हरियाणा में 2,814 सरकारी स्कूल जर्जर, 118 का होगा पुनर्निर्माण, अंबाला के चमन वाटिका में दाखिले पर रोक

हरियाणा में 2,814 सरकारी स्कूल भवन जर्जर मिले हैं। इनमें 118 के पुनर्निर्माण के लिए ₹200 करोड़ मंजूर हुए। चमन वाटिका में नए दाखिले पर रोक है।

हरियाणा में सर्वे के दौरान 2,814 सरकारी स्कूल भवन जर्जर पाए गए हैं। इनमें 118 अत्यधिक जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण के लिए सरकार ने ₹200 करोड़ मंजूर किए हैं। अंबाला के चमन वाटिका गुरुकुल में जांच पूरी होने तक नए दाखिलों पर रोक लगा दी गई है।

चंडीगढ़: हरियाणा में सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों को लेकर सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। प्रदेश में 2,814 सरकारी स्कूल भवन जर्जर पाए गए हैं, जिनमें 118 अत्यधिक खराब भवनों का ₹200 करोड़ की लागत से पुनर्निर्माण किया जाएगा। वहीं अंबाला के चमन वाटिका गुरुकुल में जांच पूरी होने तक नए दाखिलों पर रोक लगा दी गई है।

2,814 सरकारी स्कूल भवन जर्जर मिले

हरियाणा में जर्जर और असुरक्षित सरकारी इमारतों को लेकर विभागीय स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है। राज्य सरकार ने खतरनाक और दुर्घटना की आशंका वाले भवनों का ब्योरा तैयार करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए हैं। सरकारी स्कूलों को लेकर सर्वे का आंकड़ा अब सरकार के पास उपलब्ध है।

सर्वे के अनुसार प्रदेश में कुल 2,814 सरकारी स्कूल भवन जर्जर हालत में पाए गए हैं। इनमें से 118 भवन ऐसे हैं, जिन्हें अत्यधिक जर्जर और मरम्मत के योग्य नहीं माना गया है। इन स्कूल भवनों को नए सिरे से बनाया जाएगा। इनके पुनर्निर्माण और आधुनिक स्वरूप देने के लिए हरियाणा सरकार ने ₹200 करोड़ का बजट मंजूर किया है।

स्कूल भवनों के पुनर्निर्माण का फैसला विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि, इसके साथ ही प्रदेश में मौजूद अन्य सरकारी और निजी इमारतों की सुरक्षा स्थिति का व्यापक आकलन किए जाने की जरूरत भी सामने आती है। अलग-अलग विभागों और स्थानीय निकायों के पास भवनों से जुड़ी सूचनाएं हो सकती हैं, लेकिन फिलहाल इनका कोई साझा डेटाबेस उपलब्ध नहीं है।

चमन वाटिका गुरुकुल में नए दाखिलों पर रोक

अंबाला के चमन वाटिका गुरुकुल का मामला भी जर्जर भवन और विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। गुरुकुल के भवन की स्थिति और सुरक्षा मानकों को लेकर शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले में सख्त रुख अपनाया है।

इंटरनेट मीडिया पर स्कूल में नए दाखिलों के लिए आवेदन मांगे जाने की जानकारी सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग के पत्र में कहा गया है कि जांच कमेटी की रिपोर्ट आने तक चमन वाटिका गुरुकुल में किसी भी विद्यार्थी का नया दाखिला नहीं किया जाएगा।

मामले की विस्तृत जांच के लिए शिक्षा विभाग ने एसडीएम के नेतृत्व में पांच सदस्यीय विशेष कमेटी गठित की है। यह कमेटी भवन की स्थिति, विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुरक्षा से जुड़े अन्य मानकों की जांच करेगी। शिकायत में भवन के जर्जर होने के साथ सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

आदेश की अनदेखी पर कार्रवाई की चेतावनी

शिक्षा विभाग ने चमन वाटिका गुरुकुल के प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि आदेशों की अवहेलना होने पर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने इसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन पर तय की है।

आदेश की प्रतियां निदेशक, सेकेंडरी शिक्षा हरियाणा, उपायुक्त अंबाला, एसडीएम अंबाला शहर और संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को भी भेजी गई हैं। इससे साफ है कि जांच पूरी होने तक विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नए प्रवेश की प्रक्रिया रोक दी गई है।

भवन सुरक्षा के लिए साझा व्यवस्था की जरूरत

चमन वाटिका गुरुकुल का मामला सामने आने के बाद प्रदेश में सरकारी और निजी भवनों की सुरक्षा जांच को लेकर भी चर्चा तेज हुई है। 2,814 जर्जर सरकारी स्कूल भवनों का आंकड़ा सामने आने के बावजूद निजी और अन्य सरकारी भवनों की स्थिति का समग्र रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होना एक महत्वपूर्ण सूचना-खामी के रूप में सामने आता है।

भवन निर्माण से जुड़े विभागों, स्थानीय निकायों और अन्य एजेंसियों के पास अलग-अलग स्तर पर जानकारी मौजूद हो सकती है, लेकिन इन सूचनाओं को एक साझा तंत्र से जोड़ने की जरूरत महसूस की जा रही है। दिल्ली और अंबाला समेत अलग-अलग क्षेत्रों में सामने आए हादसों के बाद जर्जर और असुरक्षित इमारतों की समय पर पहचान और सुरक्षा जांच को लेकर सतर्कता और बढ़ गई है।

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