झारखंड के कोयला क्षेत्रों में सितंबर के दौरान CISF ने अवैध खनन और कोयला चोरी के खिलाफ छापेमारी कर बड़ी मात्रा में कोयला और खनन उपकरण जब्त किए। वहीं, CBI ने BCCL धनबाद यूनिट में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर दो पूर्व CISF अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज की।
रांची: झारखंड के कोयला क्षेत्रों में सितंबर के दौरान केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने अवैध खनन और कोयला चोरी के खिलाफ अभियान तेज किया। इसी बीच BCCL धनबाद यूनिट में कथित भ्रष्टाचार के मामले में CBI ने CISF के दो पूर्व अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
कोयला चोरी पर कार्रवाई, भ्रष्टाचार मामले में भी जांच
झारखंड के कोयला क्षेत्रों में सितंबर महीने के दौरान CISF ने सुरक्षा और कार्रवाई दोनों मोर्चों पर सक्रियता बढ़ाई। एक तरफ अवैध खनन और कोयला चोरी के खिलाफ विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी की गई, वहीं दूसरी ओर BCCL धनबाद यूनिट में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच भी आगे बढ़ी।
CBI की एंटी-करप्शन ब्रांच धनबाद ने BCCL कोयला नगर स्थित CISF यूनिट में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में तत्कालीन उप कमांडेंट ओम कुमार तनवर और तत्कालीन इंस्पेक्टर (एग्जीक्यूटिव) राज लक्ष्मी वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
यह मामला CISF मुख्यालय के मुख्य सतर्कता अधिकारी जोस मोहन की शिकायत पर आधारित है। शिकायत में दस्तावेजों के साथ तीन ऑडियो क्लिप वाले पेन ड्राइव का भी उल्लेख किया गया है। इनमें कथित तौर पर अवैध लेन-देन से संबंधित बातचीत दर्ज होने की बात कही गई है।
दोनों अधिकारियों को मार्च 2026 में हुई आंतरिक जांच के बाद निलंबित किया गया था। फिलहाल दोनों अन्य इकाइयों में पदस्थ बताए गए हैं। जांच के दायरे में CISF के दो दर्जन से अधिक अधिकारी और जवान भी बताए जा रहे हैं। जांच प्रभावित न हो, इसके लिए इससे पहले कई संदिग्ध कर्मियों का तबादला किया जा चुका था।
‘जीरो कोल लीकेज’ पर जोर, 500 अतिरिक्त जवानों की योजना
CISF महानिदेशक प्रवीर रंजन ने 16 से 18 सितंबर के बीच झारखंड और पश्चिम बंगाल के कोयला क्षेत्रों का तीन दिवसीय दौरा किया। इस दौरान उन्होंने BCCL धनबाद और बोकारो स्टील प्लांट (BSL) की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
BCCL और स्थानीय प्रशासन के साथ हुई बैठक में ‘जीरो कोल लीकेज’ नीति को प्रभावी बनाने के लिए रोडमैप तैयार किया गया। कोयला और इस्पात क्षेत्रों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए 500 अतिरिक्त CISF जवानों की तैनाती की योजना भी बनाई गई।
सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है। ड्रोन निगरानी और GPS तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने की योजना है। इसके अलावा CCL की संवेदनशील मगध और आम्रपाली खदानों की सुरक्षा भी CISF को सौंपी गई है। इसके लिए DIG सहित कुल 1,676 पद सृजित किए गए हैं।
फुलबसिया और बेनीडीह में बड़ी मात्रा में कोयला जब्त
अवैध खनन और कोयला चोरी के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान कई क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में कोयला बरामद किया गया। फुलबसिया साइडिंग के पास करीब 250 टन अवैध कोयला जब्त किया गया। वहीं, बेनीडीह स्थित BCCL ब्लॉक-2 क्षेत्र से करीब 70 टन कोयला बरामद हुआ।
धमधमिया जंगल और अन्य क्षेत्रों में भी टन भर कोयला और खनन से जुड़े उपकरण जब्त किए गए। अभियान के दौरान दर्जनों वाहनों की जांच की गई। अवैध खनन के मुहानों की भराई के साथ-साथ MMDR Act के तहत कार्रवाई भी जारी है।
करीब 12 हजार CISF जवानों की तैनाती
झारखंड और पश्चिम बंगाल के कोयला बेल्ट में करीब 12,000 CISF कर्मी तैनात हैं। इन क्षेत्रों में अवैध खनन और कोयला चोरी की रोकथाम के लिए सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहा है।
CISF के मुताबिक, कोयला और इस्पात क्षेत्रों में राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा के लिए निगरानी और संयुक्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। एक तरफ अवैध खनन और चोरी रोकने के लिए जमीनी कार्रवाई पर जोर है, तो दूसरी तरफ तकनीकी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है।












