जापान में 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, शॉपिंग मॉल का हिस्सा ढहा, कई लोगों के फंसे होने की आशंका

जापान के कुमामोटो क्षेत्र में 7.1 तीव्रता के भूकंप के बाद शॉपिंग मॉल का हिस्सा ढह गया है। कई लोगों के फंसे होने की आशंका है, राहत एवं बचाव अभियान जारी।

जापान के कुमामोटो क्षेत्र में 7.1 तीव्रता के भूकंप से शॉपिंग मॉल का हिस्सा ढह गया। कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। राहत अभियान जारी है, जबकि हजारों सुरक्षाकर्मी बचाव कार्य में जुटे हैं और आफ्टरशॉक की चेतावनी जारी है।

टोक्यो: दक्षिण-पश्चिमी जापान में मंगलवार को आए 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने व्यापक तबाही मचाई। भूकंप का सबसे अधिक असर क्यूशू द्वीप के कुमामोटो क्षेत्र में देखने को मिला, जहां एक बड़े शॉपिंग सेंटर का हिस्सा ढह गया और कई लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई गई है। स्थानीय अग्निशमन विभाग और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है, जबकि प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करने में जुटा है।

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार भूकंप स्थानीय समयानुसार शाम 4:27 बजे आया। इसका केंद्र जमीन के भीतर लगभग 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर था, जिसके कारण झटके काफी तीव्र महसूस किए गए। प्रारंभिक चेतावनी के तहत सुनामी का अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन स्थिति की समीक्षा के बाद इसे एक घंटे के भीतर वापस ले लिया गया।

एयॉन मॉल में हुआ बड़ा हादसा

भूकंप के बाद कुमामोटो स्थित एयॉन मॉल में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज झटकों के बाद इमारत के भीतर धुआं उठता दिखाई दिया और इसके कुछ ही समय बाद दूसरी मंजिल का एक हिस्सा ढह गया। हादसे के समय मॉल में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

जापान की अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन एजेंसी ने पुष्टि की कि एक व्यावसायिक परिसर की दूसरी मंजिल गिरने से कई लोग अंदर फंस गए हैं। बचाव दल मलबा हटाकर लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक फंसे लोगों की सटीक संख्या या मृतकों की पुष्टि नहीं की है।

राहत कार्य में जुटी हजारों की टीम

जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने बताया कि कुमामोटो प्रांत के गवर्नर के अनुरोध पर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (SDF) के लगभग 3,600 जवान प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य में लगाए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है और सभी एजेंसियां स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर नुकसान को कम करने तथा प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बचाव दल पूरी रात अभियान जारी रखेंगे ताकि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।

सड़कें क्षतिग्रस्त, बिजली आपूर्ति बाधित

भूकंप के बाद कुमामोटो और आसपास के इलाकों में कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। कुछ स्थानों पर पुलों और पैदल पुलों के ढहने की भी खबरें सामने आई हैं। हवाई तस्वीरों में एक फुटब्रिज पूरी तरह गिरा हुआ दिखाई दिया, जबकि उसके समानांतर बने दूसरे पुल पर यातायात जारी था।

इसके अलावा हजारों घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कई क्षेत्रों में संचार सेवाएं भी प्रभावित हुईं, जिससे स्थानीय प्रशासन को राहत कार्यों के समन्वय में अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

कुमामोटो कैसल को भी पहुंचा नुकसान

भूकंप के झटकों से ऐतिहासिक कुमामोटो कैसल भी प्रभावित हुआ। प्रारंभिक तस्वीरों में किले की पत्थर की दीवारों के कुछ हिस्से ढहते दिखाई दिए। विशेषज्ञ अब इस ऐतिहासिक धरोहर को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कर रहे हैं।

परमाणु संयंत्र सुरक्षित

भूकंप के बाद अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने बताया कि भूकंप का असर सेंदाई परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर नहीं पड़ा है। एजेंसी के अनुसार संयंत्र सुरक्षित है और सामान्य रूप से संचालित हो रहा है। किसी प्रकार की विकिरण संबंधी समस्या या सुरक्षा जोखिम की सूचना नहीं मिली है। IAEA ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जापानी अधिकारियों के संपर्क में है।

लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह

भूकंप के तुरंत बाद प्रशासन ने लगभग 1.5 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में जाने की सलाह दी। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि उथले केंद्र वाले इस भूकंप के बाद तेज आफ्टरशॉक्स आने की संभावना बनी हुई है। आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने नागरिकों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

जापान में क्यों आते हैं इतने भूकंप?

जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। यह देश प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में स्थित है, जहां कई टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं। इसी कारण यहां हर वर्ष लगभग 1,500 भूकंप दर्ज किए जाते हैं। हालांकि अधिकांश भूकंप कम तीव्रता के होते हैं, लेकिन समय-समय पर आने वाले शक्तिशाली भूकंप बड़े पैमाने पर जन-धन की हानि और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा सकते हैं। जापान ने अत्याधुनिक भूकंप चेतावनी प्रणाली और सख्त भवन निर्माण मानकों के जरिए जोखिम को काफी हद तक कम किया है, फिर भी बड़े भूकंप गंभीर चुनौती बने रहते हैं।

स्थिति पर लगातार नजर

राहत एजेंसियां मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए आधुनिक उपकरणों और खोजी टीमों की मदद ले रही हैं। प्रशासन लगातार प्रभावित इलाकों का हवाई और जमीनी सर्वेक्षण कर रहा है ताकि नुकसान का सही आकलन किया जा सके। अधिकारियों ने कहा है कि जैसे-जैसे बचाव अभियान आगे बढ़ेगा, प्रभावित लोगों की संख्या और नुकसान से संबंधित आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में आपातकालीन सेवाएं सक्रिय हैं और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

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