पश्चिम बंगाल के जमुड़िया में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए परित्यक्त ईसीएल क्वार्टर से चार देसी हथियार और आठ जिंदा कारतूस बरामद किए। यह कार्रवाई पुलिस हिरासत में मौजूद प्रेमपाल सिंह से पूछताछ के बाद मिले सुराग पर की गई।
आसनसोल: पश्चिम बंगाल के आसनसोल-दुर्गापुर इलाके में अवैध हथियारों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के दौरान बड़ी बरामदगी हुई है। जमुड़िया में पुलिस ने एक परित्यक्त ईसीएल क्वार्टर से चार देसी हथियार और आठ जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। यह कार्रवाई पुलिस हिरासत में चल रहे प्रेमपाल सिंह से पूछताछ के बाद की गई। पुलिस अब हथियारों के स्रोत और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
प्रेमपाल सिंह से पूछताछ के बाद मिला सुराग
पुलिस के अनुसार, जमुड़िया के पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक हरेराम सिंह के बेटे प्रेमपाल सिंह से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। प्रेमपाल सिंह फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और उनसे कथित अवैध गतिविधियों से जुड़े मामलों में पूछताछ की जा रही है।
आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की डीडी टीम और जमुड़िया थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ से मिले सुराग के बाद पुलिस को जमुड़िया के नॉर्थ सियारसोल इलाके में स्थित ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड यानी ईसीएल के एक पुराने और परित्यक्त क्वार्टर की जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस टीम ने बुधवार देर रात करीब 1:30 बजे वहां छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिस को क्वार्टर से हथियार और जिंदा कारतूस मिले।
क्वार्टर से चार हथियार और आठ कारतूस मिले
पुलिस की तलाशी में कुल चार देसी हथियार बरामद किए गए। इनमें एक देसी 7 एमएम पिस्तौल, एक देसी रिवॉल्वर और दो देसी पाइप गन शामिल हैं। इसके अलावा आठ राउंड जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए।
पुलिस ने बरामद हथियारों और कारतूसों को जब्त कर लिया है। अब जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि ये हथियार वहां किसने छिपाए थे और इनका इस्तेमाल किन गतिविधियों के लिए किया जाना था।
अधिकारियों को आशंका है कि बरामदगी किसी बड़े अवैध हथियार नेटवर्क की कड़ी हो सकती है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले नेटवर्क के आकार या इसमें शामिल लोगों की संख्या को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
हथियारों के स्रोत की जांच में जुटी पुलिस
बरामदगी के बाद पुलिस ने हथियारों की सप्लाई चेन की जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हथियार कहां से आए, इन्हें जमुड़िया तक कौन लेकर आया और इन्हें परित्यक्त क्वार्टर में किस उद्देश्य से रखा गया था।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या बरामद हथियारों का किसी आपराधिक घटना में इस्तेमाल हुआ है। इसके लिए पुराने मामलों की जानकारी और स्थानीय आपराधिक नेटवर्क से जुड़े लोगों की गतिविधियों को भी जांच के दायरे में लाया जा सकता है।
जांचकर्ताओं का ध्यान उन लोगों पर भी है, जिनका इस इलाके में अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त या आपूर्ति से संबंध हो सकता है।
छह दिन की हिरासत के बाद फिर कोर्ट में पेशी
इधर, प्रेमपाल सिंह की छह दिन की पुलिस हिरासत पूरी होने के बाद उन्हें गुरुवार को फिर आसनसोल अदालत में पेश किया गया। जमुड़िया थाना पुलिस ने मामले की आगे की जांच के लिए अदालत से उनकी 10 दिन की अतिरिक्त पुलिस हिरासत मांगी है।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों की पुष्टि करने और हथियारों से जुड़े अन्य संभावित लोगों तक पहुंचने के लिए आगे की जांच जरूरी है। अदालत के फैसले के आधार पर प्रेमपाल सिंह की हिरासत और जांच की अगली प्रक्रिया तय होगी।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि पुलिस की ओर से लगाए गए आरोप और जांच के दौरान सामने आए तथ्य न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। किसी आरोपी को अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने तक उसे कानूनी रूप से दोषी नहीं माना जा सकता।
आसनसोल-दुर्गापुर में हथियारों के खिलाफ अभियान
आसनसोल-दुर्गापुर औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस पिछले कुछ समय से अवैध हथियारों और आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। जमुड़िया से हुई यह बरामदगी उसी अभियान का हिस्सा बताई जा रही है।
औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण आसनसोल और आसपास के इलाकों में बड़ी आबादी रहती है। ऐसे में अवैध हथियारों की मौजूदगी को लेकर पुलिस की कार्रवाई कानून-व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पुलिस अब बरामद हथियारों की फोरेंसिक और तकनीकी जांच के साथ उनके संभावित इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर सकती है। जांच के दौरान यह भी सामने आ सकता है कि हथियार किसी स्थानीय गिरोह से जुड़े थे या किसी बाहरी नेटवर्क के जरिए यहां पहुंचाए गए।
परित्यक्त ईसीएल क्वार्टर बना जांच का केंद्र
जिस स्थान से हथियार बरामद किए गए, वह ईसीएल के नॉर्थ सियारसोल इलाके में स्थित एक परित्यक्त दो मंजिला क्वार्टर बताया गया है। ऐसे स्थानों का आपराधिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने की आशंका को देखते हुए पुलिस अब आसपास के क्षेत्र की भी जानकारी जुटा सकती है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि क्वार्टर में हाल के दिनों में कौन-कौन लोग आते-जाते थे। आसपास के लोगों से पूछताछ और उपलब्ध स्थानीय जानकारी से पुलिस को हथियारों को वहां छिपाने वाले लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
जांच आगे बढ़ने के साथ खुल सकते हैं और राज
चार हथियारों और आठ कारतूस की बरामदगी के बाद जमुड़िया में अवैध हथियारों को लेकर पुलिस की जांच और तेज हो गई है। फिलहाल पुलिस का जोर हथियारों के स्रोत, संभावित खरीदारों और सप्लाई नेटवर्क का पता लगाने पर है।
प्रेमपाल सिंह से पूछताछ और बरामदगी के बाद सामने आने वाली जानकारी के आधार पर पुलिस आगे और छापेमारी कर सकती है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस मामले में कितने लोग शामिल हैं या बरामद हथियारों का किसी विशेष आपराधिक घटना से सीधा संबंध है।
जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने हथियार और कारतूस जब्त कर लिए हैं और मामले से जुड़े संभावित संपर्कों की जांच जारी है।











