Kerala Landslide and Floods: भारी बारिश से केरल में तबाही, भूस्खलन में 3 की मौत

केरल में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें कम से कम 3 लोगों

केरल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई जिलों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। सबसे अधिक प्रभावित पहाड़ी जिला इडुक्की रहा, जहां शनिवार तड़के हुए भूस्खलन में एक महिला की मौत हो गई।

तिरुवनंतपुरम: केरल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जबकि भूस्खलन की घटनाओं ने स्थिति को और चिंताजनक बना दिया है। अधिकारियों के अनुसार, भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन और संबंधित घटनाओं में कम से कम तीन लोगों की मौत हो चुकी है। राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चला रहे हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और आने वाले समय में भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

इडुक्की जिले में भूस्खलन से महिला की मौत

सबसे गंभीर घटनाओं में से एक इडुक्की जिले के अडूरमाला क्षेत्र में सामने आई, जहां शनिवार तड़के हुए भूस्खलन में एक महिला की जान चली गई। प्रशासन के अनुसार, भूस्खलन का मलबा सीधे एक घर पर गिरा, जिससे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों और बचावकर्मियों की मदद से महिला के पति और बेटे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। 

दोनों घायल बताए गए हैं और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), अग्निशमन विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान चलाकर मलबे से शव बरामद किया। इडुक्की के अन्य पहाड़ी क्षेत्रों से भी भूस्खलन की खबरें सामने आई हैं, जिससे कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं और यातायात प्रभावित हुआ है।

कोट्टायम में बाढ़ और जलभराव से बिगड़े हालात

पड़ोसी कोट्टायम जिले में भी भारी वर्षा ने व्यापक असर डाला है। इरट्टुपेट्टा, कंजीरापल्ली, कूट्टिकल और एरुमेली सहित कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। कई आवासीय क्षेत्रों में पानी घुसने के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कुछ स्थानों पर जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण प्रशासन को यातायात रोकना पड़ा। 

बचाव दलों ने स्थानीय निवासियों की सहायता से घरों और इमारतों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। अधिकारियों के अनुसार, कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है, जिससे राहत कार्यों में भी चुनौतियां सामने आ रही हैं।

अन्य जिलों में भी भूस्खलन और नुकसान

केरल के विभिन्न हिस्सों से भूस्खलन की कई घटनाएं दर्ज की गई हैं। कुछ इलाकों में पहाड़ी ढलानों से मलबा गिरने के कारण सड़कें बंद हो गईं, जबकि कई घरों को नुकसान पहुंचा है। वागामोन क्षेत्र में भी एक व्यक्ति की मौत की सूचना मिली है। इसके अलावा कुछ अन्य क्षेत्रों में लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका के चलते तलाशी और बचाव अभियान जारी है।

पथनमथिट्टा जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में भी लगातार बारिश के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

नदियों का बढ़ा जलस्तर, बांधों पर निगरानी

भारी बारिश के कारण कई नदियों और जलधाराओं का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। कुछ क्षेत्रों में पुल पानी में डूब गए हैं, जबकि निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कुछ छोटे बांधों के गेट खोलने का फैसला किया है ताकि अतिरिक्त पानी को सुरक्षित तरीके से छोड़ा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने केरल के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना बनी हुई है, जिससे भूस्खलन, बाढ़ और जलभराव का जोखिम और बढ़ सकता है। इसके अलावा कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट भी लागू किया गया है। प्रशासन ने स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों को एहतियात के तौर पर बंद रखने जैसे कदम उठाए हैं।

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