जमीन विवाद में गैंगवार: श्रवण ने रविंद्र कटेवा की हत्या के लिए दी थी सुपारी

सीकर में सात करोड़ की जमीन विवाद को लेकर गैंगवार हुआ। श्रवण भादवासी ने रविंद्र कटेवा की हत्या के लिए बदमाशों को भेजा। फायरिंग में दो की मौत हुई, पुलिस जांच जारी

पुलिस की जांच में पता चला कि कटेवा और श्रवण भादवासी के बीच सात करोड़ की जमीन को लेकर पुरानी दुश्मनी थी। श्रवण ने कटेवा की हत्या के लिए चार बदमाशों को भेजा। फायरिंग में रविंद्र बचे, लेकिन कई की मौत और घायल हुए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Sikar: सीकर जिले की दादिया थाना क्षेत्र की घटना से पता चलता है कि जमीन को लेकर कटेवा और श्रवण भादवासी की पुरानी दुश्मनी थी। भास्कर और पुलिस की जांच में सामने आया कि श्रवण का दावा था कि वह जमीन पर कब्जा रखता है। वहीं, कटेवा ने उसी जमीन का सौदा शारदा (पत्नी श्रीचंद) से कर लिया था। यही विवाद धीरे-धीरे जानलेवा संघर्ष में बदल गया।

25 नवंबर 2024 को कटेवा ने श्रवण के रिश्तेदार सुरेश कुमार पर हमला भी किया था। इसके बाद पुलिस ने कटेवा को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। हालांकि, दोनों गैंग के बीच कई बार पहले भी आमने-सामने की झड़पें हो चुकी थीं।

फायरिंग और मौतें

फायरिंग की रात, श्रवण ने चार बदमाशों हिस्ट्रीशीटर कृष्णकांत उर्फ गोलू स्वामी, नंदू फौजी, पिंटू मेघवाल और राजू सिंह को रविंद्र कटेवा की हत्या के लिए भेजा। बदमाशों ने कटेवा के घर जाकर गोली चलाई, लेकिन रविंद्र कटेवा बच गए।

इस हमले में दो लोगों की मौत हुई। ढाका की ढाणी निवासी सुनील सुंडा की गोली लगने से मौत हो गई। वहीं, पीछा करते समय कृष्णकांत की सिर में गोली लगने से मौत हो गई। पिंटू और राजू को पकड़कर मारपीट की गई और फिर पुलिस को सौंपा गया। नंदू फौजी भागने में सफल रहा।

पुलिस के अनुसार, फायरिंग के तुरंत बाद श्रवण भादवासी भी घर से फरार हो गया। उसकी तलाश के लिए झुंझुनूं और सीकर की पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

पुलिस की जांच 

पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि कृष्णकांत का मर्डर पीछा कर रहे बदमाशों ने किया। इस पूरे मामले में कुल एक दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

कटेवा और श्रवण के बीच जमीन को लेकर पुरानी दुश्मनी थी। वहीं, रविंद्र कटेवा ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में भी सक्रिय रह चुके हैं। कोटा पुलिस की जांच में पता चला था कि कटेवा और उसके साथी लोगों के क्रेडिट कार्ड से पैसे उड़ा रहे थे। उन्होंने इस ठगी के लिए एक एप बनाया था, जिससे शिकायतकर्ता फंस जाते थे।

फरार बदमाश 

फायरिंग के बाद नंदू फौजी और श्रवण भादवासी फरार हो गए। पुलिस की आठ टीमें झुंझुनूं और सीकर में लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस ने पिंटू और राजू को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।

इस बीच, मृतक सुनील सुंडा और कृष्णकांत के परिजनों ने अलग-अलग थानों में रिपोर्ट दर्ज कराई है। जांच से पता चला कि सुनील की हत्या कृष्णकांत ने की, जबकि कृष्णकांत की हत्या कटेवा और उसके साथियों ने की।

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