कानपुर में शॉर्ट सर्किट से जूता फैक्ट्री में लगी आग, लाखों का सामान जला; दमकल ने डेढ़ घंटे में पाया काबू

कानपुर के जाजमऊ अशरफाबाद में जूता फैक्ट्री में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। केमिकल और ज्वलनशील सामान जलने से लाखों का नुकसान हुआ, जनहानि नहीं हुई।
कानपुर में शॉर्ट सर्किट से जूता फैक्ट्री में लगी आग, लाखों का सामान जला; दमकल ने डेढ़ घंटे में पाया काबू
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कानपुर के जाजमऊ थाना क्षेत्र के अशरफाबाद में शनिवार सुबह एक जूता फैक्ट्री में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट सामने आ रही है। फैक्ट्री के अंदर जूता निर्माण से जुड़ी सामग्री के साथ केमिकल और अन्य ज्वलनशील सामान मौजूद था, जिसके कारण आग तेजी से फैल गई। आग की लपटें और धुआं देखकर आसपास के लोगों में भी कुछ समय के लिए चिंता का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया।

जानकारी के अनुसार, मेस्टन रोड निवासी महबूब इलाही की अशरफाबाद इलाके में जूता फैक्ट्री है। शनिवार सुबह फैक्ट्री से अचानक आग की लपटें उठती दिखाई दीं। आसपास मौजूद लोगों ने जब धुआं और आग देखी तो इसकी सूचना पुलिस तथा फायर ब्रिगेड को दी। इसके बाद दमकल की दो गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कार्रवाई शुरू की गई।

फैक्ट्री में जूता बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री और केमिकल रखे होने के कारण आग को नियंत्रित करना आसान नहीं था। आग ने फैक्ट्री के अंदर रखे सामान को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। दमकलकर्मियों ने आसपास के हिस्सों को सुरक्षित रखने के साथ आग के फैलाव को रोकने पर भी ध्यान दिया। करीब डेढ़ से दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

जाजमऊ के फायर अधिकारी राहुल नंदन के अनुसार, प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि आग किस विद्युत उपकरण या वायरिंग के हिस्से से शुरू हुई, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग बुझाने के बाद फैक्ट्री परिसर का निरीक्षण किया गया और नुकसान का आकलन शुरू किया गया।

आग से फैक्ट्री में रखा काफी सामान जलने की बात सामने आई है। इसमें जूता निर्माण से संबंधित सामग्री और अन्य सामान शामिल हैं। फिलहाल नुकसान की सटीक रकम का आधिकारिक आकलन नहीं किया गया है। फैक्ट्री संचालक और संबंधित विभाग नुकसान का आकलन कर रहे हैं। आग की वजह से कितना कच्चा माल और तैयार माल प्रभावित हुआ, इसकी जानकारी विस्तृत जांच और निरीक्षण के बाद सामने आएगी।

घटना के दौरान आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई थी। फैक्ट्री से उठती लपटों को देखकर लोग घटनास्थल के आसपास जमा हो गए, लेकिन दमकल टीम ने आग बुझाने के दौरान क्षेत्र को नियंत्रित रखा। जाजमऊ जैसे औद्योगिक क्षेत्र में आग लगने की घटनाओं में आसपास की दूसरी इकाइयों तक आग पहुंचने का खतरा भी रहता है। इसलिए दमकलकर्मियों ने आग को सीमित क्षेत्र में रखने के लिए तेजी से कार्रवाई की।

कानपुर में जाजमऊ और आसपास के इलाकों में चमड़ा और जूता उद्योग से जुड़ी कई इकाइयां हैं। ऐसी फैक्ट्रियों में चमड़ा, केमिकल, सॉल्वेंट और अन्य ज्वलनशील सामग्री का इस्तेमाल होता है। इसलिए विद्युत वायरिंग में खराबी या शॉर्ट सर्किट होने पर आग तेजी से फैलने की आशंका रहती है। इस घटना में भी फैक्ट्री के अंदर मौजूद ज्वलनशील सामान के कारण आग बुझाने में दमकलकर्मियों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी।

घटना के बाद अब फैक्ट्री की विद्युत व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा इंतजामों की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है। यह देखा जा रहा है कि फैक्ट्री में बिजली के उपकरण और वायरिंग किस स्थिति में थे तथा आग से बचाव के लिए उपलब्ध संसाधन पर्याप्त थे या नहीं। हालांकि फिलहाल प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का कारण बताया जा रहा है, अंतिम कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

इस हादसे में किसी व्यक्ति की जान नहीं गई, यह राहत की बात रही। दमकल विभाग की टीम ने समय रहते आग को नियंत्रित कर लिया, जिससे आग के आसपास के क्षेत्रों में फैलने का खतरा कम हुआ। फिलहाल फैक्ट्री में जले सामान और संपत्ति के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। पुलिस और फायर विभाग की जांच के बाद आग लगने की पूरी वजह तथा नुकसान की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

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