CUET UG 2026 के स्कोर से अब बीटेक में भी एडमिशन लिया जा सकता है। दिल्ली यूनिवर्सिटी सहित कई केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कोर्स में प्रवेश के लिए CUET स्कोर स्वीकार कर रहे हैं। परीक्षा 11 मई से आयोजित होगी, जिससे छात्रों को JEE के अलावा एक वैकल्पिक अवसर मिलेगा।
CUET UG 2026 BTech Admission: 12वीं के बाद इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए अब सिर्फ JEE Main पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है, क्योंकि दिल्ली समेत देश की कई सरकारी यूनिवर्सिटीज CUET UG स्कोर के आधार पर बीटेक में प्रवेश दे रही हैं। University of Delhi, BHU और अन्य संस्थान इस प्रक्रिया में शामिल हैं। National Testing Agency 11 मई से CUET UG 2026 परीक्षा आयोजित करेगा, जिससे उन छात्रों को मौका मिलेगा जो वैकल्पिक प्रवेश मार्ग तलाश रहे हैं।
CUET UG से बीटेक
University of Delhi के फैकल्टी ऑफ टेक्नोलॉजी में CUET UG स्कोर के आधार पर बीटेक में दाखिला लिया जा सकता है। यहां कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जैसे कोर्स संचालित किए जाते हैं।
इन तीनों ही पाठ्यक्रमों में एडमिशन के लिए CUET UG स्कोर को आधार बनाया जाता है। ऐसे में दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीटेक करने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, खासकर उन उम्मीदवारों के लिए जो JEE के अलावा अन्य विकल्प तलाश रहे हैं।

ये सरकारी यूनिवर्सिटीज भी देती हैं मौका
CUET UG स्कोर के आधार पर बीटेक में प्रवेश देने वाली संस्थाओं में Banaras Hindu University, Guru Gobind Singh Indraprastha University, Dr. A.P.J. Abdul Kalam Technical University और University of Hyderabad जैसी प्रमुख यूनिवर्सिटीज शामिल हैं।
इसके अलावा Madan Mohan Malaviya University of Technology में बीटेक लेटरल एंट्री और Mahatma Gandhi Central University जैसे संस्थान भी CUET स्कोर स्वीकार करते हैं। कई निजी विश्वविद्यालय भी इसी स्कोर के आधार पर इंजीनियरिंग सीटों में दाखिला देते हैं।
11 मई से CUET UG 2026 परीक्षा
National Testing Agency ने CUET UG 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली है। आवेदन की अंतिम तिथि 26 फरवरी तय की गई थी। अब परीक्षा का आयोजन 11 मई से किया जाएगा।
CUET UG का दायरा हर साल बढ़ रहा है और अब यह सिर्फ सामान्य स्नातक पाठ्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा। इंजीनियरिंग जैसे प्रोफेशनल कोर्स में भी इसका उपयोग बढ़ने लगा है, जिससे छात्रों के पास प्रवेश के अधिक विकल्प उपलब्ध हो रहे हैं।









