लखनऊ में लगातार हो रही बारिश का असर अब हवाई यातायात पर भी दिखाई देने लगा है। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शुक्रवार देर रात से विजिबिलिटी काफी कम हो गई। शनिवार सुबह तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी, जिसके कारण लखनऊ आने वाली पांच फ्लाइट्स को दूसरे एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट करना पड़ा। खराब मौसम के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई यात्री अपनी निर्धारित मंजिल तक पहुंचने के लिए घंटों इंतजार करते रहे।
रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में करीब 36 घंटे से बारिश का दौर जारी रहने के कारण एयरपोर्ट के आसपास भी दृश्यता प्रभावित हुई। रनवे पर उतरने के दौरान पायलटों को पर्याप्त दृश्यता नहीं मिलने के कारण दिल्ली, गोवा और हैदराबाद से लखनऊ आने वाली फ्लाइट्स को डायवर्ट किया गया। इन विमानों को दिल्ली भेजा गया। रात से लेकर शनिवार सुबह तक यात्रियों को विमानों में इंतजार करना पड़ा।
कम विजिबिलिटी के कारण जिन विमानों के रूट में बदलाव किया गया, उनमें अलग-अलग शहरों से आने वाली उड़ानें शामिल थीं। मौसम की स्थिति में कुछ सुधार होने के बाद लखनऊ एयरपोर्ट पर विमानों की लैंडिंग दोबारा शुरू हुई। रिपोर्ट के मुताबिक इंडिगो की फ्लाइट 6E 6811 रात 12:34 बजे, 6E 903 रात 3:05 बजे, एयर इंडिया एक्सप्रेस की IX 1541 रात 3:14 बजे, इंडिगो की 6E 6167 सुबह 4:51 बजे और 6E 6479 सुबह 4:43 बजे लखनऊ में उतरीं।
वहीं इंदौर से लखनऊ आने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E 7422 को रद्द कर दिया गया। इसके चलते लखनऊ से इंदौर जाने वाली फ्लाइट 6E 7629 भी रद्द रही। इससे इन दोनों उड़ानों से यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी।
कम दृश्यता की स्थिति में विमान की लैंडिंग और टेकऑफ के लिए अतिरिक्त सावधानी बरती जाती है। रनवे और उसके आसपास पर्याप्त दृश्यता नहीं होने पर विमान संचालन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में एयरपोर्ट अथॉरिटी और एयरलाइंस मौसम की स्थिति को देखते हुए उड़ानों के संचालन का निर्णय लेते हैं। लखनऊ में शुक्रवार रात से बनी खराब मौसम की स्थिति के कारण भी विमानों के परिचालन पर इसका सीधा असर पड़ा।
इससे पहले भी खराब मौसम के कारण लखनऊ एयरपोर्ट पर डायवर्जन की स्थिति सामने आ चुकी है। 24 सितंबर की रात रांची में खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण बेंगलुरु से रांची जा रही इंडिगो की दो उड़ानों को भी लखनऊ डायवर्ट कर सुरक्षित उतारा गया था। इससे पता चलता है कि मौसम की वजह से दूसरे शहरों की उड़ानों के लिए भी लखनऊ एयरपोर्ट वैकल्पिक लैंडिंग प्वाइंट के तौर पर इस्तेमाल हुआ।
शनिवार को कम विजिबिलिटी का असर केवल आने वाली उड़ानों पर ही नहीं पड़ा, बल्कि रद्द हुई इंदौर-लखनऊ उड़ान की वजह से वापसी की फ्लाइट भी प्रभावित हुई। इससे यात्रियों की यात्रा योजना बिगड़ गई। एयरपोर्ट पर यात्रियों को अपनी फ्लाइट की स्थिति के बारे में जानकारी लेने के लिए एयरलाइन और एयरपोर्ट की सूचना व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ा।
लखनऊ एयरपोर्ट की आधिकारिक फ्लाइट स्टेटस सेवा पर भी उड़ानों के समय और स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। यात्रियों के लिए मौसम खराब रहने के दौरान एयरपोर्ट रवाना होने से पहले अपनी संबंधित फ्लाइट का स्टेटस जांचना महत्वपूर्ण है, क्योंकि कम विजिबिलिटी और बारिश के कारण उड़ानों के समय में बदलाव, देरी या डायवर्जन हो सकता है।
लगातार बारिश के कारण राजधानी और आसपास के इलाकों में सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ है। ऐसे मौसम में एयरपोर्ट तक पहुंचने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की जरूरत पड़ सकती है। शनिवार को हवाई यातायात पर पड़ा असर मौसम की स्थिति पर निर्भर रहा और विजिबिलिटी में सुधार के बाद कई उड़ानों का संचालन फिर से शुरू हो गया।
फिलहाल लखनऊ एयरपोर्ट पर पांच आने वाली उड़ानों के डायवर्ट होने और इंदौर की एक उड़ान के रद्द होने से यात्रियों को परेशानी हुई है। मौसम में सुधार के साथ उड़ान सेवाओं के सामान्य होने की उम्मीद है, लेकिन बारिश और कम दृश्यता बनी रहने पर आगे भी कुछ उड़ानों के समय में बदलाव या देरी संभव है। यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी एयरलाइन से फ्लाइट की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है।












