दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने चर्चित IRCTC होटल घोटाला मामला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ा फैसला फिलहाल टाल दिया है। अदालत ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को 22 मई तक स्थगित कर दिया है।
पटना: Rouse Avenue Court ने IRCTC hotel scam money laundering case से जुड़े मामले में बड़ा फैसला लेते हुए आरोप तय करने के आदेश को 22 मई तक के लिए टाल दिया है। इस मामले में Lalu Prasad Yadav, उनकी पत्नी Rabri Devi और पुत्र Tejashwi Yadav समेत अन्य आरोपित शामिल हैं। अदालत के इस निर्णय के बाद अब मामले की अगली सुनवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया 22 मई को तय होगी।
क्या है IRCTC होटल घोटाला मामला?

यह मामला उस समय से जुड़ा है जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 के बीच भारत सरकार में रेल मंत्री थे। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस दौरान भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) के रांची और पुरी स्थित होटलों के संचालन का ठेका नियमों की अनदेखी करते हुए एक निजी कंपनी को दिया गया।
ED का दावा है कि इस कथित सौदे के बदले लालू परिवार से जुड़ी एक बेनामी कंपनी को लगभग तीन एकड़ की प्राइम जमीन हस्तांतरित की गई। एजेंसी के अनुसार यह जमीन कथित रूप से लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ली गई थी।
अदालत में क्या हुआ?
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत में हुई। अदालत को इस मामले में आरोप तय करने पर आदेश सुनाना था, लेकिन किसी कारणवश फैसला टाल दिया गया। अब अदालत 22 मई को यह तय कर सकती है कि आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय किए जाएंगे या नहीं।
प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि होटल संचालन के ठेके के बदले कथित रूप से अवैध आर्थिक लाभ लिया गया। एजेंसी ने इस मामले को मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार से जुड़ा बताया है। जांच एजेंसी का कहना है कि कई वित्तीय लेनदेन और संपत्ति हस्तांतरण ऐसे पाए गए हैं जो कथित तौर पर नियमों के विपरीत थे। इसी आधार पर ED ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।










