वैज्ञानिकों ने पहली बार समुद्र के नीचे सबडक्शन ज़ोन के टूटने की प्रक्रिया को सीधे देखा है। शोध के अनुसार प्लेट एक साथ नहीं बल्कि धीरे-धीरे हिस्सों में टूटती है, जिससे भूकंप की समझ बेहतर हो सकती है।
Washington: Subduction zone breakup अब वैज्ञानिकों के लिए एक अहम खोज बनकर सामने आया है, जहां Juan de Fuca Plate के धीरे-धीरे टूटने की प्रक्रिया को पहली बार सीधे देखा गया है। Science Advances में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार प्लेट एक ठोस हिस्से की तरह नहीं बल्कि छोटे-छोटे भागों में बिखरती है, जिससे भूकंप और पृथ्वी की आंतरिक प्रक्रियाओं को समझने में नई दिशा मिल सकती है।
समुद्र के नीचे टूटती टेक्टोनिक प्लेट का पहली बार प्रत्यक्ष प्रमाण, वैज्ञानिकों की बड़ी खोज
वॉशिंगटन/नई दिल्ली। वैज्ञानिकों ने पहली बार समुद्र की गहराई में एक सबडक्शन ज़ोन को टूटते हुए सीधे तौर पर देखा है। यह खोज टेक्टोनिक प्लेट के व्यवहार को समझने में बड़ा बदलाव ला सकती है। अध्ययन के मुताबिक, प्रशांत नॉर्थवेस्ट तट के पास जुआन डी फुका प्लेट, नॉर्थ अमेरिकन प्लेट के नीचे धंसते हुए धीरे-धीरे टुकड़ों में बंट रही है।
यह अध्ययन जर्नल Science Advances में प्रकाशित हुआ है, जिसमें बताया गया है कि प्लेट एक ठोस इकाई की तरह नहीं, बल्कि छोटे-छोटे हिस्सों में टूटते हुए नीचे जा रही है।
धीरे-धीरे खत्म होता है सबडक्शन ज़ोन
सबडक्शन ज़ोन वे क्षेत्र होते हैं जहां एक प्लेट दूसरी के नीचे खिसकती है और यही प्रक्रिया बड़े भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और पृथ्वी की सतह के पुनर्चक्रण के लिए जिम्मेदार होती है। अब तक वैज्ञानिक मानते थे कि ये सिस्टम अचानक खत्म हो सकते हैं, लेकिन नए शोध से पता चला है कि यह प्रक्रिया धीरे-धीरे होती है।
कनाडा के वैंकूवर आइलैंड के पास कैस्केडिया क्षेत्र में वैज्ञानिकों ने देखा कि प्लेट अलग-अलग हिस्सों में फट रही है और छोटे माइक्रोप्लेट्स बना रही है। यह पहली बार है जब किसी सबडक्शन ज़ोन के “खत्म होने” की प्रक्रिया को इतनी स्पष्टता से देखा गया है।
सिस्मिक इमेजिंग से मिली अहम जानकारी
इस खोज के पीछे 2021 में किया गया “कैस्केडिया सिस्मिक इमेजिंग एक्सपेरिमेंट” है। इसमें वैज्ञानिकों ने सिस्मिक रिफ्लेक्शन तकनीक का उपयोग किया, जो अल्ट्रासाउंड की तरह काम करती है। समुद्र तल में ध्वनि तरंगें भेजकर उनकी गूंज से अंदर की संरचना का नक्शा तैयार किया गया।
इस डेटा में प्लेट के भीतर बड़े-बड़े फ्रैक्चर और फॉल्ट लाइन सामने आईं, जहां प्लेट के हिस्से कई किलोमीटर तक नीचे खिसक चुके हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, प्लेट पूरी तरह अलग नहीं हुई है, लेकिन वह उस दिशा में तेजी से बढ़ रही है।
भूकंप की समझ में आएगा बदलाव
इस खोज का मतलब यह नहीं है कि क्षेत्र में भूकंप का खतरा तुरंत कम हो जाएगा। कैस्केडिया क्षेत्र अभी भी बड़े भूकंप और सुनामी पैदा करने में सक्षम है। हालांकि, यह अध्ययन यह समझने में मदद करेगा कि भूकंपीय ऊर्जा किस तरह फैलती है और समय के साथ जोखिम कैसे बदल सकता है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि इसी तरह की प्रक्रिया पृथ्वी के अन्य हिस्सों में भी हो सकती है। इससे पुराने टेक्टोनिक प्लेट्स के अवशेषों को समझने और भविष्य के भूकंप मॉडल को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।












