अभियान के तहत अब तक 6 लाख से अधिक लोगों ने स्वयंसेवी सैन्य प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण कराया है। रैली में शामिल लोगों ने देश की रक्षा के लिए हथियार उठाने और सैन्य प्रशिक्षण लेने की तैयारी जताई। ईरान सरकार ने इस अभियान के तहत एक नए स्वयंसेवी बल को सामने रखा है, जिसे सीमित सैन्य और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रशिक्षण दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि, रैली में शामिल लोगों की संख्या और सरकार के दावों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सका है।

तेहरान में 3 लाख से ज्यादा लोगों के जुटने का दावा

ईरानी सरकारी प्रसारक के अनुसार, शुक्रवार को तेहरान में 3 लाख से अधिक लोग रैली में शामिल हुए। एक अन्य सरकारी आंकड़े में राजधानी में 313,000 लोगों की भागीदारी बताई गई। स्वतंत्र रूप से इस संख्या की पुष्टि नहीं हुई है। रैली में बड़ी संख्या में लोगों ने ईरान के राष्ट्रीय झंडे थामे हुए थे। कुछ प्रतिभागी सैन्य वर्दी में नजर आए। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने देश की रक्षा के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव जारी है। फरवरी में अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर हमले शुरू होने के बाद से दोनों पक्षों के बीच संघर्ष और क्षेत्रीय तनाव लगातार बना हुआ है।

‘जांफदाए ईरान’ अभियान के तहत सैन्य प्रशिक्षण

ईरानी अधिकारियों ने स्वयंसेवी अभियान का नाम ‘जांफदाए ईरान’ रखा है। इसका अर्थ मोटे तौर पर ‘ईरान के लिए बलिदान देने वाले’ लोगों से है।

तेहरान के IRGC प्रमुख हसन हसंजादेह ने सरकारी प्रसारक को बताया कि इस अभियान के तहत 6 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है। उन्होंने दावा किया कि प्रशिक्षण लेने वाले स्वयंसेवकों की संख्या आगे चलकर 10 लाख से अधिक हो सकती है।

अधिकारियों के अनुसार, स्वयंसेवकों को सीमित सैन्य और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें हथियारों के इस्तेमाल और संकट की स्थिति में सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण शामिल हो सकता है।

ईरान की सरकार इस बल को देश की सुरक्षा व्यवस्था में अतिरिक्त स्तर के रूप में देख रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, यह व्यवस्था इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और बसीज बलों के साथ काम कर सकती है।

राष्ट्रपति मसूद पजशकियान भी रैली में पहुंचे

तेहरान की रैली में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान, सैन्य अधिकारी और सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद रहे। बसीज प्रमुख हुसैन ताइब ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

रैली के दौरान सरकार की ओर से राष्ट्रीय एकता और देश की रक्षा के लिए तैयार रहने का संदेश दिया गया। राष्ट्रपति पजशकियान ने भी कार्यक्रम को एकजुटता के प्रदर्शन के तौर पर पेश किया।

सरकार समर्थित इस अभियान का आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब ईरान पर युद्ध और आर्थिक दबाव दोनों का असर दिखाई दे रहा है। अमेरिका की ओर से लगाए गए नए प्रतिबंधों और आर्थिक दबाव के बीच ईरानी अधिकारियों ने इसे देश के खिलाफ व्यापक दबाव का हिस्सा बताया है।

अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे

रैली में कुछ प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगाए। कार्यक्रम के दौरान अमेरिका और इजराइल के झंडों को पैरों से रौंदने के दृश्य भी सामने आए।

कुछ प्रतिभागियों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ पारंपरिक सरकार समर्थक नारे लगाए। यह प्रदर्शन ईरानी सरकार की उस राजनीतिक और सैन्य रणनीति के अनुरूप रहा, जिसमें अमेरिका और इजराइल को देश के प्रमुख बाहरी विरोधियों के रूप में पेश किया जाता है।

रैली में शामिल कुछ लोगों ने ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए तैयार रहने की बात कही। एक प्रतिभागी ने कहा कि ईरान अपने भविष्य को लेकर बाहरी देशों को निर्णय लेने की अनुमति नहीं देगा।

सैन्य ताकत का भी प्रदर्शन

रैली के दौरान ईरान ने स्वयंसेवी बल के साथ अपनी सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन भी किया। कार्यक्रम में ड्रोन, एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम और अन्य सैन्य उपकरण प्रदर्शित किए गए।

सरकार ने रैली के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि सैन्य संघर्ष के बीच उसके पास नागरिक स्वयंसेवकों का भी समर्थन मौजूद है। प्रदर्शन में कुछ स्वयंसेवक सैन्य वर्दी और हथियारों के साथ दिखाई दिए।

रैली में प्रदर्शित सैन्य उपकरणों में ऐसे ड्रोन भी शामिल थे, जिनके बारे में ईरान की ओर से दावा किया गया कि उनका इस्तेमाल होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के खिलाफ किया जा सकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा मार्गों में से एक है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ी है।

हाल के घटनाक्रमों में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने एक टोगो-फ्लैग वाले टैंकर पर हमला करने का दावा किया है। ईरान का कहना है कि जहाज ने जलडमरूमध्य से अनधिकृत तरीके से गुजरने की कोशिश की थी। इस घटना ने पहले से तनावपूर्ण समुद्री स्थिति को और जटिल बनाया है।

होर्मुज में जहाजों की आवाजाही में कमी का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार पर भी पड़ सकता है, क्योंकि दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा इस मार्ग से होकर गुजरता है।

युद्ध और आर्थिक दबाव के बीच रैली

तेहरान में हुई रैली ऐसे समय में हुई है जब ईरान युद्ध के साथ-साथ आर्थिक दबाव का भी सामना कर रहा है। अमेरिका की ओर से नए प्रतिबंध और ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक दबाव की खबरों के बीच देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिकी आर्थिक दबाव को ईरानी नागरिकों पर असर डालने वाली नीति बताया है। दूसरी ओर, अमेरिकी प्रशासन ईरान पर अपने प्रतिबंधों और दबाव को उसकी सैन्य और आर्थिक गतिविधियों को सीमित करने की रणनीति के तौर पर पेश करता है।

स्वयंसेवी बल की भूमिका पर नजर

ईरान में स्वयंसेवी बलों की भूमिका नई नहीं है। बसीज मिलिशिया लंबे समय से देश की सुरक्षा व्यवस्था और सरकार समर्थित गतिविधियों में सक्रिय रही है। अतीत में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को नियंत्रित करने में भी इसके इस्तेमाल की रिपोर्टें सामने आई हैं।

नए ‘जांफदाए ईरान’ अभियान के तहत बनने वाला स्वयंसेवी बल युद्धकालीन सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया में किस स्तर तक इस्तेमाल होगा, यह आगे स्पष्ट होगा। फिलहाल ईरानी अधिकारी इसे देश की रक्षा के लिए नागरिकों की तैयारी के रूप में पेश कर रहे हैं।

सरकार के लिए समर्थन दिखाने की कोशिश

तेहरान की यह रैली ईरानी सरकार के लिए युद्ध के बीच सार्वजनिक समर्थन और राष्ट्रीय एकता प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर रही। हालांकि, रैली की तस्वीरों और सरकारी आंकड़ों से पूरे देश की जनभावना का आकलन करना संभव नहीं है।

सरकार समर्थित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बावजूद, स्वतंत्र रूप से भीड़ के आंकड़े की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में 3 लाख या उससे अधिक लोगों की भागीदारी का आंकड़ा ईरानी अधिकारियों के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

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