जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में ईरान-अमेरिका युद्ध की निंदा की। उन्होंने पीएम मोदी से अपील की कि भारत की कूटनीतिक ताकत का उपयोग कर युद्ध को रोकें और वैश्विक शांति व मानव जीवन की रक्षा करें।
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण में ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध को पूरी तरह अन्यायपूर्ण और अवैध करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ भी है। सीएम उमर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे अपील की कि वे अपनी कूटनीतिक क्षमता और भारत के मजबूत वैश्विक संबंधों का उपयोग करके इस युद्ध को रोकने में मदद करें।
प्रधानमंत्री मोदी से हस्तक्षेप की अपील
सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पीएम मोदी का हस्तक्षेप इस युद्ध को जल्द समाप्त करने के लिए अहम हो सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रभाव और कूटनीतिक ताकत का उपयोग करके इस संघर्ष को रोकना संभव है। उनका मानना है कि अगर भारत सक्रिय भूमिका निभाए तो न केवल मध्य पूर्व में शांति स्थापित हो सकती है बल्कि वैश्विक स्तर पर भी मानव जीवन की रक्षा होगी। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस युद्ध में अनावश्यक मौतें हो रही हैं और यह मानवता के खिलाफ है।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बहस का माहौल
सीएम का यह बयान विधानसभा में तब आया जब नेशनल कॉन्फ्रेंस के कई सदस्यों ने संक्षिप्त बयान देने की मांग की। वहीं, भाजपा के विधायकों ने इसका विरोध किया। उनके अनुसार ईरान संकट एक अंतरराष्ट्रीय मामला है और यह सदन के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इस बहस ने विधानसभा में काफी हलचल पैदा कर दी। हालांकि, उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं बल्कि मानवता और अंतरराष्ट्रीय शांति का है।
युद्ध की कड़ी निंदा

सीएम ने सदन में कहा, “मैं अपनी ओर से और अपने सहयोगियों की ओर से ईरान पर थोपे गए इस अन्यायपूर्ण और अवैध युद्ध की कड़ी निंदा करता हूं। मैं उन सभी लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने इस संघर्ष में अपनी जान गंवाई। इसमें अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके सहयोगियों की भूमिका भी शामिल है। यह युद्ध मानव जीवन के लिए खतरा बन चुका है और इसे तुरंत रोकने की आवश्यकता है।”
वैश्विक और क्षेत्रीय प्रभाव
उमर अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध का प्रभाव केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं है। इससे वैश्विक तेल और ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ रहा है। होर्मुज स्ट्रेट जैसी संवेदनशील जलसंधियों पर भी खतरा मंडरा रहा है। उनका कहना था कि युद्ध लंबे समय तक चला तो यह पाकिस्तान, सऊदी अरब और भारत समेत पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।
भारत की भूमिका
सीएम उमर अब्दुल्ला ने जोर देकर कहा कि भारत की भूमिका इस संघर्ष को रोकने में निर्णायक हो सकती है। उन्होंने कहा कि भारत के कूटनीतिक संबंध और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी प्रतिष्ठा का उपयोग करके इस युद्ध को खत्म किया जा सकता है। उन्होंने पीएम मोदी से कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक माध्यमों का पूरा उपयोग करें, ताकि युद्ध के दुष्परिणाम को रोका जा सके और मानव जीवन की रक्षा हो।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस युद्ध की निंदा केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि मानवता की दृष्टि से भी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संघर्ष में हर दिन आम नागरिकों की जानें जा रही हैं। उनका मानना है कि भारत को एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के तौर पर भूमिका निभानी चाहिए और युद्ध को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाने चाहिए।
बीजेपी विधायकों का विरोध
भाजपा विधायकों ने विधानसभा में इस बयान का विरोध करते हुए कहा कि यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय है और इसे राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं लाया जा सकता। उन्होंने इसे कूटनीतिक मामलों में हस्तक्षेप मानते हुए कहा कि राज्य सरकार इस तरह के फैसलों में सीधे नहीं आ सकती। इसके बावजूद सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह एक मानवीय मुद्दा है और भारत के पास अंतरराष्ट्रीय मंच पर दबाव बनाने का अवसर है।











