उत्तर प्रदेश के कानपुर में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश मंत्री रमेश यादव के फार्म हाउस में लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। दो नकाबपोश बदमाशों ने देर रात फार्म हाउस में घुसकर भाजपा नेता को बंधक बना लिया और तमंचे व चाकू के बल पर नकदी तथा सोने के आभूषण लूट लिए। रमेश यादव के मुताबिक, बदमाशों ने उनसे कहा कि वह अच्छे आदमी हैं, इसलिए उन्हें मारेंगे नहीं। हालांकि, वारदात के दौरान बदमाशों ने उन्हें धमकाया, उनके साथ मारपीट की और हाथ-पैर बांधकर बाथरूम में बंद कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह वारदात कानपुर के सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के न्यूरी गांव स्थित रमेश यादव के फार्म हाउस में हुई। सोमवार रात दो नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचे। दोनों काले कपड़े पहने हुए थे और उनके पास हथियार थे। आरोप है कि एक बदमाश ने तमंचा दिखाकर रमेश यादव को काबू में किया, जबकि दूसरे ने चाकू और पेट्रोल की बोतल से डराया। इसके बाद दोनों ने उन्हें बंधक बनाकर नकदी और कीमती सामान के बारे में पूछताछ की।
रमेश यादव ने बताया कि वह लखनऊ में एक बैठक में शामिल होने के बाद फार्म हाउस लौटे थे। बैठक से लौटने के बाद वह कमरे में बैठे थे और मोबाइल पर कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें तथा वीडियो देख रहे थे। इस दौरान उनका सहयोगी खाना देने के बाद वहां से चला गया। कुछ समय बाद दोनों नकाबपोश बदमाश कमरे में दाखिल हुए और उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। अचानक हुई इस घटना से वह संभल भी नहीं पाए कि बदमाशों ने उनके हाथ-पैर बांध दिए।
आरोप है कि बदमाशों ने शुरुआत में उनसे दो करोड़ रुपये की मांग की। रमेश यादव ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई। इसके बाद बदमाशों ने फार्म हाउस में रखे रुपये और आभूषण निकालने को कहा। वे उन्हें दूसरे कमरे में ले गए और लॉकर में रखे करीब 12 लाख रुपये निकाल लिए। रमेश यादव के अनुसार, यह नकदी स्टाफ के वेतन के भुगतान के लिए लाई गई थी। इस रकम के लूटे जाने से कर्मचारियों को वेतन देने की व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
नकदी के अलावा बदमाशों ने रमेश यादव के गले की सोने की चेन, कड़ा और अन्य कीमती सामान भी छीन लिया। अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में लूटे गए कुल माल की कीमत को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। शुरुआती खबरों में नकदी और आभूषणों की कुल कीमत लाखों रुपये बताई गई है। पुलिस की जांच और सामान के सही मूल्यांकन के बाद ही कुल नुकसान का स्पष्ट आकलन हो सकेगा।
रमेश यादव के मुताबिक, बदमाशों ने उन्हें भरोसा दिलाने की कोशिश करते हुए कहा कि वह अच्छे आदमी हैं और वे उन्हें मारेंगे नहीं। हालांकि, इस कथित आश्वासन के बावजूद बदमाशों ने उन्हें बुरी तरह डराया और विरोध करने पर मारपीट भी की। आरोप है कि उनके मुंह पर तौलिया और टेप लगाया गया तथा हाथ-पैर कसकर बांध दिए गए। इसके बाद उन्हें बाथरूम में बंद कर बदमाश फार्म हाउस से फरार हो गए। जाते समय उन्होंने पानी की बोतल और तौलिया भी वहां रख दिया था।
रमेश यादव ने किसी तरह अपने बंधन खोले और बाहर निकलकर परिचितों तथा सहयोगियों को फोन किया। इसके बाद पुलिस को घटना की सूचना दी गई। जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने फार्म हाउस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ कैमरों में संदिग्धों की गतिविधियां और परिसर से बाहर निकलने के दृश्य सामने आए हैं। इन फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
इस वारदात ने फार्म हाउस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, परिसर में सुरक्षा गार्ड तैनात थे और वहां कई सीसीटीवी कैमरे भी लगे थे। इसके बावजूद बदमाश अंदर घुसने, भाजपा नेता को बंधक बनाने और सामान लूटकर भागने में सफल रहे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बदमाश किस रास्ते से अंदर आए, वारदात के दौरान सुरक्षा कर्मियों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी और क्या आरोपियों को फार्म हाउस की व्यवस्था के बारे में पहले से जानकारी थी।
जांच एजेंसियां इस पहलू पर भी ध्यान दे रही हैं कि बदमाशों को फार्म हाउस में नकदी रखे होने की जानकारी कैसे मिली। हालांकि, किसी परिचित या अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका को लेकर सामने आ रही आशंकाओं की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल किसी व्यक्ति को दोषी मानने के बजाय पुलिस साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ रही है।
घटना की सूचना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जांच के लिए कई टीमें लगाई गई हैं और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे कैमरों की फुटेज की भी पड़ताल कर सकती है, ताकि बदमाशों के आने-जाने का रास्ता और उनकी पहचान स्पष्ट हो सके। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच के साथ यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य सामान कहां से आए थे।
रमेश यादव बिधनू क्षेत्र से पूर्व में ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं। हाल ही में उन्हें भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा में प्रदेश स्तर की जिम्मेदारी दी गई थी। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद वह लखनऊ में आयोजित बैठक में शामिल होकर लौटे थे। इसी के बाद उनके फार्म हाउस में लूट की घटना सामने आई। राजनीतिक पद से जुड़े व्यक्ति के साथ हुई इस वारदात के कारण मामला चर्चा में है, लेकिन जांच का मुख्य आधार फिलहाल घटनास्थल के साक्ष्य, पीड़ित का बयान और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज हैं।
इस घटना में सबसे अहम सवाल यह है कि सुरक्षा इंतजामों के बावजूद दो बदमाश परिसर में कैसे दाखिल हुए और इतनी देर तक अंदर रहकर वारदात को अंजाम देकर कैसे निकल गए। पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही है। साथ ही, स्टाफ के वेतन के लिए रखी गई नकदी की बरामदगी और लूटे गए आभूषणों का पता लगाने की कोशिश भी जारी है। मामले में आगे की कार्रवाई आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी।











