झालावाड़ में कांग्रेस संगठन सृजन अभियान के तहत नए जिलाध्यक्ष के चयन प्रक्रिया तेज हो गई है। एआईसीसी पर्यवेक्षक रावदानसिंह ने बताया कि अब तक 16 आवेदनों की scrutinizing की जा चुकी है, जबकि खानपुर और मनोहरथाना की बैठकों में और आवेदन आने की संभावना है। अंतिम निर्णय शीर्ष नेतृत्व ही करेगा।
झालावाड़, राजस्थान में कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान को लेकर नए जिलाध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। सोमवार को आयोजित बैठक एवं उसके बाद हुई पत्रकार वार्ता में एआईसीसी पर्यवेक्षक रावदानसिंह ने बताया कि जिले से अब तक 16 कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष पद के लिए आवेदन सौंपे हैं। मंगलवार को खानपुर और मनोहरथाना में होने वाली बैठकों में और नाम सामने आने की उम्मीद है। सभी आवेदनों को शॉर्टलिस्ट कर शीर्ष नेतृत्व को भेजा जाएगा और अंतिम निर्णय वहीं से लिया जाएगा।
पर्यवेक्षक ने कहा कि विधानसभा चुनावों के चलते प्रक्रिया में विलंब हुआ, लेकिन कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है और लोग कांग्रेस के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने को तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में जनता का रुझान कांग्रेस की पूर्व योजनाओं और नीतियों की ओर फिर से बढ़ रहा है और सरकार के प्रति जनआक्रोश स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
संगठनात्मक एकता पर जोर
झालावाड़ में कांग्रेस संगठन सृजन अभियान के बीच एआईसीसी पर्यवेक्षक रावदानसिंह ने स्पष्ट किया कि जिले में संगठनात्मक एकता मजबूत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के समन्वित प्रयासों से अंता विधानसभा में जीत हासिल हुई, जो टीमवर्क का परिणाम है।
रावदानसिंह ने यह भी माना कि एक लोकतांत्रिक पार्टी में अलग-अलग विचार स्वाभाविक हैं और कई बार मंचों पर विरोधी राय भी सामने आती है, लेकिन अंततः संगठन सर्वोपरि है। सभी कार्यकर्ताओं ने मिलकर आगे भी एकजुटता के साथ काम करने का संकल्प दोहराया।
नए जिलाध्यक्ष पर जल्द फैसला
संगठन सृजन अभियान को लेकर एआईसीसी पर्यवेक्षक रावदानसिंह ने कहा कि जिलों को बहुत जल्द नए जिलाध्यक्ष मिलेंगे। कार्यकर्ताओं से ली गई राय, फीडबैक और सुझावों की रिपोर्ट पूरी पारदर्शिता के साथ शीर्ष नेतृत्व को भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में लगभग सभी जिलों में अध्यक्षों की घोषणा हो चुकी है और अब झालावाड़ में भी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। चयन में क्षमता, समय देने की योग्यता और संगठनात्मक मेरिट को प्राथमिकता दी जाएगी।
विचारों की विविधता को बताया स्वाभाविक
कांग्रेस के भीतर विवाद या सेटिंग के सवाल पर रावदानसिंह ने स्पष्ट किया कि पार्टी पूरी तरह विचारधारात्मक लोकतंत्र में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि मतभेद किसी भी लोकतांत्रिक ढांचे का हिस्सा हैं, लेकिन संगठनात्मक मजबूती के मामले में सभी कार्यकर्ता एकजुट हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ हैं और सभी मिलकर संगठन को मजबूत करने की इच्छा रखते हैं। बैठक के दौरान कोटा से आई राखी गौतम और नेमी गुर्जर भी मौजूद रहीं।










