कब्ज और गैस को न करें नजरअंदाज, जानिए कैसे पहचानें खराब गट हेल्थ और क्या खाएं

गैस, कब्ज, थकान और स्किन रैश जैसे लक्षण गट हेल्थ खराब होने की निशानी हो सकते हैं। जानिए कौन से 7 संकेत आपके पेट की सेहत पर सवाल उठाते हैं और किन चीजों को खाकर

खराब गट हेल्थ से गैस, कब्ज, थकान और स्किन प्रॉब्लम जैसी परेशानियां हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित डाइट, फल-सब्जियां, साबुत अनाज और फर्मेंटेड फूड्स गट हेल्थ सुधारने में मददगार हैं। वहीं प्रोसेस्ड, ऑयली और ज्यादा नमकीन खाना आंतों को कमजोर बनाता है।

What to Eat and What to Avoid: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की बढ़ती खपत से लोगों की गट हेल्थ पर गंभीर असर पड़ रहा है। हार्टबर्न, गैस, ब्लोटिंग, कब्ज और थकान इसके सामान्य लक्षण हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि डाइट में ताजे फल-सब्जियां, साबुत अनाज, दही और अन्य फर्मेंटेड फूड शामिल करने से आंतों का माइक्रोबायोम मजबूत होता है। वहीं प्रोसेस्ड फूड, ऑयली डाइट और आर्टिफिशियल स्वीटनर से परहेज जरूरी है, ताकि पाचन तंत्र स्वस्थ रहे और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे।

क्यों जरूरी है गट हेल्थ

गट हेल्थ का सीधा संबंध हमारी पाचन क्रिया, इम्यून सिस्टम और मानसिक सेहत से जुड़ा है। पेट के अंदर अरबों की संख्या में सूक्ष्मजीव रहते हैं जिन्हें गुड बैक्टीरिया कहा जाता है। यही बैक्टीरिया शरीर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। जब गट हेल्थ बिगड़ता है तो शरीर का माइक्रोबायोम कमजोर हो जाता है, जिससे पाचन संबंधी परेशानियां शुरू हो जाती हैं।

खराब गट हेल्थ के लक्षण

कब्ज और गैस को न करें नजरअंदाज, जानिए कैसे पहचानें खराब गट हेल्थ और क्या खाएं

अगर आपका पाचन तंत्र सही से काम नहीं कर रहा तो शरीर कुछ संकेत देता है। इन्हें नजरअंदाज करने से परेशानी बढ़ सकती है।

  • सीने में जलन यानी हार्टबर्न।
  • पेट में गैस।
  • पेट फूलना या ब्लोटिंग।
  • कब्ज यानी कॉन्स्टिपेशन।
  • बार-बार दस्त लगना।
  • लगातार थकान रहना।
  • स्किन पर दाने या रैशेज निकलना।

ये सभी लक्षण बताते हैं कि आपकी गट हेल्थ बिगड़ चुकी है और खानपान पर ध्यान देना जरूरी है।

गट हेल्थ को बेहतर बनाने का तरीका

सही डाइट और संतुलित खानपान से आंतों को स्वस्थ रखा जा सकता है। अलग-अलग तरह के फूड्स खाने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और आंतों की कार्यप्रणाली दुरुस्त रहती है।

डाइट में क्या शामिल करें

फल और सब्जियां

फल और सब्जियां फाइबर से भरपूर होती हैं। ये पाचन क्रिया को बेहतर बनाती हैं और पेट को साफ रखने में मदद करती हैं। कोशिश करें कि दिन में पांच से सात सर्विंग फल और सब्जियां खाएं। प्लेट पर अलग-अलग रंग की चीजें शामिल करें। इसे रेनबो डाइट कहा जाता है। ताजी फल-सब्जियां सबसे अच्छी होती हैं, जबकि फ्रोजन चीजों से परहेज करना चाहिए।

साबुत अनाज

साबुत अनाज यानी होल ग्रेन्स गट हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं। इनमें भरपूर फाइबर होता है। डाइट में इन्हें शामिल करें।

  • ओट्स।
  • जौ।
  • राई।
  • बाजरा।
  • क्विनोआ।
  • ब्राउन राइस।
  • फर्मेंटेड फूड्स

फर्मेंटेड चीजों में अच्छे बैक्टीरिया पाए जाते हैं जिन्हें प्रोबायोटिक्स कहा जाता है। ये गट हेल्थ को मजबूत बनाते हैं।

  • दही।
  • केफिर यानी दही जैसा ड्रिंक।
  • कॉम्बुचा यानी फर्मेंटेड चाय।
  • सॉरक्रॉट यानी गोभी का अचार।
  • किम्ची।
  • मिसो।
  • प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स

ये गट में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं। डाइट में इन चीजों को शामिल करें।

  • लहसुन।
  • प्याज।
  • आर्टिचोक।
  • केला।
  • सेब।
  • ओट्स।

किन चीजों से करें परहेज

कब्ज और गैस को न करें नजरअंदाज, जानिए कैसे पहचानें खराब गट हेल्थ और क्या खाएं

कुछ चीजें गट हेल्थ को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाती हैं। इनसे दूरी बनाना जरूरी है।

  • ज्यादा नमक वाली चीजें जैसे चिप्स और प्रॉसेस्ड मीट।
  • पैक्ड फूड जिनमें प्रिजर्वेटिव मौजूद होते हैं।
  • ऑयली फूड जो गैस, अपच और दस्त का कारण बन सकते हैं।
  • आर्टिफिशियल स्वीटनर जिन्हें पचाना मुश्किल होता है।

रेड मीट, जिसे हफ्ते में केवल दो बार ही खाना चाहिए क्योंकि ज्यादा सेवन दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है।

बदलती आदतों से बिगड़ती गट हेल्थ

आजकल लोग ज्यादा देर तक बैठकर काम करते हैं, नींद पूरी नहीं लेते और तनाव में रहते हैं। इन सबका असर भी गट हेल्थ पर पड़ता है। असंतुलित जीवनशैली और फास्ट फूड का कॉम्बिनेशन पाचन तंत्र के लिए सबसे बड़ा दुश्मन है। यही वजह है कि गैस, कब्ज और पेट फूलने जैसी समस्याएं अब आम हो चुकी हैं।

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