कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बुधवार को बी. नागेंद्र को मंत्रिमंडल में दोबारा शामिल किए जाने का बचाव किया। उन्होंने कहा कि नागेंद्र ने कथित वाल्मीकि निगम घोटाले को लेकर पहले मंत्री पद से इस्तीफा दिया था, लेकिन बाद में आधिकारिक जांच रिपोर्ट में उन्हें घोटाले में शामिल नहीं पाया गया।
Karnataka Cabinet: कर्नाटक की राजनीति में मंत्रिमंडल को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को बी. नागेंद्र की कैबिनेट में वापसी को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि आधिकारिक जांच रिपोर्ट में कथित वाल्मीकि निगम घोटाले में नागेंद्र की सीधी भूमिका नहीं पाई गई। इसी आधार पर उन्हें दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल करने का फैसला लिया गया।
शिवकुमार के बयान के बाद कर्नाटक सरकार में नागेंद्र की वापसी को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चा को नई दिशा मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि कथित घोटाले के सामने आने के बाद नागेंद्र ने पहले मंत्री पद से इस्तीफा दिया था, लेकिन जांच पूरी होने के बाद सामने आई रिपोर्ट में उनकी संलिप्तता नहीं पाए जाने के कारण उन्हें फिर से सरकार में जगह दी गई।
डीके शिवकुमार ने नागेंद्र का किया बचाव
एक कार्यक्रम के दौरान डीके शिवकुमार ने बी. नागेंद्र से जुड़े सवाल पर कहा कि कथित घोटाले में उनकी भूमिका नहीं थी। उन्होंने कहा कि नागेंद्र ने मामले की जिम्मेदारी लेते हुए पहले इस्तीफा दिया था, लेकिन आधिकारिक जांच में उन्हें घोटाले में शामिल नहीं पाया गया। शिवकुमार ने यह भी दावा किया कि जांच के दौरान कथित तौर पर घोटाले की लगभग 95 प्रतिशत राशि बरामद की जा चुकी है। उनके मुताबिक, जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और सामने आए तथ्यों को ध्यान में रखते हुए नागेंद्र की मंत्रिमंडल में वापसी का फैसला लिया गया।
यह मामला कर्नाटक के महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के कारण चर्चा में रहा है। इस प्रकरण ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर राजनीतिक दबाव भी बढ़ाया था।
जल्द कर्नाटक कैबिनेट में शामिल होगी महिला मंत्री

डीके शिवकुमार ने कर्नाटक मंत्रिमंडल में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को लेकर भी बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक महिला विधायक को मंत्री बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिला सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है और महिला मंत्री को कैबिनेट में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है।शिवकुमार के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में इस संबंध में फैसला हो सकता है। इससे कर्नाटक सरकार में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ने की उम्मीद है।
राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद फिलहाल 34 स्वीकृत मंत्री पदों में से 33 पद भरे होने की बात कही जा रही है। ऐसे में एक खाली पद पर महिला नेता को जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अगस्त में हुआ था मंत्रिमंडल विस्तार
कर्नाटक सरकार में हाल ही में मंत्रिमंडल विस्तार किया गया था। बेंगलुरु में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में नए मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। कांग्रेस की ओर से कई नामों की घोषणा की गई थी, हालांकि अंतिम समय में कुछ बदलाव भी देखने को मिले। मंत्रिमंडल में खाली पद को लेकर लंबे समय से राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही थीं। अब शिवकुमार के बयान के बाद माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही इस पद पर महिला मंत्री की नियुक्ति कर सकती है।









