अलीगढ़ में हथियार सिंडीकेट का भंडाफोड़: AMU छात्र समेत 12 गिरफ्तार, डकैती की साजिश रच रहे थे आरोपी

अलीगढ़ में डकैती की योजना बना रहे AMU छात्र समेत 12 आरोपी गिरफ्तार। होटल मालिक पर हथियार सिंडीकेट चलाने और यूनिवर्सिटी में सप्लाई का आरोप।
अलीगढ़ में हथियार सिंडीकेट का भंडाफोड़: AMU छात्र समेत 12 गिरफ्तार, डकैती की साजिश रच रहे थे आरोपी
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अलीगढ़ में पुलिस ने एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का खुलासा करते हुए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के एक छात्र समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी डकैती की बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।

पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे सिंडीकेट का संचालन एक होटल मालिक कर रहा था। आरोपी न केवल डकैती की साजिश रच रहे थे बल्कि अवैध हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क भी चला रहे थे। पुलिस का दावा है कि यूनिवर्सिटी और आसपास के क्षेत्रों में हथियार पहुंचाने का काम इसी गैंग के जरिए किया जाता था।

अलीगढ़ पुलिस को लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। इसके बाद सर्विलांस और मुखबिर की मदद से टीम ने कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान आरोपियों को एक जगह इकट्ठा पाया गया, जहां कथित तौर पर डकैती की योजना बनाई जा रही थी।

पुलिस ने मौके से कई अवैध हथियार, कारतूस, मोबाइल फोन और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अलग-अलग इलाकों में वारदात करने की तैयारी में थे।

जांच अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में कुछ लोग पहले भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। पुलिस अब इनके पुराने रिकॉर्ड और संपर्कों की भी जांच कर रही है।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का नाम सामने आने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है। हालांकि यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

पुलिस का कहना है कि होटल मालिक इस नेटवर्क का मुख्य संचालक था। उसके होटल को कथित तौर पर अपराधियों की बैठक और हथियार सप्लाई के केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।

उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में अपराधियों के नेटवर्क और अवैध हथियारों की सप्लाई को लेकर पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इस कार्रवाई को भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।स्थानीय लोगों के मुताबिक, इलाके में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की चर्चा थी। लोगों ने पुलिस कार्रवाई के बाद राहत की सांस ली है।

सोशल मीडिया पर भी मामला तेजी से चर्चा में है। कई लोग यूनिवर्सिटी के नाम सामने आने पर चिंता जता रहे हैं, जबकि कुछ लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि हथियार कहां से आते थे और किन लोगों तक पहुंचाए जाते थे।

अलीगढ़ पुलिस को शक है कि इस सिंडीकेट के तार दूसरे जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसके लिए अन्य राज्यों और जिलों की एजेंसियों से भी संपर्क किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा संस्थानों के आसपास इस तरह के नेटवर्क का सक्रिय होना बेहद गंभीर मामला है। इससे युवाओं के अपराध की ओर बढ़ने का खतरा बढ़ता है।

फिलहाल पुलिस सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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