इंग्लैंड ने एजबेस्टन टेस्ट में पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज 3-0 से जीत ली। जो रूट ने नाबाद 62 रन बनाकर टेस्ट में 69वीं फिफ्टी पूरी की और सचिन तेंदुलकर के 68 अर्धशतकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
Pak v sEng Test: इंग्लैंड ने एजबेस्टन में खेले गए तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। मुकाबले की चौथी पारी में इंग्लैंड को जीत के लिए 130 रन का लक्ष्य मिला था, जिसे टीम ने 25वें ओवर में 2 विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। कप्तान जो रूट 62 रन और जॉर्डन कॉक्स 59 रन बनाकर नाबाद रहे। इस मैच के दौरान रूट ने टेस्ट क्रिकेट में एक बड़ा व्यक्तिगत रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
जो रूट बने टेस्ट में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज
इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने एजबेस्टन टेस्ट में अर्धशतक लगाकर टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा फिफ्टी लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। रूट ने टेस्ट करियर की 69वीं फिफ्टी पूरी की और भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
सचिन तेंदुलकर ने अपने टेस्ट करियर में 68 अर्धशतक लगाए थे। रूट अब 69 अर्धशतकों के साथ इस सूची में सबसे आगे निकल गए हैं। एजबेस्टन टेस्ट की चौथी पारी में उनकी नाबाद 62 रन की पारी इंग्लैंड की जीत के साथ-साथ इस रिकॉर्ड के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण रही।
रूट ने दबाव के बीच टीम की पारी को संभाला और जॉर्डन कॉक्स के साथ मिलकर इंग्लैंड को लक्ष्य तक पहुंचाया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए नाबाद 128 रन की साझेदारी की।
इंग्लैंड ने पहले ओवर में ही गंवाए दोनों विकेट
130 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने पारी के पहले ही ओवर में अपने दोनों ओपनर के विकेट गंवा दिए।
पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास ने पहली ही गेंद पर बेन डकेट को विकेटकीपर के हाथों कैच करा दिया। इसके बाद उन्होंने एमिलियो गे को LBW आउट कर इंग्लैंड को दूसरा झटका दिया।
पहले ओवर में ही दो विकेट गिरने के बाद इंग्लैंड पर दबाव बढ़ गया था। हालांकि, इसके बाद जो रूट और जॉर्डन कॉक्स ने संयम के साथ बल्लेबाजी की और पाकिस्तान को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
रूट और कॉक्स ने 128 रन की नाबाद साझेदारी की
दो विकेट जल्दी गिरने के बाद रूट और कॉक्स ने इंग्लैंड की पारी को संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 128 रन की नाबाद साझेदारी की और टीम को 25वें ओवर में लक्ष्य तक पहुंचा दिया।
जॉर्डन कॉक्स ने इस दौरान टेस्ट क्रिकेट में अपना तीसरा अर्धशतक पूरा किया। उनकी 59 रन की नाबाद पारी ने इंग्लैंड की जीत में अहम भूमिका निभाई।
जो रूट भी अपनी पारी के दौरान एक समय भाग्यशाली रहे। वह 23 रन के स्कोर पर आउट होने से बच गए। 10वें ओवर में मोहम्मद अली की गेंद पर रूट बोल्ड हो गए थे, लेकिन अंपायर ने गेंदबाज का पैर क्रीज के बाहर पाया। गेंद को नो-बॉल घोषित किए जाने के कारण रूट को जीवनदान मिल गया। इसके बाद रूट ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और नाबाद 62 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई।
पाकिस्तान की दूसरी पारी में बाबर, मसूद और अवैस ने संभाला मोर्चा
पाकिस्तान की दूसरी पारी की शुरुआत भी खराब रही थी। टीम ने शून्य के स्कोर पर सईम अयूब और अब्दुल्लाह शफीक के विकेट गंवा दिए। शुरुआती झटकों के बाद शान मसूद और आजान अवैस ने पारी को संभाला।
दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 125 रन की साझेदारी की। आजान अवैस ने 10 चौकों की मदद से 59 रन बनाए। उनके आउट होने के बाद बाबर आजम क्रीज पर आए और उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की।
बाबर ने 103 गेंदों का सामना करते हुए 11 चौके और एक छक्का लगाया और 76 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। वहीं, पाकिस्तान के कप्तान शान मसूद 95 रन बनाकर आउट हुए।
इन पारियों की बदौलत पाकिस्तान ने अपनी दूसरी पारी में मजबूत स्कोर खड़ा किया और इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 130 रन का लक्ष्य रखा।

डेब्यूटेंट रजाउल्लाह ने बल्ले और गेंद दोनों से किया प्रभावित
पाकिस्तान की दूसरी पारी में डेब्यू कर रहे रजाउल्लाह का प्रदर्शन मैच के सबसे खास पहलुओं में रहा। एक समय पाकिस्तान ने 312 रन के स्कोर पर 8 विकेट गंवा दिए थे और ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड शुक्रवार को ही मैच खत्म कर देगा।
लेकिन रजाउल्लाह ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान की पारी को मजबूती दी। उन्होंने सिर्फ 63 गेंदों में 81 रन बनाए। उनकी पारी में नौ छक्के शामिल रहे।
रजाउल्लाह ने नौवें विकेट के लिए मोहम्मद अब्बास के साथ 121 रन की साझेदारी की। अब्बास ने 42 रन का योगदान दिया। इस साझेदारी ने पाकिस्तान को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला और इंग्लैंड को लक्ष्य का पीछा करने के लिए 130 रन तक पहुंचा दिया।
रजाउल्लाह ने गेंद से भी प्रभाव छोड़ा। उन्होंने मैच में कुल 4 विकेट हासिल किए। उनकी दूसरी पारी की 81 रन की आक्रामक पारी ने उन्हें पाकिस्तान के लिए मैच के प्रमुख प्रदर्शनकर्ताओं में शामिल किया।
449 रन पर सिमटी पाकिस्तान की दूसरी पारी
रजाउल्लाह की पारी का अंत डैन लॉरेंस ने किया। पारी के 96.4 ओवर में लॉरेंस ने उन्हें स्टंप कराकर पाकिस्तान की दूसरी पारी समाप्त कर दी।
पाकिस्तान ने दूसरी पारी में 449 रन बनाए। रजाउल्लाह और अब्बास की साझेदारी के कारण टीम ने पहली पारी की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन शुरुआती पारी में पिछड़ने के कारण पाकिस्तान के लिए मैच बचाना मुश्किल हो गया।
पहली पारी में पाकिस्तान सिर्फ 133 रन पर ऑलआउट
इससे पहले पाकिस्तान की पहली पारी बेहद निराशाजनक रही थी। पूरी टीम सिर्फ 133 रन पर सिमट गई थी। पाकिस्तान के शुरुआती पांच बल्लेबाजों में से कोई भी दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सका।
सईम अयूब खाता नहीं खोल सके, जबकि आजान अवैस ने 9, अब्दुल्लाह शफीक ने 3, शान मसूद ने 5 और बाबर आजम ने 7 रन बनाए। शुरुआती बल्लेबाजों के जल्दी आउट होने से पाकिस्तान पर दबाव बढ़ गया।
सऊद शकील ने 43 रन और मोहम्मद अब्बास ने 21 रन बनाकर टीम के स्कोर को 133 रन तक पहुंचाया। पाकिस्तान की ओर से रजाउल्लाह ने 4 विकेट लिए।
इंग्लैंड ने पहली पारी में बनाई 320 रन की बढ़त
पाकिस्तान के 133 रन के जवाब में इंग्लैंड ने पहली पारी में 453 रन बनाए। इस तरह इंग्लैंड को पहली पारी के आधार पर 320 रन की बड़ी बढ़त मिली।
इंग्लैंड की ओर से हैरी ब्रूक ने 75 रन, डैन लॉरेंस ने 65 रन, जेमी स्मिथ ने 69 रन और ओली रॉबिन्सन ने 50 रन की पारियां खेलीं। इन योगदानों ने इंग्लैंड को पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा करने में मदद की।
पाकिस्तान की ओर से रजाउल्लाह ने 4 विकेट लिए, लेकिन इंग्लैंड की पहली पारी की बढ़त इतनी बड़ी थी कि पाकिस्तान को मैच में वापसी के लिए दूसरी पारी में असाधारण प्रदर्शन करना पड़ा।
इंग्लैंड का क्लीन स्वीप, पाकिस्तान के खिलाफ 3-0 की जीत
एजबेस्टन टेस्ट में 8 विकेट की जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 3-0 से जीत ली। सीरीज में इंग्लैंड ने लगातार तीनों मुकाबलों में पाकिस्तान को मात दी।
एजबेस्टन में मिली जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि इंग्लैंड ने शुरुआती झटकों के बावजूद चौथी पारी में लक्ष्य हासिल किया। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने दूसरी पारी में बेहतर बल्लेबाजी करते हुए 449 रन बनाए, लेकिन पहली पारी की बड़ी कमजोरी उसकी हार का मुख्य कारण बनी।
जो रूट के लिए यह मुकाबला व्यक्तिगत उपलब्धि के लिहाज से भी यादगार रहा। उन्होंने 62 रन की नाबाद पारी खेलते हुए टेस्ट क्रिकेट में अपना 69वां अर्धशतक पूरा किया और सचिन तेंदुलकर के 68 टेस्ट अर्धशतकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस तरह एजबेस्टन टेस्ट इंग्लैंड की सीरीज जीत के साथ-साथ रूट के ऐतिहासिक रिकॉर्ड के लिए भी खास बन गया।













