झुंझुनूं में दर्दनाक सड़क हादसा: बीएड परीक्षा देने जा रही महिला को डंपर ने कुचला, पति गंभीर रूप से घायल

राजस्थान : झुंझुनूं में बीएड परीक्षा देने जा रही महिला को तेज रफ्तार डंपर ने कुचल दिया। हादसे में महिला की मौत हो गई, जबकि पति गंभीर घायल होकर जयपुर रेफर हुआ।

झुंझुनूं में बीएड परीक्षा देने जा रही पूजा मेघवाल की सड़क हादसे में मौत हो गई। तेज रफ्तार डंपर ने स्कूटी को टक्कर मार दी। पति मनजीत गंभीर घायल है। हादसे के बाद आरोपी ड्राइवर फरार हो गया, जबकि परिजनों ने कार्रवाई की मांग की।

झुंझुनू: राजस्थान के Jhunjhunu जिले में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में बीएड परीक्षा देने जा रही 24 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब तेज रफ्तार डंपर ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। दुर्घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और स्थानीय लोगों के साथ समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की।

पुलिस के अनुसार, मृतक महिला की पहचान पूजा मेघवाल के रूप में हुई है, जबकि उसके पति मनजीत मेघवाल की हालत गंभीर बनी हुई है। घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर किया गया है।

यह घटना राजस्थान में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों और भारी वाहनों की लापरवाह ड्राइविंग को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

परीक्षा देने जाते समय हुआ हादसा

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूजा मेघवाल बीएड की छात्रा थी और बुधवार को उसका परीक्षा पेपर था। वह अपने पति मनजीत के साथ स्कूटी पर परीक्षा केंद्र की ओर जा रही थी।

दोनों सुबह अपने गांव सोलाना से निकले थे। जब वे झुंझुनूं के इंडाली बाइपास स्थित गोलाई मोड़ के पास पहुंचे, तभी सामने से तेज रफ्तार में आ रहे एक डंपर ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े। हादसे के बाद डंपर महिला के ऊपर से गुजर गया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

महिला की मौके पर मौत, पति गंभीर घायल

पुलिस के मुताबिक, हादसे में पूजा मेघवाल के शरीर का ऊपरी हिस्सा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। वहीं उसके पति मनजीत सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया।

स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। घायल युवक को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे बाद में जयपुर रेफर कर दिया गया।

डॉक्टरों के अनुसार, युवक की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है।

हादसे के बाद ड्राइवर फरार

हादसे के तुरंत बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

कोतवाली थाना पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के बाद घटनास्थल से कुछ अहम साक्ष्य जुटाए गए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार चालक की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

तीन महीने के बच्चे को घर छोड़कर निकली थी महिला

परिजनों के अनुसार, पूजा और मनजीत का तीन महीने का एक मासूम बेटा है। परीक्षा होने के कारण पूजा बच्चे को घर पर अपनी सास के पास छोड़कर निकली थी।

परिवार ने बताया कि मनजीत एक पेट्रोल पंप पर सेल्समैन के तौर पर काम करता है। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है। घर में उसकी मां रहती हैं, जबकि उसकी दोनों बहनों की शादी हो चुकी है।

परिवार पर अचानक आई इस त्रासदी ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

अस्पताल के बाहर प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग

हादसे के बाद मेघवाल समाज के लोग बड़ी संख्या में बीडीके अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर जमा हो गए।

समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में भारी वाहनों की तेज रफ्तार लंबे समय से खतरा बनी हुई है, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए हैं।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक आरोपी चालक की गिरफ्तारी और उचित कार्रवाई नहीं होगी, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा।

स्थिति को देखते हुए अस्पताल परिसर और आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

राजस्थान में बढ़ते सड़क हादसों पर फिर उठे सवाल

यह हादसा राजस्थान में लगातार बढ़ रहे सड़क दुर्घटनाओं के मामलों की एक और गंभीर घटना माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य में ओवरस्पीडिंग, भारी वाहनों की लापरवाह ड्राइविंग और कमजोर ट्रैफिक निगरानी सड़क हादसों की बड़ी वजह बनती जा रही है।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर साल लाखों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें बड़ी संख्या में मौतें ओवरस्पीडिंग और भारी वाहनों की टक्कर के कारण होती हैं।

राजस्थान भी उन राज्यों में शामिल है जहां सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार चिंता का विषय बनी हुई है।

इंडाली बाइपास क्षेत्र में पहले भी हो चुके हादसे

स्थानीय लोगों का कहना है कि इंडाली बाइपास और गोलाई मोड़ क्षेत्र पहले भी कई दुर्घटनाओं का गवाह बन चुका है।

निवासियों के अनुसार, यहां भारी वाहन तेज गति से गुजरते हैं और ट्रैफिक नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। सड़क सुरक्षा संकेत, स्पीड कंट्रोल उपाय और नियमित निगरानी की कमी के कारण हादसों का खतरा लगातार बना रहता है।

लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र में स्पीड मॉनिटरिंग कैमरे, ट्रैफिक पुलिस तैनाती और भारी वाहनों की गति नियंत्रित करने की मांग की है।

शिक्षा और सपनों के बीच टूटा परिवार

पूजा मेघवाल की मौत ने एक युवा परिवार के सपनों को अचानक खत्म कर दिया।

परिजनों के अनुसार, पूजा पढ़ाई पूरी कर शिक्षक बनना चाहती थी। वह राजस्थान कॉलेज से बीएड कर रही थी और परीक्षा की तैयारी में जुटी हुई थी।

गांव के लोगों ने बताया कि वह मेहनती और पढ़ाई के प्रति गंभीर छात्रा थी। उसकी अचानक मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कदमों की जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं भारत में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता को दर्शाती हैं।

सड़क सुरक्षा अभियानों, ट्रैफिक नियमों के सख्त पालन, भारी वाहनों की निगरानी और ओवरस्पीडिंग पर कठोर कार्रवाई की मांग लगातार बढ़ रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे भविष्य में भी बड़ी संख्या में जानें लेते रहेंगे।

पुलिस जांच जारी

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के तकनीकी कारणों और डंपर की गति की भी जांच की जाएगी।

फिलहाल पुलिस फरार चालक की तलाश में जुटी हुई है और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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