झारखंड कांग्रेस में अंतर्कलह के संकेत: विधायकों ने मंत्रियों पर अनसुनी का लगाया आरोप, संगठन ने दिए सख्त निर्देश

झारखंड कांग्रेस में अंदरूनी विवाद के संकेत तेज हो गए हैं। विधायकों ने मंत्रियों पर अनसुनी का आरोप लगाया है, जबकि पार्टी संगठन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में विधानसभा सत्र से ठीक पहले हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में कांग्रेस कोटे के मंत्रियों को अपने ही विधायकों की खरी-खोटी सुननी पड़ी।

रांची: झारखंड की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब विधानसभा सत्र से ठीक पहले आयोजित कांग्रेस विधायक दल की बैठक में पार्टी के ही विधायकों ने अपने मंत्रियों के खिलाफ खुलकर नाराजगी जाहिर की। बैठक के दौरान कई विधायकों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कोटे के मंत्री उनकी बातों को गंभीरता से नहीं सुनते, जिससे न केवल जनसमस्याओं का समाधान प्रभावित हो रहा है बल्कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में भी असंतोष बढ़ रहा है। इस घटनाक्रम को राज्य में चल रहे सियासी समीकरणों के बीच एक अहम संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

यह बैठक झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में आयोजित की गई थी, जिसमें प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू, सह प्रभारी सिरीबेला प्रसाद, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और विधायक दल के नेता प्रदीप यादव प्रमुख रूप से उपस्थित थे। बैठक में विधायकों ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब मंत्री ही उनकी बातों को नजरअंदाज कर रहे हैं तो आम जनता की समस्याओं का समाधान कैसे संभव होगा। विधायकों का कहना था कि जनता उनसे सीधे संपर्क करती है, लेकिन जब वे इन मुद्दों को मंत्रियों तक पहुंचाते हैं तो अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती।

कार्यकर्ताओं में बढ़ता असंतोष, संगठन पर दबाव

विधायकों ने यह भी बताया कि मंत्रियों की इस कथित अनदेखी का सीधा असर पार्टी के कार्यकर्ताओं पर पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है, जिसका असर आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी रणनीतियों पर भी पड़ सकता है। कुछ विधायकों ने बैठक में यह तक कहा कि यदि जनसमस्याओं का समय पर समाधान नहीं हुआ तो इसका सीधा नुकसान पार्टी को उठाना पड़ सकता है।

बैठक में जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर भी चर्चा हुई। विशेष रूप से पिछड़े वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिलने का मामला प्रमुखता से उठाया गया। विधायकों ने सरकार से मांग की कि छात्रवृत्ति से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए ताकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

प्रदेश प्रभारी के सख्त निर्देश

विधायकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे विधायकों की बातों को नियमित रूप से सुनें और जनसमस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है, ताकि जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि समन्वय की कमी बनी रहती है तो संगठन स्तर पर इस पर कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।

विवाद से किया इनकार, फिर भी संकेत साफ

हालांकि बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने आंतरिक विवाद की बातों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह बैठक एक नियमित परंपरा के तहत आयोजित की गई थी, जिसमें विधायकों को अपने क्षेत्रों से जुड़े जन सरोकार के मुद्दे विधानसभा सत्र में प्रभावी ढंग से उठाने के निर्देश दिए गए। उनके अनुसार बैठक में सकारात्मक और रचनात्मक चर्चा हुई।

विधायक दल के उप नेता राजेश कच्छप ने भी कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य विधायकों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना था। उन्होंने बताया कि राज्यवासियों से जुड़े मुद्दों को जोरशोर से उठाने और विशेषकर पिछड़े वर्ग के छात्रों की छात्रवृत्ति जैसे संवेदनशील मामलों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने पर जोर दिया गया।

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